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महिला आयोग ने ट्विटर को दिए ”मणिपुर” के वीडियो हटाने के निर्देश : रिपोर्ट

मणिपुर के कुकी-ज़ोमी समुदाय से आने वाली दो महिलाओं को मैतेई बहुल थोबल ज़िले में निर्वस्त्र कर परेड कराने का वीडियो वायरल होने के बाद मुख्य अभियुक्त समेत दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

ये घटना चार मई को हुई थी जिसमें कुकी समुदाय की दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराया गया. इनमें से एक महिला के साथ कथिप रूप से गैंगरेप भी किया गया.

चार मई को हुई इस घटना की एफ़आईआर 18 मई को दर्ज की गई थी. बुधवार को सोशल मीडिया के ज़रिए घटना का वीडियो सामने आया जिसके बाद गुरुवार को इस केस में पहली गिरफ्तारी हुई.

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस घटना को इंसानियत के ख़िलाफ़ अपराध बताया और अपराधियों को फांसी की सज़ा दिए जाने की मांग की है.

गुरुवार को मॉनसून सत्र के पहले दिन भारी हंगामे के बाद संसद के दोनों सदनों को शुक्रवार को 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

विपक्षी पार्टियों ने मणिपुर पर बहस के लिए लोकसभा में नियम 193 के तहत और राज्यसभा में नियम 176 और 267 के तहत नोटिस देते हुए सैद्धांतिक तौर पर इस मुद्दे पर बहस कराने की मांग की है.

इस बीच सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है.

मणिपुर की राज्यपाल अनुसूइया उइके ने कहा कि अपराधियों को पकड़ने और उन्हें सज़ा देने के लिए उन्होंने डीजीपी को निर्देश दिए हैं और उन पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई के लिए कहा है जो संबंधित पुलिस स्टेशन में तैनात थे.

इस घटना को लेकर 18 मई को कांगपोकपी ज़िले में एफ़आईआर दर्ज की गई. इसके बाद इस केस को संबंधित पुलिस थाने थोबल में भेज दिया गया.

एफ़आईआर के अनुसार, मैतेई बहुल इलाके में जब कुकी के गांव को जला दिया गया तो ये महिलाएं अपने परिवार के साथ जान बचाकर भागीं और पुलिस ने उन्हें बचाया लेकिन पुलिस जब उन्हें लेकर जा रही थी तब एक भीड़ ने पुलिस की सुरक्षा घेरे से उन्हें खींच लिया.

एफ़आईआर के अनुसार, एक महिला के पिता और भाई की उनके सामने हत्या कर दी गई और फिर महिला का सरेआम गैंग रेप किया गया.

राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लिया है और ट्विटर को इसके वीडियो अपने प्लेटफॉर्म से हटाने के निर्देश दिए हैं.

इस बारे में आयोग ने ट्विटर के पब्लिक पॉलिसी विभाग को औपचारिक रूप से निर्देश दिए हैं.

महिला आयोग का कहना है कि इस वीडियो से पीड़िता की पहचान ज़ाहिर हो रही है और ये दंडनीय अपराध है.

वीडियो के वायरल होने के बाद मणिपुर के हालात को लेकर देशभर में गुस्से का माहौल है. .

प्रधानमंत्री ने मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले आज संसद के बाहर मीडिया से बातचीत में मणिपुर घटना पर दुख प्रकट किया और कहा, “पाप करने वाले कितने हैं, कौन हैं वो अपनी जगह है, पर बेइज्जती पूरे देश की हो रही है. 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार होना पड़ रहा है. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा”

विपक्षी दलों ने मणिपुर हिंसा को लेकर मोदी सरकार को घेरा और सवाल उठाएं हैं कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर क्यों नहीं जा रहे हैं.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “मणिपुर जल रहा है, महिलाओं का बलात्कार हो रहा है, उन्हें निर्वस्त्र घुमाया जा रहा है और पीएम ख़ामोश बैठे हुए हैं और बाहर बयान दे रहे हैं.”

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सांसद जया बच्चन, उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी, शिवसेना, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, राजद नेता और बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं ने घटना की निंदा की है और सरकार पर कोई ठोस कदम ना उठाने का आरोप लगाया है..