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मोदी इस सदी का नंबर वन कमज़ोर और डरपोक इंसान हैं : सरदार मेघराज सिंह का लेख पढ़िये!

Meghraj Singh
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मोदी इस सदी का नंबर वन कमज़ोर और डरपोक इंसान हैं ।
मोदी ने BBC के दफ्तरों पर इनकम टैक्स के छापे क्यों मरवाए ।
अगर ध्यान से देखा जाए पूरे विश्व के अंदर सबसे पुराना या सबसे पहला मीडिया BBC है जो सच हक़ की आवाज़ उठाता है ।
भारत को आज़ाद हुए तक़रीबन 75 साल हो चुके हैं ।


और मेरे अंदाज़ के अनुसार आज तक BBC की दफ्तरों के ऊपर कभी भी इनकम टैक्स के छापे नहीं लगे ।
पिछले महीने BBC ने मोदी की दो पार्ट में वीडियो यू ट्यूब पर अपलोड किए थे उसके बाद मोदी के चेले BBC के पीछे पड़ गए और उनके ख़िलाफ़ पूरा झूठा प्रचार प्रसार शुरू कर दिया ।
मोदी बहुत ग़ुस्से में था मोदी ने अपने ग़ुस्से को शांत करने के लिए BBC के दफ्तरों के ऊपर इनकम टैक्स के छापे मरवाए ।
मोदी ने BBC के दफ्तरों पर इनकम टैक्स के छापे मरवाकर ख़ुद की बदनामी ख़ुद ही कर ली ।
शायरी
डरपोक और कमज़ोर इंसान ही अपने ग़ुस्से को शांत करने के लिए दूसर लोगों को परेशान करते हैं ।
निडर और ताक़तवर इंसान अपने ग़ुस्से को ख़ुद शांत करके दूसरों को भी शांत रहने की शिक्षा देते हैं ।
कमज़ोर और डरपोक इन्सान के हाथ में अगर सियासी ताक़त आ जाए तो वह दूसरों को परेशान करने के लिए उस ताकत का इस्तेमाल करते हैं ।
निडर और बेख़ौफ़ लोगों के हाथों में अगर सियासी ताक़त आ जाएं तो वह दूसरों के फ़ायदे के लिए उस ताक़त का इस्तेमाल करते हैं ।
नोट —-झूठे इंसान इन बातों को कभी नहीं समझ कर पाएंगे सच्चे इंसान ही इन बातों को समझ सकते हैं ।
वॉट्सऐप नंबर+13474654233
( M S Khalsa

दीपक कुमार दीक्षित दीक्षित
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आज उज्जैन के महाकाल लोक में 21 लाख दिए जलने हैं। एक रुपए का दिया और एक रुपए का तेल केवल इस हिसाब से भी जोड़ें तो 42 लाख का खर्च बैठता है।
अगर दिया जलाने लोग भी 21 लाख आ जाएं तो इतने लोगों के अनुपात में कुल खर्च का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
वैसे खर्च वर्च की कोई बात ही नहीं है। उज्जैन कोई गरीब नहीं है। लेकिन एक बात तो ध्यान में आती ही है कि उज्जैन में स्कूल की छत गिर जाती हैं। अस्पताल के लिए लोग कहां कहां नहीं भागते।
देखते देखते उज्जैन महाकाल की शांत अलसाई नगरी से टूरिस्ट प्लेस बनता जा रहा है। क्या उज्जैन को भी कमाऊ बनाया जा रहा है?
क्या उज्जैन में उतनी शांति और हरियाली और वैसा साफ़ सुथरा नदी तट बचा नहीं रहा आना चाहिए जितना लोगों के सर्वाधिक प्रिय और आराध्य शिव को प्रिय है?
महाशिवरात्रि की मंगलकामनाएं…
Shashi Bhushan

डिस्क्लेमर : लेखक के निजी विचार हैं, तीसरी जंग हिंदी का कोई सरोकार नहीं है