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मोदी सरकार की नकारात्मक छवि दिखाने वाले पत्रकार हो जाएं होशियार : ब्लैक लिस्ट बनना शुरु, पहला शिकार हुए अंगद सिंह : रिपोर्ट

भारत की केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि अमेरिका के वाइस न्यूज़ के पत्रकार अंगद सिंह को ओवरसीज़ सिटीज़न ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्डधारक होने के बावजूद काली सूची (ब्लैक लिस्ट) में डाला गया है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका के वाइस न्यूज़ के पत्रकार अंगद सिंह को अगस्त 2022 में दिल्ली में उतरने के तीन घंटे के अंदर वापस भेज दिया गया था और ओवरसीज़ सिटीज़न ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्डधारक होने के बावजूद उनके भारत आने पर पाबंदी लगा दी गई थी, जिसके ख़िलाफ़ उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख़ किया था। सरकार के अनुसार, उन्हें पत्रकारिता वीजा प्राप्त करने से संबंधित आवेदन में तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने और कुछ मानदंडों का उल्लंघन करने के चलते काली सूची में डाला गया है। अदालत ने केंद्र सरकार के वकील को इस संबंध में हलफनामा दायर करने को कहा है। अदालत ने यह भी बताने को कहा कि क्या याचिकाकर्ता को कोई कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

इस बीच मोदी सरकार ने अदालत में दलील दी है कि अंगद सिंह ने ‘इंडिया बर्निंग’ नामक डॉक्यूमेंट्री में भारत को ‘नकारात्मक तरीक़े’ से चित्रित किया था। पत्रकार की ओर से पेश वकील स्वाति सुकुमार ने दलील दी कि नागरिकता क़ानून के प्रावधानों के तहत ओसीआई कार्ड धारकों के पास धारा 7बी (2) के तहत उल्लिखित कुछ अधिकारों को छोड़कर भारत के संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त सभी अधिकार होते हैं। वकील ने दावा किया कि अंगद सिंह का ओसीआई कार्ड अब भी वैध है और केंद्र द्वारा दायर जवाबी हलफनामे के अनुसार, हालांकि उन्हें काली सूची में डाल दिया गया है, लेकिन उनका ओसीआई कार्ड रद्द नहीं किया गया है। वहीं अंगद सिंह की अदालती कार्यवाही से एक बात जो सामने आई है वह यह है कि मोदी सरकार ने पत्रकारों की ब्लैक लिस्ट तैयार करना शुरु कर दिया है। अब जो भी नरेंद्र मोदी की छवि को ख़राब करने की कोशिश करेगा उसे न केवल ब्लैक लिस्ट किया जाएगा बल्कि देश में प्रवेश की भी इजाज़त नहीं होगी।