विशेष

युद्ध करके रूस ने बहुत कुछ पाया है, अमेरिका-यूरोप और यूक्रेन ने बहुत कुछ गवाया है!!रिपोर्ट!!

My country mera desh
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अमेरिका में डॉलर की कीमत गिरने से बचाने के लिए फेडरल बैंक ने ब्याज़ दर भारी मात्रा में बढ़ा दी, मगर महगाई चरम पर है जो बढ़ती जायेगी
ब्याज दर बढ़ने से सोने की कीमत में कुछ कमी आई मगर और फिर ऊंचाई छू लेगा अमेरिका नहीं रोक पाएगा!

ब्रिटेन में पोंड की स्थिति बहुत खराब हो चुकी है 40 साल के सबसे निचले स्तर पर है, महंगाई 50 साल की चरम सीमा को पार कर गई है हर चौथा ब्रिटिश अपना बिजली का बिल पे करने में असमर्थ हो चुका है! जर्मनी फ्रांस महंगाई से त्रस्त है जनता में उबाल आ रहा है ऑस्ट्रेलिया में महंगाई को लेकर भारी ही प्रदर्शन हुए हैं!

इसके विपरीत रूस में न कोई प्रदर्शन है ना महंगाई की चर्चा, ना रूबल डीवैल्यू हुआ न खाद्यान्न वस्तुओं में कमी आई, पहले हफ्ते में ही एयर स्ट्राइक करके यूक्रेन पर कब्जा जमाने वाला रूस अब जमीन पर यूक्रेन में डिमिलिटराइजेशन डी नव नाज़ी सफलता कर रहा है!

डीपीआर एलपीआर राज्य अलग बना चुका है अगर रोज यही युद्ध विराम की घोषणा भी कर दे तो भी जीत रूस की ही होगी, क्योंकि युद्ध करके रूस ने बहुत कुछ पाया है अमेरिका यूरोप और यूक्रेन ने बहुत कुछ गवाया है! आप सभी यह बात अच्छे से जानते हैं कि तमाम बड़े हथियार एयर स्ट्राइक जमीनी फौजियों को जमीन पर उतारने तक काम आती है उसके बाद उस जमीन पर कब्जा पैदल सेना को ही करना पड़ता है जो कि एक छोटे से टुकड़े पर भी कई साल तक यह कार्रवाई चल सकती है!


मिसाल के तौर पर अमेरिका ने एयर स्ट्राइक करके अफगानिस्तान पर 24 घंटे में ही अपना कब्जा जमा लिया था मगर अगले 20 साल तक अफगानिस्तान पर नियंत्रण नहीं कर पाया और यहां तक के हार कर वापस जाना पड़ा! तो उसके पास कोई जादू नहीं है कि वह किसी दूसरे देश के इलाकों पर कब्जा करके और जादू की छड़ी से उनके मेमोरी को डिलीट कर दें और उन्हें अपने नागरिक घोषित करके वफादारी वसूलने!

जितने टीवी मीडिया पर पत्रकार विशेषज्ञ एक्सपर्ट यहां तक की फौज से जुड़े हुए लोग भी जिस तरह की बातें टेलीविजन पर कर रहे हैं यह एक भोंडा मजाक है इस से ज्यादा कुछ भी नहीं! पूरी दुनिया मिलकर यूक्रेन में अपने लोग भेज रही है हथियार भेज रही है उसके बावजूद और रूस एक स्ट्रैटेजिक मूव लेते हुए अपने कब्जे बढ़ा रहा है! उसे कोई नहीं रोक पा रहा है

पुतिन का अपना डिक्लेरेशन यह है कि मेरी फौज का एक बहुत मामूली सा हिस्सा यूक्रेन में है उसमें भी हमारे अनुबंधित फौजी ज्यादा है यानी रेगुलर फौज बहुत कम है यहां यह बताना भी जरूरी होगा कि रूस ने पहले कीव को घेरे में लेकर खार्कीव और खैरसॉन डॉनबॉस रीजन पर अपनी फॉजो को फैला कर कब्जा कर लिया,

इन इलाकों में अपनी स्थिति को मजबूत करते हुए अब खारकीव से पीछे हट कर डॉनबॉस्क इलाकों को पूर्ण डिमराइजेशन व नवनाज़ि से कीलीन करने का मूव ले लिया है, ब्लैक सी रीजन पर कंप्लीट कंट्रोल रूस को हासिल है ओडिशा और तमाम पोर्ट वह जैसे चाहे अपने कब्जे में लेकर ऑपरेट कर सकता है,
अमेरिका ब्रिटेन जर्मनी फ्रांस मिलकर यूक्रेन की मदद करते हुए इस लड़ाई को दो-चार साल तक खींच सकते हैं मगर यूक्रेन की विजय का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता नाटो देश अगर इस युद्ध को लंबा खींचना चाहेंगे तो वह हमेशा के लिए अपनी स्थिति को खो देंगे क्योंकि इस मौके का फायदा उठाते हुए तुर्की ईरान सऊदी अरब मजबूत होते चले जाएंगे दुनिया को इनकी मदद की जरूरत पड़ती चली जाएगी जो पश्चिमी जगत के लिए सबसे घातक होगा!

क्योंकि अगले 10 साल तक पूरी दुनिया मिलकर तेल का और गैस का अल्टरनेट पैदा नहीं कर सकते हालांकि इस पर काम एजेंडा 2030 के नाम से पहले से ही तैयार है मगर 30 से पहले इसमें कोई बदलाव आने की संभावना नहीं है इसलिए सऊदी अरब का भी अहम किरदार हो जाता है मगर इस वक्त यूरोप की गिरती इंडस्ट्री कटौती के चलते तेल और गैस की खपत का कम होना सऊदी अरब के झुकाव को कम करेगा

चीन भारत मद्धेशिया और अफ्रीकन देश चीन की मदद से तरक्की की राह पर चल निकलेंगे जहां रूस और अरब देशों की तेल की खपत बढ़ाई जा सकती है जोकि बढ़ भी रही है! यूरोप और अमेरिका का बाजार दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है सर्दियों के मौसम में तबाही के कगार पर चला जाएगा!
ऐसे हालात में अमेरिका के पास एक ही रास्ता है भारत चीन पाकिस्तान जापान ताइवान कोरिया सबको युद्ध में धकेल दिया जाए और फिर पुराना तो इस यूट्यूब पर अपने-अपने हितों के समर्थकों का साथ देकर इस युद्ध को जीतने की कोशिश करें और एलान-ए-जंग आर पार का करके!
जो कि अब मुश्किल नजर आ रहा है!

करोड़ बात की एक बात अगर अमेरिका की मदद से रूस को हराया जा सकता तो बशरअल असद इस वक्त सीरिया की सत्ता पर प्रेसिडेंट ऑफ सीरिया नहीं होते, यही अमेरिका के नाटक और इनकी प्रोक्सी सब ने मिलकर 95% सीरिया पर कब्जा कर लिया था रूस अकेला गया और अब पूरे सीरिया पर बाजार असद का कब्जा है,

अगर यह सबूत भी मूर्खों के लिए कम है तो फिर तो ऊपर वाला भी तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता

बाकी नीचे दी मूर्खों की हैडलाइन और बकवास याद रखना हो सके तो इन्हें बार-बार इनकी हैडलाइन याद दिलाना क्योंकि दिन-ब-दिन इसके उल्टी खबर मिलेगी
Wahid naseem