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लाल किले से बोले मोदी….पता नहीं विरोधी और आलोचक समझना क्यों नहीं चाह रहे हैं…तालियाँ तो बजनी चाहिए!!!

Ajit Anjum
@ajitanjum
मोदी दुनिया के पहले और शायद आख़िरी नेता हैं , जो एक हज़ार साल तक का खाका तैयार करना चाहते हैं .यही तो आज उन्होंने लालक़िले से ऐलान किया है .
पता नहीं विरोधी और आलोचक समझना क्यों नहीं चाह रहे हैं …
2047 तक का खाका तो मोदी पिछली बार खींच ही चुके थे .
इस बार 3023 तक ले गए . ठीक है कि थोड़ा पहले भी रुक सकते थे लेकिन उन्हें लगा होगा कि जब बात कर ही रहे हैं तो लंबी की जाए . न भूतो , न भविष्यति टाइप . क्या सौ -दो सौ साल की बात करना . सीधे हज़ार साल की बात करो .
ऐसा सोचना और बोलना ही तो उन्हें पृथ्वीलोक का सबसे स्पप्नदर्शी नेता बनाता है .
यहाँ तो लोग पाँच दस साल आगे तक नहीं सोच पाते हैं .
मोदी जी ने सौ -दो पीढ़ी आगे तक के लिए अगर सोच लिया है , तो तालियाँ बजनी चाहिए कि सवाल उठने चाहिए …?
#PMModiSpeech
#PMModiAtRedFort

Ajit Anjum
@ajitanjum
अब देखो .
हमने तो सिर्फ़ इतना कहा कि संघ के सेनानियों का नाम देश को पता होना चाहिए .
तो लोग नेहरु- नेहरु करने आ गए हैं . नेहरु तो क़रीब नौ साल तक जेल में रहे भी.
अपने सेनानियों का नाम बताने में चिढ़ते क्यों हैं ये लोग ?
1925 में संघ बना . 1947 में देश आज़ाद हुआ .
बीच के 27 साल तक संघ वाले लाठी भांजते रहे . सुबह हर रोज़ पार्कों में कसरत करते रहे .
तो फिर बताने में क्या हर्ज है कि संघ के कितने सेनानी शहीद हुए ?
कितने जेल गए ? कौन- कितने साल तक जेल में रहा ?
संघ के कितने लोग बलिदानी जत्थे में शामिल थे ?
ये बताने में क्या हर्ज है ?
इस सवाल पर आग क्यों लग जाती है इन्हें ?
मोदी और मोहन भागवत को ये सब देश के सामने एक बार रख देने में क्या हर्ज है …..

Ashok Kumar Pandey अशोक اشوک
@Ashok_Kashmir
एक संघी चरणचंपक नेहरूजी का एक पत्र कोट करके कह रहा है कि नेहरूजी यूनियन जैक के लिए राज़ी हो गये थे।

आज़ादी दरवाज़े पर थी, कूटनीति में बहुत कुछ लिखा जाता है, माना नहीं जाता।

कह दिया नेहरूजी ने कि ठीक है इस साल 15 अगस्त को तो नहीं आगे देखेंगे, लेकिन चुपचाप इस प्रस्ताव को काट दिया। फिर शिक़ायत आई तो कह दिया पाकिस्तान से बात करेंगे। इसे टरकाना और टालना कहते हैं।

हुआ क्या? न किसी 15 अगस्त को यूनियन जैक फ़हरा न कभी किसी और दिन को। एक चिट्ठी लेकर उछल पड़ा चरणचंपक दूसरी चिट्ठियाँ नहीं पढ़ पाया? दे देता हूँ चिट्ठी दूसरी जिसमें माउंटबेटन की शिकायत पर उन्हें टरकाया जा रहा है। 1 जुलाई 1948 का इतिहास गवाह है कि माउंटबेटन की ऐसी किसी इच्छा का कोई सम्मान नहीं किया गया, अपना यूनियन जैक लेकर वह लौट गया इंग्लैंड।

वह नेहरू थे, विद्वान, विश्व राजनीति और कूटनीति के मास्टर, आज वाले की तरह समर्पण कर देने वाले नहीं।

तुम हेडक्वार्टर से आए पन्ने खोलो, हम पूरा इतिहास पढ़ाएंगे।

लाल किले से बोले मोदी

भारत ने आजादी के 76 साल पूरे कर लिए हैं और आज वह अपना 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश पांच साल में टॉप तीन अर्थव्यवस्थाओं में होगा. साथ ही कहा कि देश मणिपुर के साथ खड़ा है.

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल के आखिरी स्वतंत्रता दिवस संबोधन में देश की अर्थव्यवस्था, मणिपुर में जातीय हिंसा और अपनी सरकार की उपलब्धियों का बखान किया.

पिछले कई महीने से हिंसाग्रस्त राज्य मणिपुर का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि समूचा देश मणिपुर के साथ खड़ा है और वहां की समस्या का जल्द समाधान होगा. उन्होंने कहा कि मणिपुर बड़ी समस्या से जूझ रहा है. मोदी ने मणिपुर के लोगों को आश्वस्त किया कि इस नाजुक घड़ी में समूचा देश उनके साथ खड़ा है.

मोदी ने कहा, “केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा मणिपुर में शांति बहाली के सभी प्रयास किये जा रहे हैं और इन प्रयासों से वहां शांति लौट रही है. मुझे विश्वास है कि रास्ता जरूर निकलेगा और वहां जल्द शांति बहाल होगी.”

मणिपुर में सबसे पहले 3 मई को जातीय हिंसा की शुरुआत हुई थी और अब तक राज्य में हिंसा के कारण करीब 160 लोग मारे जा चुके हैं व सैकड़ों घायल हुए हैं. हिंसा के कारण कई हजार लोग विस्थापित हुए हैं जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं.

मणिपुर के मुद्दे पर संसद में विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लेकर लाया था और उसने आरोप लगाया था कि सरकार इस मुद्दे को संभालने में विफल रही है. साथ ही उसने वहां राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की थी.

2047 तक विकसित भारत-मोदी
मोदी ने अपने संबोधन में देशवासियों, खास कर युवाओं से आह्वान किया कि भारत को 2047 में विकसित भारत के निर्माण के लिए शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के सिद्धांतों पर काम करें. उन्होंने कहा कि वह भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण की बुराइयों को दूर करने के लिए जुटे रहेंगे. मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी नीति साफ है और नीयत पर कोई सवालिया निशान नहीं है.

मोदी ने कहा, “साल 2047 में जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा तब हमें दुनिया में भारत का ध्वज एक विकसित भारत के तौर पर फहराना है. हमारे संकल्प में रत्ती भर भी कमी नहीं आएगी.”

मोदी ने कहा 75 कि साल के इतिहास में भारत का सामर्थ्य कम नहीं हुआ. जो देश सोने की चिड़िया था, वह 2047 में देश की आजादी के शताब्दी वर्ष में फिर से उसी वैभव से खड़ा होगा. मोदी ने कहा, “पूरे विश्व में 30 साल से कम आयु के सबसे अधिक लोग भारत में हैं.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार से लड़ना उनकी प्रतिबद्धता है. कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “परिवारवाद ने देश के लोगों के अवसर छीने हैं और तुष्टीकरण ने राष्ट्रीय चरित्र को दाग लगा दिया है.”

इकोनॉमी पर क्या बोले मोदी
मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था का भी जिक्र किया और कहा, “आने वाले पांच सालों के लिए मोदी की गारंटी है कि देश टॉप इकोनॉमी में शामिल होगा.”

उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले पांच साल में 13.5 करोड़ से ज्यादा लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है. साथ ही उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने तकनीक और स्टार्टअप के मामले में भारत को दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले कहीं आगे बढ़ाया है. मोदी ने कहा भारत की डिजिटल इकोनॉमी की चर्चा हर ओर है.

मोदी 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर आयोजित समारोह में सफेद कुर्ता और चूड़ीदार के साथ बहुरंगी राजस्थानी बांधनी प्रिंट का साफा पहने नजर आए. साथ ही उन्होंने अपने संबोधन में दावा किया कि अगले साल भी वही लाल किले पर झंडा फहराने आएंगे. अगले साल भारत में आम चुनाव होने हैं और उससे पहले कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिनमें कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान, छत्तीसगढ़ और बीजेपी शासित राज्य मध्य प्रदेश भी शामिल हैं.

आमिर अंसारी

डिस्क्लेमर : लेख//ट्वीट्स में व्यक्त विचार लेखक के अपने निजी विचार और जानकारियां हैं, तीसरी जंग हिंदी का कोई सरोकार नहीं है, लेख सोशल मीडिया से प्राप्त हैं