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वैश्विक भूख सूचकांक में भारत रवांडा, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका से भी पीछे, चिदंबरम ने कहा-हिंदुत्व थोपना और नफरत फैलाना भूख की दवा नहीं है!

वैश्विक भूख सूचकांक में भारत को 107 वें स्थान पर दिखाया गया है।

भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत में ‘भूख’ की स्थिति को बहुत ही गंभीर बताया गया है।

वैश्विक भूख सूचकांक के अनुसार विश्व में भूख की दृष्टि से भारत 107वें स्थान पर पहुंच गया है।  इस हिसाब से अपने पड़ोसी देशों पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार की तुलना में भारत की स्थति ख़राब है।

विश्व में भूख के मामले में जहां पर भारत 107वें स्थान पर है वहीं पाकिस्तान 99वें पर, श्रीलंका 64वें पर, बांग्लादेश 84वें पर, नेपाल 81वें पर और म्यांमार 71वें स्थान पर हैं।  हालांकि कुछ देशों की स्थति भारत से भी ख़राब है किंतु विकास के मार्ग पर बढ़ते भारत के लिए यह अच्छी ख़बर नहीं है।

ग्लोबल हंगर इन्डेक्स की रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने एक ट्वीट में कहा, हिंदुत्व, हिंदी थोपना और नफरत फैलाना भूख की दवा नहीं है। इसके अलावा कार्ति चिदंबरम ने ट्वीट किया, भाजपा सरकार इन आंकड़ों को खारिज कर देगी और स्टडी करने वाले संगठन पर छापा मारेगी।

इसी संदर्भ में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि भारत को पांच ट्रिलियन वाली अर्थव्यवस्था बनाने के बारे में भारतीय जनता पार्टी भाषण देती रहीत है लेकिन विश्व के 107 देश, दिन में दो समय का भोजन उपलब्ध कराने में हमसे बेहतर हैं।