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संसद से एक दिन में 78 विपक्षी सांसद निलंबित : सांसद मनोज झा ने कहा-इससे प्रधानमंत्री मोदी की कमज़ोरी ज़ाहिर होती है!

सांसदों के निलंबन को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कमजोरी जाहिर होती है.

राज्यसभा से आज कुल 45 सांसदों को निलंबित किया गया.

मनोज झा ने कहा, ” मैं भी शुमार हूं उनमें. (इस मैं) बैज ऑफ़ ऑनर (सम्मान पदक) की तरह पहन रहा हूं. मैं निलंबित हूं. जब काला दौर होता है ना तो तानाशाहों को ऐसी ही संसद चाहिए. जहां लोग बकरी के मेमने की तरह में में में.. करते रहें.”

उन्होंने कहा कि ये दौर आगे भी याद किया जाएगा.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मनोज झा ने कहा, “आपसे सवाल पूछ रहे हैं ना साहब. देश की सुरक्षा का मसला है, सिर्फ़ संसद की इमारत का नहीं है. एक आधिकारिक बयान नहीं दे सकते हो. क्या चाहते हो, विपक्ष मुक्त संसद आपने बना लिया. लोकसभा में उतने किए, राज्यसभा में 45 कर दिए. जो बचे खुचे हैं, कल कर देना लेकिन ये दौर याद रखा जाएगा कि जबसे अपने दूसरे टर्म में मोदी जी आए हैं बहुत कमज़ोर हो गए हैं.”

 

 

लोकसभा से 33 और राज्यसभा से 45 सांसद निलंबित, भड़के विपक्षी दल, कौन क्या बोला?

लोकसभा और राज्यसभा से सोमवार को 78 सांसदों को निलंबित कर दिया गया.

लोकसभा से कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी समेत 33 और राज्यसभा से कांग्रेस नेता जयराम रमेश समेत 45 सांसदों को निलंबित कर दिया गया.

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वो (निलंबित सांसद) नहीं चाहते कि सदन ठीक से चले. ये उनकी सोची समझी रणनीति है.

गोयल ने बताया, “राज्यसभा से 34 सांसदों को निलंबित किया गया है. 11 सांसदों का मामला प्रिवलेज कमेटी को भेजा गया है. इस तरह आज 45 सांसदों को निलंबित किया गया है.”

लोकसभा और राज्यसभा से सांसदों के निलंबन पर विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रिया दी है.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपनी बात रखी है और इस कदम को संसद और लोकतंत्र पर हमला बताया है.

उन्होंने लिखा, “सबसे पहले घुसपैठियों ने संसद पर हमला किया फिर मोदी सरकार संसद और लोकतंत्र पर हमला कर रही है.”

Quote Message: निरंकुश मोदी सरकार द्वारा 47 सांसदों को निलंबित करके सभी लोकतांत्रिक मानदंडों को कूड़ेदान में फेंक दिया जा रहा है…विपक्ष-रहित संसद के साथ, मोदी सरकार अब महत्वपूर्ण लंबित कानूनों को कुचल सकती है, किसी भी असहमति को बिना किसी बहस के कुचल सकती है. from मल्लिकार्जुन खड़गे अध्यक्ष, कांग्रेस

निरंकुश मोदी सरकार द्वारा 47 सांसदों को निलंबित करके सभी लोकतांत्रिक मानदंडों को कूड़ेदान में फेंक दिया जा रहा है…विपक्ष-रहित संसद के साथ, मोदी सरकार अब महत्वपूर्ण लंबित कानूनों को कुचल सकती है, किसी भी असहमति को बिना किसी बहस के कुचल सकती है.

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी को एक सलाह देते हुए अपना रोष प्रकट किया है.

Quote Message: मेरी एक सलाह है, मोदी जी को…ये सारा ढोंग छोड़ दें, लोकतंत्र का, सदन का, सत्र का, सांसद का. बंद करें ये सब और अपनी तानाशाही चलाएं. क्योंकि असलियत ये है कि हर वो व्यक्ति जो अपनी लोकताँत्रिक ड्यूटी निभाते हुए लोकतंत्र के मंदिर में सवाल पूछेगा, उसे निलंबित किया जाएगा. from सुप्रिया श्रीनेत प्रवक्ता, कांग्रेस
मेरी एक सलाह है, मोदी जी को…ये सारा ढोंग छोड़ दें, लोकतंत्र का, सदन का, सत्र का, सांसद का. बंद करें ये सब और अपनी तानाशाही चलाएं. क्योंकि असलियत ये है कि हर वो व्यक्ति जो अपनी लोकताँत्रिक ड्यूटी निभाते हुए लोकतंत्र के मंदिर में सवाल पूछेगा, उसे निलंबित किया जाएगा.

सुप्रिया श्रीनेत
प्रवक्ता, कांग्रेस
उन्होंने ये भी कहा कि पीएम मोदी को विपक्ष का चेहरा बर्दाश्त नहीं है.

उन्होंने कहा, “ये कितनी बड़ी विडंबना है कि विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी तक को निलंबित कर दिया. सदन में अगर विपक्ष की आवाज ही नहीं होगी तो सदन और लोकतंत्र का मतलब क्या है?”

 

शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की है.

 

Quote Message: ऐसी तानाशाही नहीं चलेगी. यह देश को स्वीकार्य नहीं है. जनता के विश्वास पर उन्हें यह जनादेश मिला है. उन्हें जनादेश इसलिए मिला क्योंकि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को एक महत्वपूर्ण मुद्दा माना था. लेकिन आज सबसे सुरक्षित इमारत पर हमला हो रहा है. इस पर न तो प्रधानमंत्री बोलते हैं और न ही गृह मंत्री, अगर हमने आपका बयान मांगा तो आपने हमें सदन से निलंबित कर दिया- यह किसी को स्वीकार्य नहीं है. हम इसके लिए लड़ना जारी रखेंगे…अगर हमें निलंबित किया जा रहा है क्योंकि हम (बयान) मांग रहे हैं, तो यह हमारे लिए सम्मान का प्रतीक है. from प्रियंका चतुर्वेदी सांसद, शिवसेना (यूबीटी)

 

ऐसी तानाशाही नहीं चलेगी. यह देश को स्वीकार्य नहीं है. जनता के विश्वास पर उन्हें यह जनादेश मिला है. उन्हें जनादेश इसलिए मिला क्योंकि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को एक महत्वपूर्ण मुद्दा माना था. लेकिन आज सबसे सुरक्षित इमारत पर हमला हो रहा है. इस पर न तो प्रधानमंत्री बोलते हैं और न ही गृह मंत्री, अगर हमने आपका बयान मांगा तो आपने हमें सदन से निलंबित कर दिया- यह किसी को स्वीकार्य नहीं है. हम इसके लिए लड़ना जारी रखेंगे…अगर हमें निलंबित किया जा रहा है क्योंकि हम (बयान) मांग रहे हैं, तो यह हमारे लिए सम्मान का प्रतीक है.

 

 

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राज्यसभा से निलंबित किए जाने वाले सांसदों में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, और केसी वेणुगोपाल आदि शामिल हैं.