दुनिया

हमास को गज्जा से अलग नहीं किया जा सकता, मैं हमास को कभी भी आतंकवादी संगठन नहीं कह सकता : अर्दोग़ान

तुर्किये के राष्ट्रपति ने गज्जा पट्टी के खिलाफ इस्राईल के अपराधों की ओर संकेत करते हुए बल देकर कहा है कि इस्राईली शासक काफी समय पहले से स्वयं का परिचय नस्ली सफाये की भेंट चढ़ने वालों के रूप में करते थे और अब अपने पूर्वजों की भांति हत्यारे बन गये हैं।

समाचार एजेन्सी फार्स प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार रजब तय्यब अर्दोग़ान ने बल देकर कहा कि गज्जा पट्टी में नेतनयाहू सरकार की हत्या व अपराध इतिहास में पंजीकृत हो गये और यह काला धब्बा उन देशों के माथे पर बाकी रहेगा जो किसी प्रकार की सीमा व शर्त के बिना जायोनी सरकार का समर्थन कर रहे हैं और ग़ज़्ज़ा नरसंहार ने इतिहास में नेतनयाहू को अपमानित कर दिया है।

तुर्किये के राष्ट्रपति ने बल देकर कहा कि हमास को गज्जा युद्ध से अलग नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं हमास को कदापि एक आतंकवादी संगठन नहीं कह सकता, मेरे लिए इस बात का कोई महत्व नहीं है कि दूसरे इस बारे में क्या कहते हैं।

उन्होंने गज्जा में होने वाले युद्ध विराम को बंद गली में पहुंच जाने के संबंध में कहा कि यह मानवता प्रेमी समझौता इस्राईल के अड़ियल रवइये के कारण खत्म हो गया। हिब्रू भाषी संचार माध्यमों ने रिपोर्ट दी है कि हमास के साथ नये युद्ध विराम के संबंध में होने वाली वार्ता बंद गली में पहुंच गयी है।

समाचार एजेन्सी रोयटर ने खबर दी है कि मूसाद की एक टीम युद्ध विराम के संबंध में वार्ता करने के लिए कतर की राजधानी दोहा में मौजूद है और कतर की मध्यस्थता से दूसरे इस्राईली बंदियों की आज़ादी के संबंध में नये पैरामीटरों पर ध्यान केन्द्रित किये हुए है।

ज्ञात रहे कि शुक्रवार से अतिग्रहणकारी जायोनी सरकार ने दोबारा अपने पाश्विक हमलों को आरंभ कर दिया है जिसमें सात अक्तूबर से लेकर अब तक शहीद होने वाले फिलिस्तीनियों की संख्या 15240 से अधिक हो गयी है जबकि घायल होने वाले फिलिस्तीनियों की संख्या 40 हज़ार 652 हो गयी है। युद्ध विराम खत्म होने के बाद इस्राईल ने जो पाश्विक हमला आरंभ किया है केवल उसमें 200 से अधिक फिलिस्तीनी शहीद और 650 से अधिक घायल हो गये हैं।