उत्तर प्रदेश राज्य

हमीरपुर : पत्नी ने दांतों से पति का गुप्तांग काट दिया

हमीरपुर जिले में सदर कोतवाली क्षेत्र के टिकरौली गांव में अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए जाने जाने से नाराज़ पत्नी ने मुंह से पति का गुप्तांग काट लहुलुहान कर दिया। जिसे गंभीर हालत में परिजनों ने शुक्रवार को रात को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उसे शनिवार को कानपुर रेफर किया गया।

वहीं, पति की करतूत से नाराज पत्नी ने रविवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर हंगामा किया, जिसे पुलिस ने शांत कराकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया है। टिकरौली गांव निवासी रामू निषाद ( 35) शुक्रवार रात करीब 2.15 बजे घायल अवस्था में अपनी मां के साथ जिला अस्पताल पहुंचा।
यहां डॉक्टरों से अपने गुप्तांग में चोट होने की बात कही। इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. एके सिंह ने उसे लहुलुहान हालत में उसका प्राथमिक उपचार किया। रामू ने डाक्टरों को भ्रमित करते हुए चोट लगने का गलत कारण बताया। वहीं साथ में मौजूद मां ने चिकित्सक को पत्नी द्वारा गुप्तांग में दांत से काटने की बात कही।

पत्नी ने जमीन पर लेटकर किया हंगामा
शनिवार सुबह घायल को चिकित्सकों ने कानपुर रेफर कर दिया। वहीं, रविवार को कलक्ट्रेट परिसर में पहुंची घायल की पत्नी ने जमीन पर लेटकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने महिला को समझा बुझाकर उसे डाक्टरी परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा।

अप्राकृतिक यौन संबंध बनाता था पति
यहां पीड़िता ने डॉक्टर को आपबीती बताई। डॉ. एके सिंह ने बताया कि महिला से प्राप्त जानकारी के अनुसार रामू अप्राकृतिक यौन संबंध बनाता था। घटना के समय गुप्तांग मुंह में होने के दौरान पत्नी का बेहोश हो गई और उसके जबड़े आपस में बंध गए। इससे पति चिल्लाने लगा।
पति-पत्नी के विवाद का मामला सामने आया था

उसकी आवाज सुन बच्चे मौके पर पहुंचे और महिला का जबड़ा दबाकर उससे अलग किया। इससे पति के गुप्तांग से रक्त का स्राव होने लगा। शहर कोतवाल अनूप सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के विवाद का मामला सामने आया था। महिला द्वारा लगाए गए मारपीट की बात पर उसका डॉक्टरी परीक्षण कराया गया। दोनों पक्षों को समझाकर भेज दिया गया है।

यह गंभीर बीमारी
चिकित्सक एके सिंह के अनुसार जो पुरूष अप्राकृतिक यौन संबंध बनाते हैं। सेक्सुअल परिवर्जन के मरीज होते हैं। यह एक गंभीर बीमारी है। ऐसे लोगों सेक्स रोग विशेषज्ञ से इलाज की नितांत आवश्यकता है। ऐसे लोग समाजिक दृष्टिकोण से अच्छे नहीं माने जाते हैं।