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क़ुर्बानी के बदले केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद करने का मशविरा मुसलमानों को गुमराह करने वाला है: मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी

नई दिल्ली: भारत के दक्षिणी राज्य केरल में बाढ़ की वजह से हुए हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 324 हो गई है,राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के शब्दों में कहें तो ‘बीते 100 वर्षों में केरल ने ऐसी तबाही नहीं देखी.’ बाढ़ का पानी कम हो रहा है, लेकिन मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।

जून के पहले सप्ताह में भारत में मॉनसून की शुरुआत हुई थी. केरल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बीते 72 घंटों में तेज़ी से बढ़ी है,एक सरकारी अनुमान के मुताबिक़, बाढ़ के कारण क़रीब सवा तीन लाख लोगों को बेघर होना पड़ा है और ये लोग राज्य में बनाये गए 2000 से अधिक अस्थाई राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

इस भारी तबाही से पीड़ित लोगों की मदद के लिये कुछ लोगों ने सोशल मीडिया मुहिम छेड़ रखी है जिसमें वो ईद उल अजहा(बकरीद) पर क़ुर्बानी ना करने की अपील कर रहे हैं और इसके क़ुर्बानी के जानवर की रकम से केरल के बाढ़ पीड़ित लोगों की मदद करने का मश्विरा दिया है।

सोशल मीडिया फेसबुक पर कुछ लिब्रल मुस्लिम युवाओं ने इस मुहिम को चलाया हुआ है जो क़ुर्बानी से ज़्यादा सवाब का काम केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद को बता रहे हैं,जिसके कारण कुछ लोगों को बड़ी शंका का सामना करना पड़ रहा था,बैचैनी में पड़े हुए थे कि क़ुर्बानी करें या केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद?

इस सम्बन्ध में भारत के मुफ़्ती आज़म,फ़क़ीहुल असर, राष्ट्रीय सचिव ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, महासचिव इंडियन फ़िक़्ह अकेडमी मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने इस मशविरे को मुसलमानों को गुमराह करने वाला बताया है।

मौलाना रहमानी ने कहा कि क़ुर्बानी इस्लाम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है,जिसकी इस्लाम में बहुत अधिक एहमियत है,पैग़म्बर हज़रत इब्राहीम की तरफ से अल्लाह को राज़ी करने के लिये इकलौता बेटे हज़रत इस्माईल की क़ुर्बानी और अल्लाह की तरफ से हज़रत इस्माईल की जगह मेंढा की क़ुर्बानी की यादगार है,अंतिम सन्देष्टा हज़रत मोहम्मद साहब ने इसे सुन्नत इब्राहीमी बताया है।

मौलाना रहमानी ने कहा कि हज़रत मोहम्मद सलल्लाहू अलैही व्सल्लम हर वर्ष क़ुर्बानी किया करते थे,आखरी हज के मौके पर हुज़ूर ने 100 ऊँटनियों की क़ुर्बानी दी थी,सदक़ा करना और गरीबों की मदद करना बहुत सवाब का काम है,लेकिन बकरीद के दिनों में महोम्मद सलल्लाहू अलैहि व्सल्लम के अनुसार क़ुर्बानी सबसे अफ़ज़ल काम है।

मौलाना रहमानी ने अपने लिखित ब्यान में कहा कि कुछ लोग केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिये अपील की जारही है कि मुसलमान इस साल क़ुर्बानी ना करके क़ुर्बानी का पैसा केरल के बाढ़ लोगों को दे दें,ये एक गुमराह करने वाला मशविरा है,क़ुर्बानी का जो सवाब है वो बाढ़ पीड़ित लोगों की मदद करके हासिल नही होसकता है।

मौलाना रहमानी ने कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि वो अलग से बाढ़ पीड़ित भाइयों की मदद की मदद करें,और इसके लिये अलग से ख़र्च करें।