विशेष

छत के एक कोने में रहना झगड़ालू स्त्री के साथ चौड़े घर में रहने से उत्तम है

सुलैमान के नीतिवचनों से बुद्धि
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नीतिवचन 25:24
छत के एक कोने में रहना झगड़ालू स्त्री के साथ चौड़े घर में रहने से उत्तम है।
अकेलापन घिनौनी स्त्री से विवाह करने से बेहतर है। झगड़ा करने वाली पत्नी एक मनुष्य की आत्मा से जीवन को चूस लेती है, और उसे दर्द या गुस्से से सुन्न कर देती है। ऐसी कुछ बातें हैं जिन्हें मनुष्य सह नहीं सकता, और जो सांसारिक शांति को नष्ट कर देती हैं; घृणित स्त्री उनमें से एक है। अपने होने वाले पति से मिलते समय वह सभ्यता का बर्ताव करती है, लेकिन एक बार विवाह हो जाने पर, उसका बेचारा शिकार खुद को वैवाहिक नरक में पाता है (नीतिवचन 30:21-23)।
सुलैमान पुरुष था, और उसने अपने पुत्र को पुरुष के नाते लिखा। वह अकसर घिनौनी और वेश्यावृत्ति करनेवाली स्त्रियों के विषय में उसे चेतावनी दिया करता था। दोनों प्रकार की स्त्रियाँ पुरुषों को बर्बाद कर देती हैं। उसने घिनौनी स्त्रियों को पुरुषों के जीवनों का नाश करते हुए देखा (नीतिवचन 11:22; 12:4; 14:1; 19:13; 21:9,19; 27:15-16)। और उसने वेश्याओं को पुरुषों के जीवनों को बर्बाद करते हुए देखा (नीतिवचन 2:16-19; 5:3-23; 6:24-35; 7:6-27; 9:13-18; 22:14; 23:27-28; सभो 7:25-29). परमेश्वर ने सिद्ध स्त्री के बारे में लिखने के लिए एक राजमाता को प्रेरित किया (नीतिवचन 31:1,10-31)।
सुलैमान जानता था कि परमेश्वर ने स्त्री को पुरुष की सहायता के लिए और उसे प्रसन्न करने के लिए बनाया है (उत्प. 2:18; 1 कुरिन्थियों 11:3,7-9)। विपत्ति तब आती है जब उसे सुख-चैन और प्रोत्साहन देने के लिए नियुक्त साथी ही उसकी सबसे बड़ी शत्रु और बुरा स्वप्न बन जाती है – ऐसी साथी जिससे वह बच नहीं सकता, क्योंकि वह उसके घर में रहती है, उसके दिल को तोड़ती है, उसके जीवन को नष्ट करती है, उसकी आत्मा को उलझन में डालती है, उसके बच्चों को भ्रष्ट करती है, और फिर भी रात में उसके बिस्तर पर खर्राटे लेने की आशा करती है । ओह, कितना भला हो यदि फिर से अविवाहित हो सके, लेकिन बहुत देर हो चुकी है!
इस नीतिवचन में घर की छत क्या है? उन दिनों घरों की छतें सपाट और उपयोगी होती थीं, जिनका उपयोग एकांत के लिए किया जा सकता था, लेकिन जिससे व्यक्ति सभी प्रकार के मौसमों का अनुभव ले सकता था। सूरज आपको तपा सकता था, हवा पीड़ित कर सकती थी, बारिश भीगा सकती थी, और सर्द मौसम आपको ठंडक दे सकता था। लेकिन इस तरह के घर की छत के एक कोने में रहना एक झगड़ालू स्त्री के साथ नीचे रहने से बेहतर विकल्प है, चाहे निवासस्थान कितने ही विशाल और आरामदायक क्यों न हों।
झगड़ालू औरत क्या होती है? यह वह स्त्री नहीं है जो पेशे से मुक्केबाज़ होती है, पड़ोसियों के साथ हाथापाई शुरू करती है, या अपने पति पर दांतों, डंडों या चाकुओं से हमला करती है। यह एक ताना तारने वाली पत्नी है जो किसी मामले को शांत नहीं होने दे सकती, अपनी राय देना बंद नहीं कर सकती, अपने पति के निर्णयों के अधीन नहीं हो सकती, वह जो भी करता है उस पर सवाल उठाए बिना नहीं रह सकती, जब वह बोलता है तो अप्रासंगिक विवरणों को सुधारना बंद नहीं कर सकती, और अन्यथा निर्दयता से उसे खदेड़ती है।
उसके बारे में अन्य नीतिवचन लिखते समय, सुलैमान ने उसका वर्णन करने के लिए चिढ़ने वाली (नीतिवचन 21:19), झगड़ालू (नीतिवचन 19:13; 21:19; 27:15), और सदा टपकना जल (नीतिवचन 19:13; 27:15) जैसे शब्दों का उपयोग किया। यह दुष्ट पत्नी आसानी से नाराज़ हो जाती है, अपने पति के कुछ भी कहने या करने पर विवाद या झगड़ा करती है, और लगातार ताना मारती है। वह बहुत बोलती है, ज़ोर से बोलती है, ज़िद्दी है, हर बात पर सवाल करती है, अपने पति और बच्चों को सुधारती है, छोटी-छोटी बातों के बारे में चिंता करती है, तुरंत बहस करने लगती है, आसानी से रक्षात्मक हो जाती है, पिछली चोंटों को याद रखती है, शायद ही कभी माफी मांगती है, या हार जाने पर स्वयं को धर्मी दिखाती हुई चली जाती है।
आपने इस स्त्री को सुना और देखा है। आप अवश्य ही ऐसी किसी स्त्री से रिश्ता रखते हैं। आशा है, वह पत्नी, मां, बहन, मौसी या नानी के बजाय तीसरी फुफेरी/सौसेरी बहन हो। उसकी दुर्गन्ध छिप नहीं सकती (नीतिवचन 27:15-16)। सुन्दरता की असीमता भी उसकी दुर्गंध को छिपा नहीं सकती (नीतिवचन 11:22)। परिवार जानता है कि वह घृणित है, और उसका पति जीवन के सबसे बड़े शापों में से एक का शिकार हो गया है (नीतिवचन 30:21-23)। परमेश्वर ने उसे आपके परिवार में आपके पुत्रों को यह सिखाने के लिए रखा कि किस प्रकार की स्त्रियों को अविवाहित मरना चाहिए।
अविवाहित पुरुष! अविवाहित होने पर पश्चात्ताप न कर। अविवाहित रहना इस चिड़चिड़े और घिनौने जीव से विवाह करने से कहीं अधिक बेहतर है। क्यों कई पुरुष काम के आदि होते हैं, या मूर्खतापूर्ण शौक से आसक्त रहते हैं? क्योंकि कहीं भी, कुछ भी करना मां के साथ घर पर रहने से बेहतर है। आपका अकेलापन वैवाहिक जीवन के नरक में पचास वर्षों के क्लेश की तुलना में कुछ भी नहीं है। आनन्द मनाएं! आपका भोजन शांतिपूर्ण है, आपका बटुआ बढ़ रहा है, आपका घर शांत है, और आपका बिस्तर आरामदायक है।
अविवाहित पुरुष! आप क्या कर सकते हैं? विवाह के बारे में सोचने से पहले किसी भी स्त्री को अच्छे से परख लें। आपका जीवन इसी पर निर्भर है। यदि आपको इस बुद्धि पर संदेह है, तो अपनी छत पर एक रात बिताएं, जो कि एक बुरी स्त्री के जितनी बुरी नहीं है। दुर्गंध को सूंघने के लिए होनेवाली पत्नी की मां की जांच करें। हर संभावित पत्नी का अक्सर परीक्षण करें। उस का वर्तमान चिड़चिड़ापन आपको बाद में कुचली हुई आत्मा और बर्बाद जीवन से बचा सकता है। उसे विवाहित पुरुषों के पास ले जाएं, क्योंकि उनकी सूंघने की क्षमता आपसे बेहतर है।
अविवाहित पुरुष! अपने धर्मी पिता पर भरोसा रखें। आपने जितना जीवन बिताया है उससे अधिक समय से उन्होंने विवाहित जीवन बिताया है। उनका अनुभव लाखों के मूल्य है। उनके दिल में आपका सबसे अच्छा हित है। वह लंबे समय के परिप्रेक्ष्य से सोचते हैं। उनके पास अपने फैसले को धुंधला करने वाली कोई भावना नहीं है। उनकी वृषणि आपके अंधा करने वाले स्तर से छोअी हो गई है। मित्र के रूप में उनका दबाव बुद्धिमानी से ब्याह करने में आपकी मदद करना है, तुरंत नहीं। अपनी धर्मी माता पर भरोसा रखें। वह भी उन संकेतों को पहचान सकती हैं जो एक बेटे के जीवन को बर्बाद कर सकते हैं।
अविवाहित पुरुष! जब तक कोई स्त्री अन्य किसी भी बात से अधिक प्रभु का भय नहीं रखती तब तक उससे ब्याह करने का विचार न करें (नीतिवचन 31:30)। बड़ा भय और परमेश्वर के प्रति प्रेम ही केवल दो इरादें हैं जो विवाद करने, लड़ने, खीज़ दिलाने, ताना मारने, सवाल करने, या आपका विरोध करने की महिला की परीक्षा पर जय पाने के लिए मज़बूत हैं। ऐसी स्त्री को ढूंढ़े जो परमेश्वर के सामने कांपती है और यीशु मसीह से प्रम करती है, और ऐसी कलीसिया में दाखिल हों जाए जहां इस प्रकार के नीतिवचन सिखाए जाते हैं। आप वैवाहित सुख की गैरंटी दे सकते हैं!
अविवाहित स्त्री! परमेश्वर की बुद्धि के सामने अपने आप को दीन कर, और अपने हृदय को समर्पित कर दे कि तू ऐसी घिनौनी स्त्री के समान कभी न बने। अपने मन को तैयार कर और हर दिन अपने माता-पिता, अपने शिक्षकों और अपने नियोक्ताओं के लिए हर्षपूर्ण, सहयोगी, क्षमाशील, अनुग्रहपूर्ण, प्रेमी, शांत, शांतिपूर्ण और विनम्र होने का यत्न कर। इस नीतिवचन की दुष्ट स्त्री से घृणा कर। उन पापों से घृणा कर जो उसे दूसरों के लिए इतना घृणित बनाते हैं। जिन पीड़ितों से उसने ब्याह किया और उन्हें बर्बाद कर दिया, उनके लिए दुख मना।
विवाहित पुरुष! आप क्या कर सकते हैं? यदि आपने मूर्खता से विवाह किया है और इस लड़ाकू विवादी से सताए जाते हैं, तो उसे ऐसे चर्च में ले जाएं जहां परमेश्वर के वचन से ऐसी बातें सिखाई जाती हैं, और प्रार्थना करें कि उसके पास उसकी आत्मा के बारे में उसे कायल करने के लिए विवेक का एक अंश बचा हो। यदि आपने एक सौम्य, कोमल और सदाचारी स्त्री से विवाह किया है, तो उसे आज रात खाने पर बाहर ले जाएं।
विवाहित स्त्री! इस नीतिवचन के दर्पण में अपने आप को परख। दूर मत चल जाओ (याकूब 1:21-25)। अपने बारे में आपकी राय भ्रामक और गलत है। हर घिनौनी स्त्री सोचती है कि वह शालीन है – यही वजह है कि वह घिनौनी है! दूसरे आपके बारे में क्या सोचते हैं? क्या आपके कई दोस्त हैं? क्या युवा विवाहार्थी, आपकी बेटियों को खोज रहे हैं, क्योंकि वे आप जैसी महिला को पाने की आशा करते हैं? सत्य और वास्तविकता आपको पश्चाताप या नवीकृत प्रयास की ओर प्रेरित करे।
हर पाठक! ऐसी प्रेमपूर्ण सलाह और अद्भुत बुद्धि के लिए परमेश्वर को महिमा दें। परमेश्वर का प्रत्येक वचन शुद्ध है, और यह प्रेरित ज्ञान युवा पुरुषों को वैवाहिक जीवन के दुख से बचा सकता है। नास्तिक और सत्य के शत्रु चाहे जो कहें, बाइबल आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी पहले थी। महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि क्या युवा पुरुष इस चेतावनी पर ध्यान देंगे, युवा स्त्रियां गलत आचरण से बचेंगी, और विवाहित महिलाएं परमेश्वर से और अपने पतियों से क्षमा मांगेंगी।
क्या इस नीतिवचन को आत्मिक तौर पर लागू किया जा सकता है? यीशु मसीह में प्रत्येक विश्वासी यह सुनिश्चित करें कि वह महिमा के प्रभु के लिए एक सौम्य, कोमल और सदाचारी दुल्हन है, जो उसके वचन, या सेवकों के विरोध में विवाद नहीं करती, प्रश्न नहीं करती, या शिकायत नहीं करती। उसने अपने आनंद के लिए आपसे विवाह किया, इसलिए आप राजा के लिए एक प्रसन्न, स्नेह करने वाला, प्रेमी जीवनसाथी बनने के लिए प्रति दिन जो कर सकें वह करें।