Uncategorized

इन 7 देशों के पास नहीं है अपनी सेना, पुलिस देती है सुरक्षा

Army

ब्यूरो । किसी भी देश के लिए सेना का होना उसकी सुरक्षा के किए रीढ़ के समान मानी जाती है। लेकिन दुनिया में ऐसे कई देश है जिन्होने सुरक्षा के लिए सेना से अधिक पुलिस पर भरोसा जताया और सेना का गठन नहीं किया। हालांकि ऐसे देशों ने अपने स्थानीय पुलिस को आधुनिक और मजबूत बनने को कोई कसर नहीं छोड़ी है। ये है वो सात देश जिनके पास नहीं है अपनी सेना।

1. कोस्टारिका
मध्य अमेरिका में निकारागुआ और पनामा के बीच स्थित कोस्टारिका के पास वर्ष 1948 से पहले अपनी सेना थी। लेकिन 1948 में हुए गृह युद्ध के बाद यहां सेना को हटा दिया गया। क्षेत्रफल के हिसाब से यह देश काफी है, जिसके पास अपनी सेना नहीं है। आंतरिक सुरक्षा के लिए यह देश पूरी तरह पुलिस प्रशासन पर निर्भर है। गौर करने वाली बात यह है कि अपने पड़ोसी देश निकारागुआ से सीमा पर तनाव के बावजूद कोस्टारिका ने सुरक्षा के लिए सेना नहीं बनाई है।

2. पनामा
इस लैटिन अमेरिकी देश में वर्ष 1990 में सेना का प्रावधान खत्म कर दिया गया था। इस सूची के अन्य देशों की तरह ही यहां की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पुलिस पर है।

3. हैती
हैती में सेना ने कई बार निर्वाचित सरकार सत्ता पलट कर पर कब्जा जमा लिया था। दर्जनों बार यहां सैन्य शासन रहा। यही वजह है कि वर्ष 1995 में यहां सेना का प्रावधान खत्म कर दिया गया। हालांकि, यहां एक बार फिर सेना को बनाए जाने की मांग उठ रही है।

4. आइसलैन्ड
आइसलैन्ड के पास अपनी सेना वर्ष 1869 से ही नहीं है। इसके लिए राहत की बात यह है कि इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी नाटो ने ले रखी है। यही नहीं, आइसलैन्ड की सुरक्षा के लिए अमेरिका भी जिम्मेदार है।

5. वैटिकन सिटी
यह दुनिया का सबसे छोटा देश है। पोप के देश वैटिकन सिटी की जिम्मेदारी कागजी तौर पर इटली ने ले रखी है।

6. मॉरीशस
हिन्द महासागर के मोती नाम से जाने वाले मॉरीशस के पास भी अपनी सेना नहीं है। इस छोटे देश के पास करीब 10 हजार से अधिक पुलिस जवान हैं। सुरक्षा की जिम्मेदारी इन्हीं जवानों पर है।

7. मोनैको
आपको जानकर हैरत होगी कि इस देश के पास 17वीं सदी के बाद से ही सेना नहीं है। कहने के लिए यहां दो मिलिट्री इकाइयां हैं। एक इकाई प्रिन्स की रक्षा करती है, दूसरी नागरिकों की। मोनैको की सुरक्षा कि जिम्मेदारी फ्रान्स ने ले रखी है।