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7 साल बाद सभी आरोपों से बरी किए गए कोबाद गांधी

Kobad-Ghandy

नई दिल्ली । साल 2009 में दिल्ली में गिरफ्तार किए गए कोबाद गांधी को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को सभी आरोपों से बरी करते हुए उन्हें बड़ी राहत दी है। माओवादी विचारक कोबाद गांधी घांडी पर नक्सली विचाराधारा को प्रोत्साहित करने का आरोप था।

कोबाद गांधी पर नक्सलवाद को बढ़ावा देने का आरोप था। कौन है कोबार्ड घांडी उत्तराखंड के दून स्कूल से पढ़ाई करने वाले माओवादी नेता कोबाद गांधी मूलतः मुंबई के रहने वाले हैं। उच्च शिक्षा के लिएकोबाद गांधी लंदन भी गए, लेकिन पढ़ाई बीच में ही छोड़कर वे भारत लौट आए। वापस लौटने पर वे अनुराधा शानबाग जोकि मुंबई के एक कॉलेज की छात्रा थी और उनके पिता मुंबई के बड़े वकील थे, नाम की एक लड़की के संपर्क में आए।

समाजशास्त्र से एमफिल के दौरान अनुराधा झुग्गी-झोंपडियों में काम कर रही थी जहां उनकी मुलाकात कोबाद गांधी से हुई। इन दोनों ने 1977 में शादी कर ली। बाद में कोबाद गांधी ने महाराष्ट्र में पीपुल्स वार के लिए काम करना शुरू किया। हालांकि कुछ दिन वहां गुजारने के बाद उन्होंने दंडकारण्य में आदिवासियों के साथ काम करना शुरू किया।