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इस्लामी शिक्षा ना कभी बदली हैं,ना किसी में बदलने की हिम्मत है- इसे क़ुरआन से रोशनी मिलती है : तय्यब एर्दोगान

नई दिल्ली: तुर्की के राष्ट्रपति तय्यब एर्दोगान ने महिला दिवस पर स्पष्ट रूप से कट्टरपंथी समूह को कहा है कि इस्लाम के अहकामात(शिक्षा)ना बदल सकते हैं और ना कभी बदलेंगे,इस्लाम हमेशा हमेश के लिये एक जैसा रहेगा, कोई तरक़्क़ी या टेक्नोलॉजी इसको पुराना या बदल नही सकती।

एर्दोगान ने सम्बोधित करते हुए कहा कि हम इस्लाम मे कोई बदलाव नही लाना चाहते हैं,और ना हम ला सकते हैं ये हमारी ताक़त से बाहर है,हमने दुनिया के सामने क़ुरआन मजीद को पेश किया है और हमेशा करते रहेंगे,उसकी शिक्षा को कोई बदल नही सकता है,लेकिन क़ुरआन से दलील और उसूल निकलते हैं और उन पर अमल करना वक़्त और समय के मुताबिक़ होगा।

इस्लामी शिक्षा में बदलाव की बात करने वालों पर नाराज़गी का इज़हार करते हुए एर्दोगान ने कहा कि मुझे इस सम्बंध में बात करना पसंद नही है लेकिन फिर भी एक मुसलमान राष्ट्रपति होने के नाते जो कुछ ज़िम्मेदारियाँ मुझ पर हैं मैंनें उनको पूरा किया है।

गंदे विचार और बुरी सोच वाले लोग कट्टरपंथी अपने गलत कामों को सही साबित करने के लिये इस्लामी शिक्षा से तर्क देते हैं,उन्हें इस बात का बिल्कुल अधिकार नही है कि वे अपने फायदे के लिये इस्लामी पवित्र मान्यताओं से कुतर्क पेश करके मुसलमानों को बदनाम करें।