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केंद्र ने भगोड़ा आर्थिक अपराध बिल को दी मंजूरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भगोड़ा आर्थिक अपराध बिल को मंजूरी दी है। यह बिल आर्थिक अपराध कर विदेश भागने वाले लोगों की बेनामी संपत्तियों को जब्त करने के लिए लाया गया है।

इस कानून के जरिए भारत से बाहर की संपत्तियों को संबंधित देश के सहयोग से जब्त किया जाएगा। यह जानकारी वित्तमंत्री अरुण जेटली ने दी।

विजय माल्या, नीरव मोदी जैसे आर्थिक अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए इस बिल की लंबे समय से मांग उठ रही थी। आखिरकार केंद्रीय कैबिनेट ने भगोड़ा आर्थिक अपराध बिल 2018 को मंजूरी दे दी।

कैबिनेट मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में अरुण जेटली ने कहा कि भगोड़ा आर्थिक अपराध बिल को मंजूरी देशहित में बहुत जरूरी था। इससे बड़े आर्थिक अपराधियों पर शिकंजा कसने में आसानी होगी।

इसके अलावा वित्तमंत्री अरुण जेटली ने नेशनल फाइनेंसियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी(NFRA) का गठन किया है। लिस्टेड और बड़ी कंपनियों पर यह लागू होगा।ऑडिटर्स और सीए पर इससे शिकंजा कसेगा।

एनएफआरए के तहत चार्टर्ड एकाउंटेंट्स और उनकी फर्मों की सेक्शन 132 के तहत जांच होगी। एनएफआरए स्वायत्त नियामक सस्था के तौर पर काम करेगा।