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तुर्की में एर्दोगान सरकार का तख्तापलट की साज़िश में 33 लोग हुए गिरफ्तार-बाक़ी की तलाश जारी

नई दिल्ली: तुर्की में 2016 में तख्तापलट कर सरकार को अपदस्थ करने की साजिश रचने वाले प्रतिबंधित संगठन से जुड़े 121 संदिग्धों की तलाश शुरु कर दी गई है। तुर्की के 29 राज्यों में यह तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान अबतक 33 लोगों को हिरासत में लिया गया है जिसमें गुलेन नेटवर्क के नेता फेतुल्ला गुलेन की भतीजी फतमनूर गुलेन भी शामिल हैं।

आपको यहां बता दें कि 2016 में तुर्की में तख्तापटल की कोशिश करने वाले आदिल ओकसूज की रिश्तेदार बिल्किस नूर तेतिक हैं और सैन्य तख्तापटल की असफल कोशिश के लिए गुलेन नेटवर्क को जिम्मेदार ठहराया था। इस दौरान 250 आम नागरिकों की मौत हो गई थी जबकि लगभग 2200 लोग घायल हो गये थे।

कौन हैं गुलेन नेटवर्क के नेता फेतुल्ला गुलेन

गुलेन नेटवर्क के नेता फेतुल्ला गुलेन तुर्की के एक मुस्लिम धर्मगुरु हैं। तुर्की में उनके लाखों समर्थक हैं जिनमें आम नागरिक से लेकर न्यायपालिका और पुलिस विभाग के बड़े-बड़े लोग भी शामिल हैं। फिलहाल धर्मगुरु फेतुल्ला अमेरिका के पेनसिल्वानिया में पोकोनो पर्वत इलाके में रह रहे हैं। 75 वर्ष के फेतुल्ला गुलेन राष्ट्रपति एर्दोगान के बेहद करीबी माने जाते हैं लेकिन पिछले कुछ सालों में दोनों के बीच दरार की खबरें सामने आई है। 1999 से गुलेन फेतुल्ला अमेरिका में रह रहे हैं। उनपर देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है।

क्यों बढ़ी गुलेन-एर्दोगान के बीच दूरीयां

एक समय तुर्की के धर्मगुरु गुलेन फेतुल्ला और राष्ट्रपति के बीच गहरा संबंध था लेकिन कुछ साल पहले से दोनों के बीच दूरीयां बढ़ गई थी। 2013 में जब गुलेन के बेहद करीबी समझे जाने वाले एक न्यायिक अधिकारी पर भ्रष्टाचार के चार्ज लगे जिनमें से गुलेन के बेटे बिलाल भी शामिल थे। इस घटना के बाद राष्ट्रपति एर्दोगान ने जवाबी कार्यवाई करते हुए सैंकड़ों अधिकारियों को निकाल दिया था जिनमें कई शीर्ष जनरल भी शामिल थे। फिलहाल तुर्की में इन सब के बीच हालाात सामान्य बना हुआ है।