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सीरियाई सेना ने करी ज़ुल्म की हदें पार- घायलों की मदद रोकने के लिये सड़क का संपर्क काटा, मृतकों की संख्या हज़ारों में

नई दिल्ली: सीरिया में पिछले एक महीना से चलने वाला क़त्लेआम रुकने का नाम नही रहा है ,अपराधियों पर काबू पाने के नाम पर निर्दोष नागरिकों,मासूम बच्चों,को हवाई जहाज़ से बम बरसाकर या ज़हरीली गैस के द्वारा मौत के घाट उतारा जारहा है।

बमबारी के कारण पुरा शहर क़ब्रिस्तान बन गया है,4 लाख के करीब घर तबाह ओ वीरान होचुके हैं,इस वक़्त नागरिक बाहरी मदद के लिये उम्मीद लगाये बैठे हैं खाना पीना के सामान, दवाईयाँ आदि लोग वहां पहुंचा रहे थे कि सूचना आरही है कि घोता में जाने के लिये जिस पुल से होकर जाया करते थे सीरियाई सेना ने उसको तोप से उड़ा दिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सीरियाई सुरक्षा बलों ने पूर्वी घौटा में अपना अभियान तेज करते हुए सबसे बड़े शहर का संपर्क काट दिया है. बता दें कि पिछले 20 दिनों के अभियान में लगभग 1000 से ज्यादा नागरिक मारे जा चुके हैं.सरकारी सैनिकों और सहयोगी मिलिशिया ने 18 फरवरी को पूर्वी घौटा के लिए अपना सैन्य अभियान शुरू किया और आधे से ज्यादा हिस्से में बढ़त बना ली. हिंसा रोकने का वैश्विक आह्वान भी बेअसर रहा.बांटो और आक्रमण करो की रणनीति के तहत हमला करते हुए विद्रोहियों के क्षेत्रों पर कब्जा किया गया।

सरकारी बलों ने शनिवार को डूमा के मुख्य शहर घौटा का संपर्क काट दिया. जंग पर नजर रखने वाले संगठन सीरियन ऑब्जरवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा है कि प्रशासन के लड़ाकों ने पश्चिम की ओर हरास्ता शहर के साथ डूमा की सड़क का संपर्क काट दिया और मिसराबा शहर पर कब्जा कर लिया.ब्रिटेन स्थित संगठन ने कहा,

‘‘शासन के सुरक्षा बलों ने पूर्वी घौटा को तीन हिस्से में बांटा. डूमा और इससे जुड़ा इलाका, पश्चिम में हरास्ता और दक्षिण में बाकी शहर.’’ संगठन ने कहा कि शनिवार को डूमा में चार बच्चों सहित कम से कम 20 नागरिक मारे गए.इसके अलावा लड़ाई वाले शहर में 17 नागरिक मारे गए. ऑब्जरवेटरी के मुताबिक, 219 बच्चों सहित 1031 नागरिक मारे जा चुके हैं और 4350 लोग घायल हो चुके हैं.