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IPS ने कहा, “मोदी जी,दम है तो ‘विकास’ के नाम पर वोट मांगिए ‘राम और अल्लाह’ के नाम पर तो लोग भीख मांगते हैं

नई दिल्ली: भरतीय जनता पार्टी धर्म की आड़ लेकर राजनीति करती है और इसी के द्वारा वो सत्ता के सिंघासन पर बैठी है,लेकिन सच तो ये है कि धार्मिक नारों और झूठे बेबुनियाद वादों को बदलती है तो फ़ज़ीहत झेलनी पड़ती है।

साल 2014 का लोकसभा चुनाव विकास के नाम पर लड़ा गया। मगर जैसे जैसे विधानसभा चुनाव आते गए वैसे वैसे बीजेपी ने चुनाव को धार्मिक लड़ाई में बदल दिया।

जहां उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में शमसान और कब्रिस्तान के नाम पर वोट माँगा गया। वही उपचुनाव से ठीक पहले योगी ने हिन्दुत्व कार्ड खेलते हुए ‘मैं हिन्दू हूँ ईद नहीं मानता’ जैसे बयान दिए।

इस मामले पर गुजरात के पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट ने नसीहत दी है। पूर्व आईपीएस ने लिखा कि प्रधानमंत्री जी, दम है तो काम के नाम पर वोट मांगिए राम और अल्लाह के नाम पर तो लोग भीख मांगते है।

संजीव भट्ट ने ऐसा बयान भी इसलिए दिया क्योकिं केरल में अभी चुनाव की तारीखें भी नहीं घोषित हुई है मगर बीजेपी नेता ने जनसभा में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि जो कांग्रेस को वोट देगा वो राम का समर्थक नहीं अल्लाह का समर्थक होगा।

बीजेपी के कई नेता है जो आये दिन ऐसे कई विवादित बयान देते हुए नज़र आते है। बिहार के विधानसभा चुनाव के वक़्त भी विकास के नाम पर वोट नहीं माँगा गया। बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने यहां तक कहा था की जो बीजेपी को वोट नहीं कर सकता वो पाकिस्तान चला जाये।

विकास के नाम पर वोट मांगने वाली बीजेपी को अब अपने 5 सालों का जवाब देना है। मगर आये दिन मीडिया में राम मंदिर को लेकर चल रही बहस से ऐसा साफ़ दिखाई देता है इस बार का चुनाव विकास के नाम पर नहीं बल्कि धर्म को आगे रखकर लड़ा जायेगा।