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भारत को तबाह होने से बचाने के लिये सभी पीड़ित वर्गों को एकजुट होना पड़ेगा : मौलाना अरशद मदनी

नई दिल्ली:जमीयत उलेमा ए हिन्द की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक केंद्रीय मुख्यालय स्थित मुफ़्ती किफ़ायतुल्लाह हाल में हुई जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने की।बैठक में देश के मौजूदा हालात और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ और जिनपर कार्यकारिणी के सदस्यों ने खुलकर अपनी राय और भावनाओं को व्यक्त किया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मौलाना सैयद अरशद मदनी ने देश के मौजूदा हालात पर कड़ी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों देश विभाजन के समय से भी बदतर और एक तरफ खतरनाक हो गए हैं, जहां संवैधानिक कानून का उन्मूलन खत्म करने की साज़िश होरही है, वही न्याय इन्साफ़ की उज्ज्वल परंपरा भी खत्म कर किया जारहा है।

मक्का मस्जिद विस्फोट के मामले में आरोपियों की सम्मानजनक रिहाई पर मौलाना मदनी ने सख्त अफसोस और दुख व्यक्त किया और कहा कि इस बात का इशारा तो इस सरकार के सत्ता आने कि बाद ही मिल गया था जब मालेगांव बम विस्फोट के मामले में सरकारी वकील के तौर पर पालन करने वाली एक न्यायप्रिय महिला वकील रोहिणी सालियान ने यह कह कर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था कि ANI उन पर केस कमज़ोर करने के लिये दबाव ड़ाल रहा है।

मौलाना मदनी ने कहा कि मक्का मस्जिद मामले में नया फैसला लिया गया है। उस ने यह साबित कर दिया है कि कानून इन्साफ़ भी सरकार की रणनीति का हिस्सा बन चुके हैं,मौलाना मदनी ने कहा कि मौजूदा परिस्तिथि में सिर्फ मुसलमान ही नहीं बल्कि देश के सभी न्यायप्रिय वर्ग भी निराश और हैरान और परेशान है कि आखिर यह देश किस राह पर ले जाने की कोशिश हो रही है।

मौलाना मदनी ने कहा कि देश में महिलाओं और मासूम बच्चियों के खिलाफ यौन अपराध में असामान्य वृद्धि इस बात की खुला खुलासा करता है कि पूरे देश में लॉ एंड आर्डर सरकार के क़ाबू में नही है और सरकार नाकाम साबित होरही है।

मौलाना मदनी ने कहा कि अब समय आ गया है कि जब देश की एकता अखंडता के लिए सभी पीड़ित क्षेत्रों एकजुट हो जाएं क्योंकि अब तभी देश को तबाही से बचाया जा सकता है,मौलाना मदनी ने कहा कि वे खुद किसी विशेष पार्टी के समर्थक हैं और न विरोधी बल्कि उन्हें केवल देश की एकता उसकी सांस्कृतिक परंपरा, एकता और अखंडता ही प्रिय है।

मौलाना मदनी ने कहा कि हम उस मानसिकता के खिलाफ हैं जो देश की एकता और यकजहती की नींव को खोखला करने की साजिशें कर रही हैं हमें तो सबको साथ लेकर चलने और सभी के साथ समान व्यवहार की बात कही गई थी लेकिन तथ्य यह है कि अल्पसंख्यक और विशेष रूप से मुसलमानों के साथ सबसे अधिक भेदभाव का रवैया अपनाया जा रहा है हमारे सामने समस्याओं का अंबार लगा दिया गया है।