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भारत में हर 15 मिनट में एक बच्चा होता है यौन अपराध का शिकार रिपोर्ट में हुआ सनसनी ख़ेज खुलासा

नई दिल्ली: महिलाओं और बच्चों के साथ अपराध की संख्या में रोज़ाना बढ़ोतरी होरही है जिसके कारण देशभर में पाया जारहा है,क्योंकि जम्मू कश्मीर के काठुआ जनपद में एक 8 साल की मासूम बच्ची के साथ जो दरिन्दगी हुई है उसने पूरी दुनिया को तड़पा दिया है।

बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन क्राई (चाइल्ड राइट्स एंड यू ) के एक विश्लेषण के मुताबिक भारत में हर 15 मिनट में एक बच्चा यौन अपराध का शिकार बनता है और पिछले 10 सालों में नाबालिगों के खिलाफ अपराध में 500 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई है।

गुरुवार को जारी रिपोर्ट में यह भी खुलासा किया गया कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध के मामलों में से 50 प्रतिशत से भी ज्यादा महज पांच राज्यों में दर्ज किए गए. इन राज्यों में उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल शामिल हैं.

क्या कहती है क्राई की रिपोर्ट?
इसमें कहा गया, ‘पिछले 10 सालों में नाबालिगों के खिलाफ अपराध में 500 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई और 2016 में 1,06,958 मामले सामने आए जबकि 2006 में यह संख्या 18,967 थी.’

बाल यौन अपराध संरक्षण ( पॉक्सो ) अधिनियम के तहत आने वाले अपराधों के 2016 में हुए विश्लेषण के मुताबिक यौन अपराध देश में बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों का एक तिहाई हिस्सा हैं. रिपोर्ट में कहा गया , ‘‘ यह देखना खतरनाक है कि भारत में हर 15 मिनट में एक बच्चे के खिलाफ यौन अपराध होता है. ’’

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब जम्मू – कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में नाबालिगों के साथ हाल में हुई बलात्कार की घटनाओं को लेकर देश में आक्रोश व्याप्त है. इसमें कहा गया , ‘‘ जहां बच्चों के खिलाफ अपराध के दर्ज मामलों में से 15 प्रतिशत मामले उत्तर प्रदेश के हैं , इसके बाद महाराष्ट्र (14 प्रतिशत ) और मध्य प्रदेश (13 प्रतिशत ) आते हैं.