धर्म

“रमज़ान में रोज़ा रखना कैंसर से लड़ने में सहायक है”जापानी नोबेल पुरुस्कार विजेता वैज्ञानिक ने किया दावा

नबी पाक सल्लाहु अलैही व्सल्लम की हर एक सुन्नत में इंसानियत का भला है जिसको दुनिया धीरे धीरे मां रही है और उसको अपनी ज़िंदगी में अपना रही है,दुनिया के कई बड़े वैज्ञानिकों ने सुन्नत रसूल पर रिसर्च करे हैं तो उनके हैरतअंगेज परिणाम सामने आये हैं।

रमजान उल मुबारक में मुसलमान रोज़ा रखते हैं और जल्दी सुबह से लेकर शाम सूरज डूबने तक कुछ भी नही खाते पीते हैं,खाली पेट रहते हैं और इसको इबादत मानते हैं,और खुशीखुशी इस भूख प्यास को बर्दाश्त करते हैं।रमज़ान में रोज़ा रखने पर वैज्ञानिकों ने रिसर्च किया है जिसके हैरतअंगेज परिणाम सामने आये हैं।

दुनिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक योशिनोरी ओहसुमी को उनके रिसर्च पर नॉबेल पुरुस्कार दिया गया है,जापान के नोबेल चिकित्सा पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक योशिनोरी ओहसुमी का मत है कि रमजान माह के दौरान रोजा रखने से शरीर के कैंसर से लड़ा जा सकता है। योशिनोरी ओहसुमी ने मानव शरीर की कोशिकाओं पर शोधकार्य किया है। उन्होंने अपने शोध में शरीर की उन कोशिकाओं की खोज की है जो शरीर से विषैले तत्व को खत्म व मरम्मत का काम करते हैं।

दरअसल ‘ऑटोफेजी’ शरीर में एक किस्म का रिसायकलिंग प्रोग्राम है, यह शरीर के लिए बेहद जरूरी प्रक्रिया है। ऑटोफेजी की प्रक्रिया में शरीर को कैंसर वायरस सहित विभिन्न प्रकार के बेक्टेरिया और वायरस से लड़ने में मदद मिलती है और साथ ही शरीर से सभी प्रकार के वायरस को रीसायकल करने में मदद मिलती है।

शोध को पेश करने के दौरान योशिनोरी ओहसुमी से किसी ने पूछा कि कैंसर से लड़ने के लिए ऑटोफेजी के लिए क्या सही समय है? ओहसुमी ने जवाब दिया कि शरीर से कैंसर के वायरस को पूरी तरह से मिटा देने के लिए हर साल लगभग 25 से 28 दिनों तक 8 घंटे से 14 घंटे भूखा रहने की आवश्यकता होती है और दुनिया भर में मुस्लिम हर साल 29 से 30 दिन एक महीने तक रोजा रखते है।

रमजान के दौरान रोजा रखना ऑटोफेजी की प्रक्रिया के लिए आदर्श है, जो कैंसर वायरस से लड़ने में मदद करता है। क्या यह आश्चर्यजनक नहीं है कि इस्लाम कितना अच्छा धर्म है? इबादत में भी अल्लाह आपको घातक बीमारी और कई अन्य चीजों से बचा रहा है।

जापानी वैज्ञानिक योशिनोरी ओहसुमी ने कहा कि मुस्लिम का रोजा एक आदर्श है जो इस प्रक्रिया के होने में मदद करेगा। यह वास्तव में प्रेरणादायक है कि रमजान का महीना कितना चमत्कारी है जो सभी इनामों को दोगुना करता है और साथ ही साथ हमें सभी प्रकार की बुराई और बीमारियों से बचाता है