दुनिया

Photos:बैतूलमुक़द्दस की आज़ादी की लड़ाई व्हीलचेयर पर बैठकर लड़ने वाले दोनों पैरों से विकलाँग अबू सलाह गोली लगने से हुए शहीद

नई दिल्ली: फिलिस्तीन में पिछले 70 सालों से कई नस्लों ने अपनी जान की कुर्बानी देकर मस्जिद अक़्सा और पवित्र धरती बैतूल मुक़द्दस की हिफाज़त करी है,56 से अधिक मुस्लिम देश होने के बावजूद मुसलमानों के किब्ला अव्वल की हिफाज़त सिर्फ फिलिस्तीनी मुसलमान कर रहे हैं,जिनके जोश जज्बे और ईमान के सामने इज़राईल और अमेरिका घुटने टेकने पर मजबूर है।

29 वर्षीय फिलिस्तीनी नोजवान फ़ादी अबू सलाह इज़राईल सैनिकों से लड़ते हुए पिछले दिनों गाज़ा पट्टी के एक सेक्टर पर गम्भीर रूप से घायल होगए थे,जिसमें उनकी दोनों टाँगे खत्म होगई थी,डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिये उनकी दोनों टाँगे काट कर ऑपरेशन कर दिया था।

जब अबू सलाह ठीक होगए तो उन्होंने अपनी मोहताज़गी को अपनी कमजोरी नही बनाया बल्कि बैतुलमुक़द्दस की आज़ादी में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और हर एक विरोध प्रदर्शन में अपनी व्हीलचेयर पर बैठकर हिस्सा लेते थे,और अपने फिलिस्तीनी भाइयों का हौसला बढ़ाते थे।

14 मई 2018 को अमेरिका ने येरुशलम(बैतुलमुक़द्दस) में अपने इज़रायली दूतावास का उद्धघाटन किया जिसकी वजह से फिलिस्तीनी मुसलमान उग्र होगए और इसको फिलितसीन के अधिकारों के खिलाफ बताते हुए ,गाज़ा और इजरायल की सीमा पर प्रदर्शन करने लगे टायर और पत्थर फेंकने लगे जिसके बाद इज़राईल ने ड्रोन हमले शुरू कर दिये,जिसमें 52 मुसलमान शहीद होगए हैं और ढाई हज़ार के लगभग गम्भीर रूप से घायल हुए हैं।

शहीद होने वालों में फ़ादी अबू सलाह भी हैं,जिनकी शहादत के बाद आंदोलन और भड़क गया,और निहत्थे फिलिस्तीनी मुसलमानों ने अमेरिकी का विरोध जताया,अबू सलाह की फ़ोटो पूरी दुनिया मे वायरल होरही है,लोग उनकी मौत पर गहरी संवेदना ज़ाहिर कर रहे हैं।