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Video:बीजेपी साँसद ने कहा मोहम्मद अली जिन्ना का भारत की आज़ादी में है योगदान,जहाँ चाहे फ़ोटो लगाओ

नई दिल्ली:पाकिस्तान के क़ाइद आज़म कहे जाने वाले मोहम्मद अली जिन्ना को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नही लेरहा है,बीजेपी के नेताओं सहित अन्य तमाम दल के नेता अलग अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

यूपी के बहराइच से सांसद सावित्री फुले ने विवादित बयान दिया है। सावित्री फुले ने कहा है कि जिन्ना ने भारत की आजादी में योगदान दिया है वो महापुरुष हैं और जहांचाहे वहां उनकी तस्वीर लगाई जाए।

इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने जिन्ना की तारीफ करते हुए तस्वीर लगाने को सही ठहराया था। उन्होंने कहा था कि जिन महापुरुषों का योगदान इस राष्ट्र के निर्माण में रहा है, उन पर उंगली उठाना घटिया बात है।

मौर्य ने कहा कि देश के बंटवारे से पहले इस देश में जिन्ना का भी योगदान है। बता दें कि एएमयू में जिन्ना की तस्वीर को लेकर विवाद चल रहा है। यह विवाद तब उठा, जब अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम ने मामला उठाया।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में मोहम्‍मद अली जिन्‍ना की तस्‍वीर को लेकर पिछले दिनों पैदा हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यूपी में योगी सरकार के मंत्री स्‍वामी प्रसाद मौर्य के बाद अब बीजेपी की बागी सांसद सावित्री बाई फुले ने जिन्‍ना को ‘महापुरुष’ बताया है। उन्‍होंने यह भी कहा कि देश में जहां कहीं भी आवश्‍यकता हो, महापुरुषों की तस्‍वीर लगाई जानी चाहिए।

उनका यह बयान पार्टी लाइन से बिल्‍कुल अलग और यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ की इस संबंध में कड़ी चेतावनी के बाद आया है। विवाद के बीच उन्‍होंने पिछले दिनों दो टूक कहा था कि देश में जिन्ना का महिमामंडन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

योगी की इस चेतावनी के बावजूद यूपी के बहराइच से बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले ने जिन्‍ना को ‘महापुरुष’ बताया। उन्‍होंने गुरुवार को कहा कि जिन्ना देश के महापुरुष थे और आगे भी बने रहेंगे।

बीजेपी की बागी सांसद ने यह भी कहा कि ऐसे महापुरुषों की तस्वीर हर उस जगह लगाई जानी चाहिए, जहां इसकी जरूरत हो। उन्‍होंने आरोप लगाया कि गरीबी, भुखमरी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर ऐसे मामले उठाए जाते हैं।

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सावित्रीबाई फुले पिछले काफी समय से बागी तेवर अपनाए हुए हैं और लगातार पार्टी लाइन से हटकर बयान दे रही हैं। पिछले दिनों उन्‍होंने योगी सरकार के कार्यकाल में यूपी में पिछड़ों की उपेक्षा का आरोप लगाने वाले कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के बयान को सही ठहराया था।

उन्‍होंने साफ कहा कि दलितों को वाजिब सम्‍मान नहीं मिल रहा है और खुद वह भी इसका शिकार हैं। उन्‍होंने इस पर आपत्ति जताई कि उन्‍हें सिर्फ सांसद न कहकर ‘दलित सांसद’ और राष्‍ट्रपति को देश का राष्‍ट्रपति न कहकर दलित राष्‍ट्रपति क्‍यों कहा जाता है।

बीजेपी सांसद के अनुसार, अगर उन्हें पार्टी में उचित सम्मान मिला होता तो वह इस तरह बागी तेवर नहीं अपनातीं।