दुनिया

फिलिस्तीन में घायलों को बचाते बचाते 21 वर्षीय बहादुर नर्स होगई शहीद-पढ़िए उसकी बहादुरी के कारनामे

नई दिल्ली: फिलिस्तीन में लगभग 70 सालों से मुसलमान इज़राइल की गोलियों का सामना कर रहे हैं,और किब्ला ऐ अव्वल की हिफाज़त और दुश्मनों के नापाक मनसूबों को नाकाम कर रहे हैं,अकेले फिलिस्तीन के नोजवान जिस बहादुरी के साथ इज़राइल का मुकाबला करते हैं उसको देखकर इज़राइल के हौश उड़ जाते हैं जिसके बाद वो गोलियों की बौछार करना शुरू कर देता है ,जिसमें मुसलमान शहीद होजाते हैं या ज़ख़्मी होजाते हैं,उन जख्मियों को प्राथमिक उपचार देने के लिये फिलिस्तीन की मेडिकल साइंस की छात्राएँ आगे रहती हैं।

पिछले महीने जब अमेरिका ने इज़राइल की इज़राइल की राजधानी के रूप में येरुशलम को मान्यता दी थी उस समय चालिस हज़ार के लगभग फिलिस्तीनियों ने गाज़ा सीमा पर इज़राइल और अमेरिका का विरोध जताया था जिसके जवाब में इज़राइल ने ड्रोन तथा स्नाइपर्स शूटर्स के द्वारा फिलिस्तीनियों पर हमला किया गया था जिसमें 65 के लगभग फिलिस्तीनी मुसलमान शहीद होगए थे,और तीन हज़ार के लगभग गम्भीर रूप से घायल हुए थे,सीमा पर घायलों को प्राथमिक उपचार देने के लिये 21 वर्षीय फिलिस्तीनी नर्स रज़ान अल नज्जार अपनी मेडिकल टीम के साथ मैदान जंग में मौजूद थी,जिसने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि हमारी टीम सुबह सात बजे से शाम 8 बजे तक मैदान में मौजूद रही और हमने लगभग सैकड़ों मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया था।

जुमें के दिन जब फिलिस्तीनी मुसलमान साप्ताहिक विरोध प्रदर्शन करने के लिये गाज़ा में उतरे तो दूसरों की ज़िंदगी बचाने के लिये जद्दोजहद करने वाली 21 वर्षीय रज़ान अल नज़ार इज़राइली गुप्त गोलीबाज़ों की गोली का निशाना बन गई और किबले अव्वल के लिये शहीद होने वालों में एक नाम और बढ़ गया।

साक्षियों के अनुसार इज़रायली सैनिकों में घात लगाकर रज़ान को निशाना बनाया था और उस पर गोलियाँ बरसाते रहे यहां तक कि वो शहीद होगई,

शहीद रज़ान अल नज्जार फिलिस्तीन के दक्षिणी गाजा पट्टी में खान यूनिस के निकट इज़राइली सीमा से लगे हुए एक छोटे से गांव की रहने वाली थी ,जिसके पिता की एक मोटरसाइकिल स्पेयर पार्ट्स की दुकान थी जो 2014 में इज़राईल की बमाबरी में तबाह होगई थी जब से उनके पिता बेरोजगार थे।

शहीद रज़ान अल नज्जार के पिता अशरफ नज्जार ने बताया कि मेरे छह बच्चों में सबसे बड़ी रज़ान थी जिसने फिलसितीन की आज़ादी के लिये हाईस्कूल के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी और खान यूनुस के हॉस्पिटल में दो साल तक पैरामेडिक के रूप में प्रशिक्षित हुई थी जिसके बाद से वो एक गैर सरकारी संस्था फिलिस्तीन मेडिकल रिलीफ सोसाइटी के साथ मिलकर काम कर रही थी।

रज़ान अल नज्जार की शहादत से पूरे फिलसितीन में मातम मचा हुआ है ,हज़ारों की संख्या में लोग जनाज़े में शरीक हुए हैं,इस युवा नर्स की सेवाओं को कभी फिलसितीन के ऐतिहास में भुलाया नही जासकता है,रज़ान की माँ अपनी 21 वर्षीय बेटी के खून में सने हुए कोट को लेकर रो रही हैं तो वहीं दुनियाभर से इज़राईल की कड़ी आलोचना होरही है।