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UAE में सबसे ज़्यादा लोग कर रहे हैं इस्लाम धर्म क़ुबूल-एक साल में तीन हज़ार से अधिक 69 देशों के नागरिकों ने अपनाया इस्लाम

नई दिल्ली:अरब अमीरात में काम करने वाले लोग इस्लामी शिक्षा से प्रभावित होकर दामन इस्लाम में दाखिल होरहे हैं,मुसलमानों के अख़लाक़ और हुस्न सुलूक इन लोगों के इस्लाम मे दाखिल होने का सबसे बड़ा कारण बन रहा है,दुबई इस दौर में दुनिया की सबसे बड़ी उभरती हुई आर्थिक मंडी बनता जारहा है,जहां कारोबार और नौकरी करने के लिए पूरी दुनिया से लोग जाते हैं।

संयुक्त अरब अमीरात में दारुल बिर के नाम से सामाजिक कार्य करने वाली संस्था लोगों को इस्लाम के बारे में जानकारी उपलब्ध कराते हैं,और उनको इस्लाम के बारे में लिटरेचर पहुंचाने काम करती है,जिसके कारण बड़ी सँख्या में लोग मुसलमान हुए हैं।

दारुल बिर के सहयोग से 69 देशों के 3014 लोगों अपने अलग अलग धर्मों को छडोकर इस्लाम कुबूल किया है,दारुल बिर की तरफ रासुल खेमा में इस्लामिक सूचना केंद्र लोगों को इस्लाम की सही जानकारी और नव मुस्लिम लोगों को आगे इस्लाम सीखने में मदद करता है।

संस्था के अध्यक्ष ने बताया कि हमारे सेंटर पर इस्लाम धर्म क़ुबूल करने वालों में मूल रूप से छह महाद्वीपों के लोग शामिल हैं जिनमें 17 एशियाई, 15 अफ्रीका, 27 यूरोप, दो उत्तरी अमेरिका और 7 दक्षिण अमेरिका और 7 ऑस्ट्रेलिया से हैं”

दारुल बिर सोसाइटी की तरफ से सालभर पूरे शहर में सामाजिक कार्यक्रम कराये जाते हैं जिनमें तमाम वर्ग के लोगों को बुलाया जाता है,और दुनियाभर की 20 से अधिक भाषाओं में इस्लाम की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाती है।

नव मुस्लिम के इस्लाम धर्म क़ुबूल करने के बाद संयुक्त अरब अमीरात इन लोगों को धर्मांतरण करने का सर्टिफ़िकेट देती है,किसी भी व्यक्ति को जबरदस्ती या लालच देकर मुसलमान नही बनाया जाता है,बल्कि जो अपनी खुशी और इस्लामिक शिक्षा से प्रभावित होता है,वो ही इस्लाम धर्म अपनाता है।

दार अल बेर सोसाइटी का कहना है कि वो कई कार्यक्रम चलाते है जिनमे गैर मुस्लिमो को बुलाया जाता है इसमें जो लोग प्रभावित होते है,उनको इस्लाम की किताबे दी जाती है.जो लोग जानकारी चाहते है उनको जानकारी दी जाती है इसके बाद कोई इस्लाम अपनाने की इच्छा रखता है फिर उसे पूरी प्रक्रिया के साथ मुस्लिम बनाया जाता है.इनको इस्लाम अपनाने के बाद एक प्रमाण पत्र भी दिया जाता है।

अरब देशो में UAE को खुले मिजाज़ वाला मुल्क माना जाता है,भारत के बंगाल से यहाँ आई राजा बनर्जी कहते है ये बात सही है कि यहाँ बलपूर्वक धर्म परिवर्तन नही है लेकिन इस्लाम अपनाने के लिए युवाओ को उत्साहित किया जाता है.वो हिन्दू है और चाहती है उनके बच्चे भी हिन्दू रहे लेकिन उन्हें नहीं मालूम वो ऐसा कर पाएंगे.कुछ ऐसा ही ख्याल यूके डर्बन ओह्ल का है वो भी कह रहे है UAE एक अच्छी ज़गह है लेकिन यहाँ पर युवा इस्लाम के प्रति आकर्षित हो रहे है.अब वो भी फिक्रमंद है।