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Video: बजरँग दल ने हिन्दूवादी नेता शिवम की मौत के लिये दीपक शर्मा को बताया ज़िम्मेदार,लगाए आरोप

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर भड़काऊ बातें करने वाले दीपक शर्मा का सड़क ऐक्सिडेंट हुआ था जिसमें वो बुरी तरह से घायल होगए थे,और उसके साथी राष्ट्रीय स्वभिमान दल के जिला संयोजक शिवम वशिष्ठ की मौत होगई थी,कार हादसे में दीपक को भी चोट आई थी।

बजरंगदल के जिला संयोजक प्रशांत मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए दीपक शर्मा को शिवम की मौत का ज़िम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाये हैं,प्रशाँत मिश्रा ने कहा कि “आज मैं शिकोहाबाद में शिवम की मौत के बाद उसके पिता के साथ मुकदमा दर्ज कराने के लिए गया था। वहां पता चला कि शिवम की मौत दीपक शर्मा की लापरवाही से हुई है जो उसे अपने साथ लेकर गया था। इस बात को खुद पुलिस ने बताया।

राष्ट्रीय स्वभिमान दल के जिला संयोजक की सड़क हादसे में मौत पर साध्वी प्राची सोमवार की रात परिजनों को संतावना देने पहुँची तथा दुख की घड़ी में उनका साथ देने हाथरस आई थी जहां साध्वी ने शिवम की माँ और अन्य लोगों से मुलाक़ात करके संतावना दिया।

साध्वी के हाथरस पहुँचने पर बजरँगदल के कार्यकर्ताओं ने शिवम की मौत को लेकर कुछ तथ्य रखने की कोशिश करी जिस पर साध्वी भड़क गई और सनसुना कर दिया जिसके बाद मौके पर मौजूद तमाम कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए साध्वी का घेराव कर लिया जिसके बाद बात हाथापाई और गालीगलौच तक पहुंच गई तो साध्वी अपनी गाड़ी में बैठ शीशा चढ़ाकर भाग निकली।कार्यकर्ताओं ने साध्वी पर अभद्र भाषा प्रयोग करने का आरोप लगाया है।

बजरंग दल के जिला संयोजक प्रशांत मिश्र का कहना है कि वह साध्वी को यह बताना चाहते थे कि प्रथमदृष्टया जिस व्यक्ति ने शिकोहाबाद में हुई दुर्घटना की सूचना पुलिस को दी थी, उस व्यक्ति ने शिकोहाबाद में उन्हें बताया कि दुर्घटना के दौरान शिवम वशिष्ठ बेहोशी की हालत में थे। कार चला रहे दीपक शर्मा स्वस्थ खड़े थे और बातचीत भी कर रहे थे। उन्होंने पहले कार में बैठे अपने परिजनों को टेंपो द्वारा पहले इलाज के लिए भिजवाया।

बेहद गंभीर हालत में शिवम को इलाज के लिए भेजने की जल्दी नहीं की गई। जब तक एंबुलेंस आई, तब तक शिवम के प्राण निकल चुके थे। प्रशांत का कहना है कि इस बारे में सूचना देने वाले व्यक्ति से फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो वह साध्वी प्राची को सुनाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन आरोप है कि साध्वी इस पर भड़क गईं और कार्यकर्ताओं से अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगीं।

साध्वी की बातें सुनकर कार्यकर्ता बिफर उठे। उन्होंने वहां शिवम वशिष्ठ अमर रहें और शिवम वशिष्ठ जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। हंगामा बढ़ते देख वहां पुलिस की अभिसूचना इकाई के अधिकारियों ने साध्वी के काफिले को वहां से रवाना करवा दिया।