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गौरक्षा के नाम पर मुसलमानों की हत्या पर मौलाना महमूद मदनी ने केंद्र सरकार से करी माँग-देखिए क्या कहा ?

नई दिल्ली: राजस्थान के अलवर में गोतस्करी के नाम पर मुस्लिम युवक की पीट पीटकर हत्या किए जाने के मामले में जमीयत उलमा-ए-हिंद समेत उलमा ने कड़ी नाराजगी जताई है। उलेमा का कहना है कि गोरक्षा के नाम पर मुसलमानों की हत्याएं किया जाना निंदनीय है। ऐसे लोगों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।

शनिवार को जारी बयान में जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैय्यद महमूद मदनी ने देश में गोरक्षा और अन्य शीर्षक से जारी मॉब लिंचिंग पर गहरी चिंता जताते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से इसके रोकथाम के लिए सख्त और प्रभावी कानून बनाने की मांग की है।

मौलाना मदनी ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों का हौसला इसलिए बढ़ता जा रहा है क्योंकि वह कानून की गिरफ्त से खुद को सुरक्षित महसूस समझते हैं। पिछले वर्ष भी अलवर में पहलू खान और उमर खान की गोरक्षकों ने पीट पीटकर हत्या कर दी थी।

मगर अफसोस की बात है कि बीते वर्ष पुलिस ने पहलू खान की हत्या में शामिल सात आरोपियों को क्लीनचिट दे दी। उन्होंने कहा कि जाहिर है ऐसी स्थिति में मॉब लिंचिंग को कभी नहीं रोका जा सकता। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत केंद्र सरकार उसके खिलाफ अलग और व्यापक कानून बनाए।

मदनी ने यह भी कहा कि संसद में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने इस बर्बर प्रक्रिया की निंदा और इसे मानवता के खिलाफ बताया, जबकि अलवर में हुई घटना के बाद केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बयान दिया जिसमें उन्होंने आरोपियों का बचाव किया।