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जानिए कब लेंगे इमरान खान प्रधानमंत्री की शपथ ?क्या रहेगा राजनीतिक गठजोड़

नई दिल्ली: इमरान खान भले ही पाकिस्तान की सबसे बड़ी पार्टी तहरीक़ इंसाफ के प्रमुख हों लेकिन उनके पास सरकार बनाने का जादुई आंकड़ा नही है,उन्हें किसी ना किसी दल के सहयोग से सरकार बनानी पड़ेगी,जिसके लिये उन्होंने अपने कवायद तेज़ी से शुरू कर दिये हैं।

पीटीआई नेता नईनुल हक ने बीती रात मीडिया को बताया कि संख्या बल पूरा करने के लिए सलाह-मशविरा जारी है. हक ने कहा, ‘हमने अपना काम कर लिया है और वह (इमरान खान) 14 अगस्त से पहले प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।

तहरीक़ इंसाफ को मिली 116 सीटें

पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) द्वारा घोषित पूरे संसदीय नतीजों के अनुसार पीटीआई को 116 आम सीटें मिली हैं जो साधारण बहुमत से 11 कम हैं. पीएमएल-एन एवं पीपीपी को क्रमश: 64 और 43 सीटें मिली हैं।

संसद के निचले सदन पाकिस्तान की नेशनल असेंबली (एनए) में कुल 342 सदस्य हैं जिसमें से 272 सीटों का चुनाव सीधे तौर पर होता है और सरकार गठन के लिए 172 सीटें हासिल करना जरूरी है।
बहरहाल राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आयी है और राजनीति की बिसात पर पर्याप्त संख्याबल जुटाने के लिये सभी दल खुली बैठकें और गुप्त संवाद कर रहे हैं।

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार दो प्रमुख पार्टियां पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन), संसद में पीटीआई को कड़ी टक्कर देने के इरादे से संयुक्त रणनीति बनाने के लिये आने वाले दिनों में बैठक कर सकती हैं।

वहीं, दूसरी तरफ पीटीआई के जिन नेताओं ने एक से अधिक सीट पर जीत दर्ज की है उन्हें अन्य सीट खाली करनी होगी क्योंकि कानून के अनुसार एक उम्मीदवार एक ही सीट का प्रतिनिधित्व कर सकता है. पीटीआई के अध्यक्ष खान ने पांच सीटों से जीत दर्ज की है, इसलिए उन्हें चार सीटें खाली करनी होंगी।

पूर्व गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान को शिकस्त देने वाले तक्षशिला से गुलाम सरवर खान ने भी दो एनए सीटों पर जीत दर्ज की है इसलिए उन्हें भी एक सीट छोड़नी होगी।

खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री परवेज खटक ने भी नेशनल असेंबली और प्रांतीय असेंबली दोनों सीटों पर जीत दर्ज की हैय इसलिए अगर पीटीआई उन्हें मुख्यमंत्री के पद के लिये फिर से नामांकित करती है तो उन्हें भी एनए सीट छोड़नी होगीय ऐसे में पार्टी की सीटें घटकर 109 हो जाएंगी।

यही वजह है कि पीटीआई नेतृत्व ने अब अन्य छोटे समूहों और निर्दलीय उम्मीदवारों से संपर्क करने का फैसला किया है. पार्टी पहले ही यह घोषणा कर चुकी है कि वह पीएमएल-एन और पीपीपी के साथ गठजोड़ नहीं करेगी।

अनुमान है कि अगर पीटीआई को जीडीए, एमक्यूएम-पी, पीएमएल-क्यू और अवामी मुस्लिम लीग का समर्थन हासिल हो जाता है तब भी यह संख्या 122 हो पायेगी जो जरूरी संख्या बल से 15 कम है. यह आंकड़ा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या से अधिक है।

जिन अन्य पार्टियों का एनए में प्रतिनिधित्व है उनमें तीन सीटों के साथ बलूचिस्तान नेशनल पार्टी-मेंगल (बीएनपी-एम), एक-एक सीटों के साथ जम्हूरी वतन पार्टी, अवामी नेशनल पार्टी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसानियत शामिल है।

पीपीपी और पीएमएल-एन ने चुनाव नतीजों को खारिज किया है. बहरहाल दोनों पार्टियों में सूत्रों ने ‘डॉन’ को बताया कि वे मुत्ताहिदा मजलिस-ए-अमल (एमएमए) द्वारा नेशनल असेंबली के शपथ ग्रहण सत्र के बहिष्कार के आह्वान का समर्थन नहीं करेंगे।