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मॉब लिंचिंग के शिकार पहलू खान के बेटे पर कोर्ट जाने के दौरान जानलेवा हमला-देखिए

नई दिल्ली:कल 29 सितम्बर सुबह 9 बजे के आस पास देश के मशहूर एक्टिविस्ट और इन्साफ़वादी,बेगुनाहों की लड़ाई लड़ने वाले ऐडवोकेट असद हयात ने अपनी फेसबुक वॉल पर एक फोटो शेयर करते हुए कुछ ऐसी जानकारी दी जिससे सनसनी फैल गई,उन्होंने लिखा कि ….

“आज पहलू केस में गवाहों के बयान शुरू होने थे। इसलिए मैं पहलू के पुत्रगण इरशाद , आरिफ और गवाह अज़मत व रफीक़ के साथ कार से बहरोड़ जा रहा था।कार अमजद चला रहा था । नीमराना क्रॉस करने के बाद अज्ञात लोगों द्वारा हमारी कार का पीछा शुरू कर दिया गया और ओवरटेक करते हुए कार को रोकने की कोशिश की गई और फायर भी किया गया ।फायरिंग करते हुए गाड़ी बहरोड़ की तरफ चली गयी । काले रंग की स्कोर्पियी थी जिस पर नंबर प्लेट नहीं थी । इन हालात मैं हमने गाड़ी को वापस यूटर्न से वापस लिया है और अब अलवर ज़िला अधिकारियों के पास जा रहे है। सभी सुरक्षित हैं । गवाही से रोकने के लिए ये कृत्य अपराधियों द्वारा किया गया है।”

अज्ञात बदमाशों ने उस कार पर गोलीबारी की, जिसमें लिंचिंग में मारे गए पहलू खान का बेटा इरशाद और 2017 में हुए इस वारदात का एक अन्य मुख्य गवाह सवार था. ये लोग सुनवाई के लिए राजस्थान के बहरूद में स्थित एक अदालत जा रहे थे. पहलू खान की पिछले वर्ष गायों की तस्करी के संदेह में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इरशाद ने अलवर में मामला दर्ज कराया, जिसमें उसने कहा कि ‘कुछ अज्ञात अपराधियों ने उसकी कार पर गोलीबारी की, जब वे लोग सुनवाई के लिए बहरूद जा रहे थे.’

इरशाद के साथ मामले का मुख्य गवाह मौजूद था, जिसे अपना बयान दर्ज कराने के लिए अदालत के समक्ष पेश होना था. इसके अलावा कार में अजमत, रफीक, आरिफ और मानवाधिकार कार्यकर्ता असद मौजूद थे. इरशाद ने कहा कि सुबह 9 बजे के करीब एक बिना नंबर प्लेट वाली कार उनसे आगे बढ़ गई और कार में सवार एक बदमाश ने उनसे मामले में गवाह के तौर पर अदालत में पेश नहीं होने के लिए कहा।

उसने कहा कि उसे कार को रोकने के लिए कहा गया, जब उन्होंने कार नहीं रोकी तो बदमाशों ने कार पर गोलीबारी की. इसके कुछ देर बाद, बदमाश बहरूद की तरफ चले गए और पहलू खान का बेटा और गवाह अलवर वापस आ गए. अलवर के पुलिस अधीक्षक राजेंद्र सिंह ने कहा कि मामले की पूरी जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि सीसीटीवी से एकत्रित फूटेज की जांच की जा रही है।

यह पूछे जाने पर कि उनलोगों ने अपनी शिकायत बहरूद में क्यों नहीं दर्ज करवाई? इरशाद ने कहा, ‘वे लोग बहुत डर गए थे और इसलिए उन्होंने अपनी कार को अलवर में रोका.’ हालांकि सिंह ने कहा कि उनलोगों ने अपनी शिकायत बहरूद में दर्ज करा दी है. पहूल खान के बेटे ने अधिकारियों से मामले को अलवर या तिजारा स्थानांतरित करने का आग्रह किया और कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, इसलिए मामले की सुनवाई के लिए हर बार बहरूद की यात्रा करना उनके लिए खतरनाक है।