उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ: विवेक के घर गए थे योगी के मंत्री, लोगों ने घेरा तो गाड़ी में बैठ भागे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में क़ानून व्यवस्था पर विवेक तिवारी की हत्या के बाद स्पष्ट होगया है कि प्रमोशन के चक्कर मे खाकी किस तरह का खेल खेल रही है,अलीगढ़ के मामला अभी शांत नही हुआ था कि अब राजधानी में निर्दोष की हत्या करदी गई है।

उत्‍तर प्रदेश की राजधानी में एप्‍पल के एरिया सेल्‍स मैनेजर विवेक तिवारी की हत्‍या से स्‍थानीय लोगों में भीषण आक्रोश है। जिसका समाना उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन को भी करना पड़ा जब वह न्‍यू हैदराबाद स्थित विवेक के घर पहुंचे।

कुछ देर घरवालों से बात करने के बाद जैसे ही टंडन विवेक के शव की ओर मुड़े तो लोगों ने उन्‍हें घेर लिया। सवालों की झड़ी लगी और धक्‍का-मुक्‍की शुरू हो गई। पुलिस ने लोगों को मंत्रीजी से अलग किया तो टंडन ने जैसे राहत की सांस ली। इसके बाद वह पुलिसिया घेरे में अपनी गाड़ी तक पहुंचे और वहां से रवाना हो गए।

टंडन शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे विवेक के घर पहुंचे थे जहां पहले से ही भारी भीड़ मौजूद थी। लखनऊ विश्‍वविद्यालय के छात्र और कांग्रेस के कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे थे। डीएम-एसएसपी को साथ लेकर टंडन एक कमरे में विवेक के परिजनों से मिले। बाहर आए तो विरोध शुरू हो गया। मीडिया ने परिजनों पर दबाव बनाए जाने के आरोप पर सवाल पूछा तो टंडन चुप रहे। गाड़ी की तरफ बढ़े मगर भीड़ के चलते टंडन आगे नहीं बढ़ पाए तो पुलिस ने लाठियां भांज लोगों को खदेड़ा।

विवेक का शव शनिवार सुबह घर लाया गया था। यहां पहले से ही भारी पुलिस बल मौजूद था। पड़ोसी और विवेक को जानने वाले बेहद गुस्‍से में थे। आरोपी पुलिसवालों को फांसी की बात पर जब वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के मानसिक तनाव की बात कही तो लोग भड़क गए। कहा गया कि अगर पुलिस तनाव में रहती है तो क्‍या राह चलते किसी को भी गोली मार देगी। पुलिसकर्मी माहौल समझ चुपचाप किनारे हो गए। तिवारी के घर पर भाजपा के कई स्‍थानीय नेता भी गए थे मगर चुप्‍पी साधे रहे। कई ने तो अपनी पहचान भी इस डर से नहीं बताई कि उन्‍हें विरोध का सामना न करना पड़ जाए।

क्‍या है मामला: गोमती नगर इलाके में शनिवार तड़के 1.30 बजे मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास दो सिपाहियों ने एसयूवी में सवार विवेक तिवारी को गोली मार दी। गोली लगते ही तिवारी का संतुलन बिगड़ गया और उनका वाहन डिवाइडर से टकरा गया। सिर पर गोली लगने के कारण विवेक की मौके पर ही मौत हो गई। यह देखते ही दोनों आरोपी सिपाही मौके से भाग निकले।