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ज़ज़्बे जुनून से मेवात के आबिद हुसैन ने 58 वर्ष की उम्र में जीता वेट लिफ्टिंग में गोल्ड मेडल-भारत का नाम रोशन किया

नई दिल्ली: मलेशिया में अपने जोश, जुनून और जज्बे से एक 58 वर्ष के व्यक्ति ने ऐसी उपलब्धि हासिल की है जो आज के युवा वर्ग के लिए मिसाल है। नूंह शहर के रहने वाले जेबीटी अध्यापक आबिद हुसैन ने मलेशिया में आयोजित वेट लिफ्टिंग प्रतियोगिता के एशियन पेसिफिक मास्टर खेल में 9 सितंबर को गोल्ड मेडल प्राप्त कर न केवल जिले का बल्कि प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है।

इस प्रतियोगिता में एशिया के 38 देशों ने भाग लिया है। प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाला खिलाड़ी भी भारत का ही है। जबकि तीसरे स्थान सिंगापुर को मिला है।

मलेशिया में आयोजित एशिया पैसिफिक मास्टर्स गेम्स 2018 में मेवात के आबिद हुसैन ने वेट लिफ्टिंग की 77 किलोग्राम कैटिगरी में गोल्ड मेडल जीता है।

कामेंड़ा निवासी पेशे से अध्यापक हैं। उनके साथी अध्यापक नाजिम हुसैन ने बताया कि आबिद को वेट लिफ्टिंग का बहुत शौक है। उन्होंने बताया कि वह अपनी तनख्वाह का अधिकांश हिस्सा युवाओं को वेट लिफ्टिंग का प्रशिक्षण देने में लगा देते हैं।

1982 में दिल्ली में हुए एशियाड में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने करियर की शुरुआत करने वाले आबिद ने राष्ट्रीय स्तर पर श्रीनगर में हुई वेट लिफ्टिंग स्पर्धा में आबिद ने पहला स्थान प्राप्त किया था।

उन्होंने पंजाब के पटियाला से एनआईएस का डिप्लोमा किया है और 18 वर्ष तक फिरोजपुर झिरका के युवाओं को प्रशिक्षण दिया। उनसे ट्रेनिंग पाकर कई युवा प्रदेश स्तर पर पदक जीत चुके हैं।

आबिद के पिता जमील अहमद भारतीय स्टेट बैंक से रिटायर्ड हेड गार्ड हैं और उनके तीनों भाई वेट लिफ्टर रह चुके हैं। नूंह कालेज के डीपी अरशद मलिक से आबिद ने ट्रेनिंग ली।