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Video: लखनऊ विवेक हत्याकांड पर ओवैसी की पार्टी ने करी एक करोड़ रुपये और पत्नी को नौकरी की माँग-देखिए

लखनऊ : ऑल इण्डिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैय्यद आसिम वक़ार लखनऊ के गोमतीनगर में एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की पुलिस द्वारा की गई हत्या के बाद उनके घर पहुँचे परिजनों को संतावना दिया और दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े हुए।

आसिम वक़ार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि”जिस आदमी की सैलरी तीन लाख से चार लाख हो उसको इतना गिड़गिड़ाने के बाद,पुकारने के बाद सरकार की तरफ से कुछ नही मिल रहा है,और बहुत कहने के बाद डीएम साहब 25 लाख रुपये का एहसान कर रहे हैं।मैं मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन की तरफ से अपने सदर असद ओवैसी की तरफ से उत्तर प्रदेश की सरकार से ये माँग करता हूँ,कि उनकी बेवा को एक नौकरी जो उनकी एजुकेशन के ऐतबार से हो,उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च,और कम से कम एक करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर दिया जाये।

आसिम वक़ार ने कहा कि मैं इन लोगों से वादा करके जारहा हूँ कि अगला सत्र जो आने वाला है लोकसभा का उसमें मोदी जी को जवाब देना होगा अपनी सरकार के बारे में,उत्तर प्रदेश में जिस तरह से नोजवानों की हत्याएँ होरही हैं,एक खाते पीते घर को एक खुशहाल घर को उजाड़ दिया गया है,इसका हिसाब मोदी जी को देना होगा और योगी जी को देना होगा।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

विवेक की सहकर्मी और घटना की चश्मदीद सना खान ने बताया कि आईफोन की लॉन्चिंग के बाद देर रात उन्‍हें छोड़ने के लिए विवेक तिवारी उनके घर जा रहे थे, इस बीच पुलिसवालों ने उन्‍हें रोकने की कोशिश की लेकिन जब वह नहीं रुके तो सीधे गोली मार दी।

सना खान ने दिल को दहला देने वाली इस घटना के बारे में बताया, ‘रात में हम घर जा रहे थे। इसी बीच सामने से पुलिस वाले आए और उनकी गाड़ी को जबर्दस्‍ती रोकने लगे। सर (विवेक तिवारी) ने गाड़ी नहीं रोकी। उन्‍होंने सोचा कि पता नहीं कौन है जो इतनी रात को रोक रहा है और हम अकेले हैं। इसके बाद पुलिसवालों ने सामने से अपनी बाइक लगा दी और रोकने लगे। इसी बीच दोनों पुलिसवाले बाइक से उतर गए।’

उन्‍होंने कहा, ‘गोली लगने के बाद भी वह गाड़ी चलाते रहे और आगे जाकर जब वह नहीं चला पाए तो वह एक पिलर से टकरा जाते हैं। इसके बाद दोनों पुलिस वहां से फरार हो जाते हैं। कल मैं फोन ले जाना भूल गई थी और मैंने कई लोगों से मदद मांगी कि वे अपना फोन दे दे। मैं रोड पर चिल्‍ला रही थी कि कोई अपना फोन दे दो लेकिन किसी ने मदद नहीं की। इसके थोड़ी देर बाद पुलिस आई।’

बता दें कि इस मामले में दो आरोपी कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी और संदीप को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके खिलाफ हत्‍या का मामला दर्ज जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच के लिए एसआईटी और मैजिस्‍ट्रेट से जांच होगी। घटना रात करीब डेढ़ बजे की है। विवेक तिवारी के पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि उनको बिल्‍कुल पास से गोली मारी गई थी। विवेक तिवारी के सिर में गोली मिली है।