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तुर्की ने लगाया सऊदी अरब पर संगीन आरोप,मोहम्मद बिन सलमान के आलोचक पत्रकार रहस्मय ढँग से है गायब,जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली: तुर्की में सऊदी अरब के दूतावास से लापता पत्रकार का मामला दिन पर दिन बढ़ता जारहा है,इस्तांबुल से लापता पत्रकार जमाल ख़शकुजी के मामले में तुर्की के विदेश मंत्री ने अब सऊदी अरब पर आरोप लगाया है कि इस मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रहा है।

सरकारी अनादोलु समाचार एजेंसी ने विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोग्लू के हवाले से कहा, ‘‘हमें अभी तक सुचारू जांच के क्रम में सहयोग नहीं दिखाई दिया. हम इसे देखना चाहते हैं. ’’ तुर्की ने कहा कि वाणिज्य दूतावास की तलाशी लेने को लेकर सहमति बनी थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका. दोनों देशों के बीच दूतावास में प्रवेश करने की शर्तों को लेकर विवाद है।

लंदन की आधिकारिक यात्रा के दौरान विदेश मंत्री ने कहा कि सऊदी अरब को तुर्की के जांचकर्ताओं तथा विशेषज्ञों को जांच के लिए दूतावास में जाने देना चाहिए।

सऊदी अरब ने लापता पत्रकार की हत्या के दावों को किया खारिज, कहा- आरोप निराधार है
आपको बता दें कि इससे पहले सऊदी अरब ने इस्तांबुल स्थित अपने वाणिज्य दूतावास में निशानेबाज द्वारा जमाल खशोगी की हत्या की खबरों को खारिज कर दिया और इसे ‘झूठा और निराधार आरोप’ करार दिया।

पत्रकार के लापता होने को लेकर सऊदी अरब और तुर्की के बीच विवाद पैदा हो गया है. यह विवाद बढ़ने के बीच वॉशिंगटन पोस्ट ने खबर दी है कि तुर्की के पास दूतावास के भीतर की रिकॉर्डिंग है जिससे उसका दावा साबित होता है कि खशोगी को दूतावास में यातना दी गई और फिर उनकी हत्या कर दी गई. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि बातचीत के लिए एक सऊदी प्रतिनिधिमंडल तुर्की पहुंचा है।

खशोगी मामले पर तुर्की और सऊदी अरब के रिश्तों में खटास आने की आशंका है. खशोगी की हत्या के आरोपों पर सऊदी अरब के पहले मंत्रीस्तरीय प्रतिक्रिया में गृह मंत्री प्रिंस अब्दुल अजीज बीन सउद बीन नायेफ ने कहा, ‘‘हत्या के बारे में जो प्रसारित किया जा रहा है वह झूठ और आधारहीन आरोप है. ’’ मीडिया और व्यापार जगत से जुड़े बडे शख्सियतों ने पहले ही इस महीने रियाद में होने वाले एक बड़े सम्मेलन के लिए अपना दौरा रद्द कर दिया है।

सऊदी पत्रकार और वॉशिंगटन पोस्ट के लिए लिखने वाले खशोगी दो अक्टूबर को वाणिज्य दूतावास में दाखिल होने के बाद लापता हो गए थे. तुर्की सरकार के सूत्रों का कहना है कि पुलिस का मानना है कि उनकी हत्या की गई, लेकिन सऊदी अरब ने इससे इनकार किया है. सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को कहा कि सऊदी प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह के अंत में तुर्की के अधिकारियों से मुलाकात कर सकता है. अभी यह जानकारी नहीं मिल सकी है कि प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल हैं. तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने सऊदी अरब से साबित करने को कहा है कि खशोगी वाणिज्य दूतावास से बाहर निकले थे।

एर्दोआन ने सऊदी अरब को चुनौती दी कि वह अपने दावे को सही साबित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराए. वॉशिंगटन पोस्ट ने खबर दी है कि तुर्की सरकार ने अमेरिकी अधिकारियों को बताया है कि उनके पास ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग हैं, जिससे यह पता चलता है कि खाशोगी के शव को नष्ट किए जाने से पहले दूतावास में कैसे उनसे “पूछताछ की गयी, यातना दी गयी और फिर हत्या कर दी गई.’’ हालांकि संपर्क करने पर तुर्की के अधिकारियों ने रिपोर्ट की सत्यता पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।