दुनिया

इस्राईल को मिर्चें लगीं

हमास के दल ने अपनी ईरान यात्रा के दौरान शिया इमाम के पीछे जमाअत से नमाज़ पढ़ी जिसके बाद इस्राईल के एक सैन्य प्रवक्ता ने उस नमाज़ को ग़लत बताया है।

अविचाए अदरई ने, जो इस्राईली सेना की अरब मीडिया इकाई के प्रवक्ता हैं, फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध संगठन हमास के शिष्टमंडल की ईरान यात्रा के दौरान जमाअत से पढ़ी गई एक नमाज़ का चित्र पोस्ट करके अरबी में ट्वीट किया हैः हज़ार शब्दों से बढ़ कर एक तस्वीर, हमास का सुन्नी नेतृत्व, मुल्लाओं की शासन व्यवस्था के एक शिया इमाम के पीछे नमाज़ पढ़ रहा है। शिया के पीछे किसी सुन्नी का नमाज़ पढ़ने कैसा है? इस बारे में फ़त्वा देने वाली स्थायी कमेटी का जवाब यह हैः “कुफ़्र जैसी बिदअत पैदा करने वाले के पीछे नमाज़ पढ़ना सही नहीं है।” तो फिर जो शिया, सुन्नी दुनिया की पीठ में छुरा घोंप रहा है, उसके बारे में क्या आदेश है?

उनके इस ट्वीट के जवाब में लोगों ने शिया-सुन्नी मतभेद फैलाने की उनकी कोशिश की कड़ी आलोचना की है। एक यूज़र ने क़ुरआने मजीद की यह आयत लिखी है। आप पाएंगे कि ईमान वालों के सबसे दुश्मन यहूदी और काफ़िर हैं। एक अन्य यूज़र ने ट्वीट किया हैः मुझे पैग़म्बर की उम्मत के इन लोगों पर गर्व है। एक अन्य ने ट्वीट किया है। ईश्वर उनकी नमाज़ स्वीकार करे और तुम्हारे दिल की आग को कभी ठंडा न होने दे। एक अन्य मीडियाकर्मी ने ट्वीट किया हैः इस्राईल का अंत शिया और सुन्नी दोनों के हाथों से समान रूप से होगा। एक यूज़र ने लिखा हैः तुम मुसलमानों की महिलाओं और बच्चों का जनसंहार करते हो, उनके घर तोड़ते हो और इस पर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हो कि किस प्रकार एक सुन्नी एक शिया के पीछे नमाज़ पढ़ रहा है? हमने इनके जैसे ढीठ कभी नहीं देखे।

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