उत्तर प्रदेश राज्य

बेटी की हत्या करने से नहीं जाती इज़्ज़त, बेटी को पेट में मार देने से भी नहीं जाती….

Journalist Jafri
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है न कमाल ! बेटी की हत्या करने से नहीं जाती इज़्ज़त, बेटी को पेट में मार देने से भी नहीं जाती…………….

ये हमारे ही समाज में होता है कि बेटी की हत्या करने से नहीं जाती इज़्ज़त , बेटी को पेट में मार देने से भी नहीं जाती इज़्ज़त , लेकिन बेटी अपनी मर्जी से दूसरी जाति में शादी कर ले तो चली जाती है इज़्ज़त।

बाप-भाई बेटी को अपने ही घर के आंगन में गाड़कर उस पर तुलसी उगाएं तो नहीं जाती इज़्ज़त, लड़की अपनी जिंदगी का एक फैसला खुद ले ले तो चली जाती है इज़्ज़त।

मां-बाप का खोजा पति मारे-कूटे, जला दे, सातवीं मंजिल से फेंक दे तो नहीं जाती इज़्ज़त, लड़की अपनी मर्जी का लड़का खोज ले तो चली जाती है इज़्ज़त।

साक्षी की भाई की फेसबुक वॉल पर उसके दोस्त और तमाम लोग उसकी बहन को सरेआम गालियां दें तो नहीं जाती इज़्ज़त। साक्षी बोल दे कि भाई ने मुझे मारा तो चली जाती है इज़्ज़त।

बरेली की साक्षी मिश्रा ने टीवी पर आकर अपने पिता के खिलाफ क्या बोला, सोशल मीडिया से जुड़े लोग अपने होने वाले बच्चे का लिंग परीक्षण करवाने और अगर लड़की हुई तो उसे पेट में मार देने की बात करने लगे। देश में एक साथ इतने सारे लोगों को अचानक लगा कि इसीलिए लड़की पैदा नहीं होनी चाहिए, इसीलिए लड़की पैदा होने पर घरों में मातम मनाया जाता है। किसी ने कहा कि मैं जो बाप बनने वाला हूं, भगवान मुझे लड़की ना दे। इसीलिए लड़कियों को पेट में मार देना चाहिए ताकि वो कल को भागकर नाक न कटाएं।

बहरहाल साक्षी का मनमर्ज़ी से शादी करने का फैसला सही था या ग़लत यह तो समय ही बताएगा, लेकिन इज़्ज़त की दुहाई देने वालों को मेरी नसीहत है कि उनके घर में भी होंगी बहन-बेटियां इसलिए साक्षी की भी करें इज़्ज़त।

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