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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जान्सन के परदादा अली कमाल तुर्की के ओटोमन साम्राज्य के प्रभावशाली लोगों में से थे!

ब्रिटेन में बोरिस जान्सन प्रधानमंत्री बन गये हैं और हमें पूरा विश्वास है कि सब से ज़्यादा खुशी डोनाल्ड ट्रम्प को होगी क्योंकि बोरिस जान्सन उनके नस्लभेदी शिष्य हैं।

बोरिस जान्सन के बारे में कहा जाता है कि उनके पूर्वज तुर्क थे लेकिन फिर भी वह मुस्लिम महिलाओं और इस्लाम पर हमला करने का कोई अवसर गंवाते नहीं। अभी शायद उनके बारे में अनुमान लगाना जल्दी होगा और शायद इस बात का अंदाज़ा कठिन है कि ईरान के साथ आयल टैंकरों के युद्ध सहित विभिन्न मुद्दों पर उनका रुख क्या होगा लेकिन यह तो निश्चित है कि वह पूरी शक्ति के साथ ट्रम्प के साथ मोर्चे पर खड़े नज़र आएंगे।

शायद बोरिस जान्सन अधिक दिनों तक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद पर बने न रहें क्योंकि उन्हें भीतरी और बाहरी विरोध का सामना है जैसाकि 15 मंत्रियों ने एक साथ ही त्याग पत्र देने का एलान कर दिया है यहां तक कि युरोपीय संघ ने भी उनके विरोध का इरादा प्रकट कर दिया है लेकिन जितने दिन भी वह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के पद पर रहेंगे, ट्रम्प, जान बोल्टन और नेतेन्याहू के सुर में सुर मिलाकर हालात खराब ही करेंगे और हो सकता है कि फार्स की खाड़ी और मध्य पूर्व में वह नये युद्ध की आग भड़का दें।

हमारे विचार में आने वाले हफ्तों में फार्स की खाड़ी मैं आयल टैंकरों का युद्ध तेज़ हो सकता है क्योंकि अमरीका व ब्रिटेन का मोर्चा, बोरिस जान्सन के प्रधानमंत्री बनने के बाद मज़बूत हुआ है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि वह जान हथेली पर रख कर लड़ने वाले ईरानी सैनिकों, उनकी मिसाइलों और खुफिया हथियारों के मुकाबले में जीत भी प्राप्त कर लेंगे क्योंकि अमरीका व ब्रिटेन के पास, ईरान की तरह लेबनान के हिज़्बुल्लाह, गज़्जा के हमास और जेहाद संगठनों, यमन के अन्सारुल्लाह और इराक़ के स्वंयसेवी बलों की तरह मित्र नहीं हैं और इन सब से अधिक महत्वपूर्ण ईरान का जवाब देने के लिए ठोस संकल्प है जो हर हाल में प्रभाशाली है।

युरोप के टुकड़े भी करेंगे बोरिस जान्सन?

बोरिस जान्सन अगर ब्रेक्ज़िट के बारे में एसी नीति अपनाते हैं जो स्काटलैंड में पसंद नहीं की जाती तो यह संभव है कि स्काटलैंड के लोग यह सोचने पर विवश हो जाएं कि अब और अधिक ब्रिटेन का हिस्सा रहना उनके हित में है या नहीं ?

बीबीसी के अनुसार हालिया सर्वे में इस बात का पता चलता है कि युरोपीय संघ से बिना किसी समझौते के ब्रिटेन के अलग होने की दशा में स्काटलैंड में 60 प्रतिशत मतदाता, ब्रिटेन से स्वतंत्रता के समर्थन में वोट देंगे।

समीक्षकों का कहना है कि यदि बोरिस जान्सन ब्रिटेन की अंखडता को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो उन्हें सुलगती चिंगारी को हवा नहीं देना चाहिए बल्कि उसे बुझाने की कोशिश करना चाहिए जो बोरिस जान्सन जैसे राजेनताओं के लिए थोड़ा कठिन है।

बोरिस जान्सन का मुस्लिम कनेक्शन

ब्रिटेन के अगले PM बोरिस जोनसन..
जो बोरिस बेकर और डोनाल्ड ट्रम्प की तरह दिखते हैं
उनके दादा एक टर्किश मुस्लिम थे जिनका नाम था अली कमाल जो अतातुर्क पाशा की सरकार में मंत्री भी रह चुके थे
बाद में उसी अतातुर्क ने उसकी हत्या करवा दी थी

मतलब अब #गज़वा_ए_ब्रिटेन ज़्यादा दिन दूर नहीं

 

बोरिस जान्सन इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ बयान देने में कुख्यात है लेकिन हालिया दिनों में उन्होंने यह कह कर सब को चौंका दिया था कि उनके पूर्वज मुसलमान थे।

यह एक सच्चाई है कि कुछ पीढ़ियों पहले तक बोरिस जान्सन का खान्दान न केवल मुसलमान था बल्कि उनके पर दादा की गिनती, तुर्की के ओटोमन साम्राज्य के अंतिम काल के प्रभावशाली लोगों में होता था।

तुर्की के समाचार पत्र ” हुर्रियत ” के अनुसार बोरिस जान्सन के परदादा का नाम अली कमाल था और वह एक पत्रकार तथा उदारवादी राजनेता थे। अली कमाल के पिता का नाम अहमद आफन्दी था और वह व्यापारी थे। वह तत्कालीन कुस्तुनतुनिया और आज के इस्तांबूल में सन 1867 में पैदा हुए थे।

बोरिस जान्सन के परदादा अली कमाल ने उच्च शिक्षा के लिए जेनेवा और परिस गये जहां उन्होंने राजनीति में डिग्री ली। इसी दौरान उन्होंने सन 1903 में एक स्विस- अग्रेज़ महिला, वनी फ्रेड ब्रून से विवाह कर लिया। उनके दो बच्चे हुए बड़ी बेटी का नाम सलमा रखा गया और बेटे का नाम, उस्मान अली। उस्मान अली को जन्म देने के बाद अली कमाल की पत्नी का निधन हो गया और दोनों बच्चों को उनकी नानी के वहां भेज दिया गया जो वह समय ब्रिटेन में रहती थीं। सलमा और उस्मान का पालन पोषण ब्रिटेन में उनकी नानी मार्गेट ब्रून ने किया।

ब्रिटेन में अली कमाल के दोनों बच्चों ने ब्रिटिश समाज के ताल मेल बिठाने के लिए अपने नाम बदल लिये उस्मान अली, वेलफ्रेड उस्मान जान्सन हो गये और बड़े होकर उन्होंने एरीन विल्स नामक एक फ्रांसीसी महिला से विवाह किया जिनके तीन बच्चे हुए, स्टेनले जान्सन, पीटर जान्सन और हिलैरी जान्सन। स्टेलनले जान्सन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के पद पर पहुंचने वाले बोरिस जान्सन के पिता थे।

बोरिस जान्सन के परदादा अली कमाल का अंजाम भयानक हुआ और वह 4 नवंबर सन 1922 में अपहरण के बाद, जब ट्रेन से ले जाए जा रहे थे तो भीड़ द्वारा मार डाले गये।

बोरिस जान्सन के मुस्लिम रिश्तेदार अब भी तुर्की में मौजूद हैं।

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