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भक्तों के फूफा ट्रम्प बोले, मोदी ने ‘कश्मीर’ मामले में मदद के लिए कहा था, भारत बोला ‘झूठ’ बोलते हैं ‘ट्रम्प : इमरान ने ”फेंकी’ ‘फेंकू से फेंकू’ टकरा गये : रिपोर्ट

 

 इमरान खान इस समय तीन दिन की अमेरिका यात्रा पर हैं, इमरान ख़ान की अमेरिका यात्रा की ख़बरों को भारत के प्रिंट मीडिया ने बहुत ही नकारत्मक रूप से लिया है यह भारत की मीडिया की बड़ी समस्या भी है इस समय, जिन संस्थाओं का जो काम है वो ”ईमानदारी” से नहीं कर रही हैं, खुद पार्टी बन कर किसी का पक्ष किसी का विरोध कर रही हैं

इमरान ख़ान के प्रधानमंत्री बनने के बाद ”मैंने” एक लेक में लिखा है कि ‘इमरान ख़ान पाकिस्तान का पहला सबसे क़ाबिल/होशियार/माहिर कप्तान हैं” भारत को उन से बहुत एहतियात से रहना होगा, इमरान ख़ान पाकिस्तान के पूर्व के नेताओं की तरह के नेता नहीं हैं वो अलग लाइन का सबसे दिग्गज व्यक्ति हैं, खिलाडी आदमी और अनाड़ी में ज़मीन आसमान का फ़र्क़ होता है, वो नेता बने हैं मगर खिलाडी पुराने हैं, ट्रम्प कारोबारी राष्ट्र पति हैं, मोदी भाषण वाले, अब ऐसे में इससे ज़ियादा और क्या कहा जाये कि इमरान ने ऐसी ”फेंकी’ है कि पकड़ने में ‘फेंकू से फेंकू’ टकरा गये…parvez

 

संसद में सरकार : कश्मीर पर ट्रंप का दावा गलत, मोदी ने मध्यस्थता के लिए नहीं कहा

कश्मीर समस्या को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को राज्यसभा में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री ने ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया है और पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मुद्दों का समाधान द्विपक्षीय तरीके से ही किया जाएगा ।

कश्मीर को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे पर राज्यसभा में अपनी ओर से दिए गए एक बयान में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हम सदन को पूरी तरह आश्वस्त करना चाहेंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया है। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि हम अपना रूख फिर से दोहराते हैं कि पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मुद्दों का समाधान द्विपक्षीय तरीके से ही किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत सीमा पार से जारी आतंकवाद बंद होने के बाद, लाहौर घोषणापत्र और शिमला समझौते के अंतर्गत ही होगी। विदेश मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस सहित विपक्षी सदस्यों ने प्रधानमंत्री से इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

हालांकि सभापति एम वेंकैया नायडू ने शून्यकाल की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया। लेकिन विपक्षी सदस्य प्रधानमंत्री से स्प्ष्टीकरण की मांग पर अड़े रहे और अपने स्थान से आगे आ गए। सदन में सदस्यों का शोर शराबा जारी रहा। सभापति ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और शून्यकाल चलने देने का अनुरोध किया। लेकिन सदन में व्यवस्था बनते न देख उन्होंने 11 बज कर 15 मिनट पर ही कार्यवाही दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

विदेश मंत्री का यह बयान तब आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यालय में इमरान खान के साथ बातचीत के दौरान यह कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें कश्मीर समस्या के लिए मध्यस्थता करने को कहा है।

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Manish Tewari, Congress in Lok Sabha: Yesterday’s statement by US President Trump, in the presence of Pakistan PM Imran Khan, that PM Modi had asked him to mediate on the Kashmir issue, is like a blow to the unity of India.

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UPA Chairperson Sonia Gandhi on being asked if Congress will seek a reply from PM in Parliament on ‘statement of US President Trump that PM Modi had asked Trump to mediate in Kashmir issue’: You will see it in the House. We will raise the issue and Congress is raising now also.


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India did not request Donald Trump to mediate on Kashmir: Jaishankar tells RS, uproar follows


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GN Azad,Congress:No matter which govt was in power at Centre in past,our foreign policy has been that Kashmir is bilateral issue&no 3rd party can intervene &President Trump knows it,I don’t think President Trump would tell Pakistan’s PM that India’s PM has asked the US to mediate

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Rajya Sabha Chairman Venkaiah Naidu in Rajya Sabha on ‘statement of US President Trump that PM Modi had asked Trump to mediate in Kashmir issue’: It is a national issue. Country’s unity, integrity & national interest is involved, we should be seen speaking in one voice.

 

 

 

ट्रंप के झूठ पर संसद में संग्राम, प्रधानमंत्री से जवाब की मांग पर अड़ा विपक्ष

अमेरिक के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कश्मीर पर मध्यस्थता को लेकर आए बयान पर विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने में जुट गया है। विपक्षी पार्टियां इस मामले पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में स्पष्टीकरण देने की मांग कर रहे हैं। साथ ही, कांग्रेस ने लोकसभा में काम रोको प्रस्ताव भी पेश कर दिया। यूपीए संयोजक और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने भी इस मामले में पीएम के बयान की मांग की।

विपक्ष ने किया वॉकआउट
लोकसभा में ट्रंप के मुद्दे को लेकर जारी विपक्ष के भारी हंगामे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सफाई दी। भारी शोर के कारण उनके बयान को सुनने में दिक्कत हुई। शाह की अपील के बाद सदन में थोड़ी शांति हुई जिसके बाद विदेश मंत्री ने अपने बयान को दोबारा दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति से इस तरह की कोई अपील नहीं की है। कश्मीर मसले पर पाकिस्तान से सिर्फ द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है और वह भी सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों पर रोक लगने के बाद संभव है।

सदन में प्रधानमंत्री दें बयान
लोकसभा में कांग्रेस सासंद मनीष तिवारी ने ट्रंप के बयान वाले मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इसे लेकर सदन में जवाब दें। उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने कश्मीर मसले को लेकर ट्रंप से बातचीत की थी या नहीं। ट्रंप ने प्रधानमंत्री का नाम लिया है इसी कारण उन्हें सदन में आकर जवाब देना चाहिए। टीएमसी सांसद सौगत राय ने कहा कि कश्मीर हमारा अभिन्न हिस्सा हैं और ट्रंप को मध्यस्थता करने के लिए कहना हमारी संप्रभुता पर चोट है। विदेश मंत्री को नहीं बल्कि प्रधानमंत्री को इसपर जवाब देना चाहिए।

प्रधानमंत्री से जवाब की मांग पर अड़ा विपक्ष
12 बजे संसद की कार्यवाही शुरू हुई लेकिन विपक्षी सांसद लगातार प्रधानमंत्री मोदी से कश्मीर मुद्दे पर जवाब मांगने को लेकर नारेबाजी करते रहे। मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि विदेश मंत्री इसपर जवाब दे चुके हैं। विरोध करने वालों को देश की जनता और प्रधानमंत्री पर विश्वास नहीं है। विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री से जवाब की मांग को लेकर अडिग रहे और लगातार उच्च सदन में हंगामा करते रहे। जिसके बाद कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

मोदी ने नहीं की मध्यस्थता की अपील
कार्यवाही शुरू होते ही राज्यसभा में कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने कहा कि कश्मीर का मुद्दा काफी संवेदनशील है। भारत इसपर किसी भी तीसरी पार्टी की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करेगा। विपक्ष के हंगामे के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मसले पर जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मध्यस्थता की कोई अपील नहीं की है। भारत का रुख हमेशा से साफ रहा है कि वह कश्मीर मुद्दे पर सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत कर सकता है और जिसमें किसी तीसरे मुल्क का दखल नहीं हो सकता। कश्मीर मसले पर हम शिमला और लाहौर समझौते के तहत ही आगे बढ़ेंगे। पाकिस्तान के साथ आतंकवाद के खात्मे के बाद ही बातचीत मुमकिन है।

विदेश मंत्री के बयान के बाद भी विपक्षी सांसद लगातार हंगामा कर रहे थे जिसके कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
स्पष्ट है हमारी विदेश नीति

कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि केंद्र में किसकी सरकार है। हमारी विदेश नीति स्पष्ट है कि कश्मीर द्वीपक्षीय मुद्दा है और कोई भी तीसरा पक्ष इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता। राष्ट्रपति ट्रंप इस बात को जानते हैं। मुझे नहीं लगता कि राष्ट्रपति ट्रंप को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को यह बताना चाहिए था कि भारत के प्रधानमंत्री ने अमेरिका को मध्यस्थता करने के लिए कहा है।’

सरकार ने अमेरिका के सामने झुकाया सिर
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने लोकसभा में डोनाल्ड ट्रंप के बयान को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने कश्मीर मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार ने अमेरिका के सामने सिर झुका दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से सदन में इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की।

ट्रंप के दावे पर विदेश मंत्रालय के इनकार से काम नहीं चलेगा, पीएम जवाब दें: राहुल गांधी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान की वजह से भारतीय राजनीति में भूचाल आ गया है। ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ बातचीत के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे कश्मीर मसले पर मध्यस्थता करने को कहा था और वह इसके लिए तैयार है। उनके इस बयान को भारतीय विदेश मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया है। भारत का साफ कहना है कि कश्मीर द्वीपक्षीय मसला है और भारत इसमें किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं चाहता।

संसद में भी इस मसले पर काफी हंगामा हुआ। विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री जवाब दो के नारे लगाए। विदेश मंत्री लोकसभा और राज्यसभा में सफाई दे चुके हैं इसके बावजूद विपक्ष का हंगामा जारी है। अब इसमें राहुल गांधी भी शामिल हो गए हैं। वायनाड से सांसद गांधी ने पूरे मसले पर प्रधानमंत्री से जवाब देने को कहा है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री को राष्ट्र को बताना चाहिए कि उनके और ट्रंप के बीच क्या बात हुई थी।

राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कश्मीर मसले पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने को कहा। यदि यह सत्य है तो प्रधानमंत्री ने भारत के हितों और 1972 शिमला समझौते के साथ धोखा किया है। एक कमजोर विदेश मंत्रालय के इनकार से कुछ नहीं होगा। प्रधानमंत्री को देश को बताना होगा कि उनके और ट्रंप के बीच क्या बात हुई।’

President Trump says PM Modi asked him to mediate between India & Pakistan on Kashmir!

If true, PM Modi has betrayed India’s interests & 1972 Shimla Agreement.

A weak Foreign Ministry denial won’t do. PM must tell the nation what transpired in the meeting between him & @POTUS

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 23, 2019

मोदी ने नहीं की मध्यस्थता की अपील
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में ट्रंप के बयान पर जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मध्यस्थता की कोई अपील नहीं की है। भारत का रुख हमेशा से साफ रहा है कि वह कश्मीर मुद्दे पर सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत कर सकता है और जिसमें किसी तीसरे मुल्क का दखल नहीं हो सकता। कश्मीर मसले पर हम शिमला और लाहौर समझौते के तहत ही आगे बढ़ेंगे। पाकिस्तान के साथ आतंकवाद के खात्मे के बाद ही बातचीत मुमकिन है।

व्हाइट हाउस ने दी सफाई
अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य ब्रैड शेरमैन ने ट्रंप के बयान की निंदा करते हुए इसे अपरिपक्व और भ्रमित करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी ट्रंप से मध्यस्थता को लेकर आग्रह नहीं किया है। ब्रैड शेयरमैन ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘दक्षिण एशिया की राजनीति की थोड़ी सी जानकारी रखने वाले लोग भी ये बात जानते हैं कि भारत कश्मीर मामले में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का हमेशा से ही विरोधी रहा है। सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी कभी कश्मीर पर मध्यस्थता का आग्रह नहीं करेंगे। ट्रंप का इस मामले में बयान अपरिपक्व, भ्रामक और शर्मिंदा करने वाला है।’

10 हजार से ज्यादा झूठ बोल चुके हैं ट्रंप, कश्मीर पर मध्यस्थता का मामला पहला नहीं

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कश्मीर मामले को लेकर गैर जिम्मेदाराना बयान दिया है। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ मुलाकात के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर मुद्दे पर उनसे मध्यस्थता करने के लिए कहा था।

हालांकि भारत सरकार ने ट्रंप के इस विवादास्पद दावे को स्पष्ट तौर पर खारिज कर दिया। भारत का कहना है कि कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है और इसमें तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। साथ ही व्हाइट हाउस ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद जारी विज्ञप्ति में ‘कश्मीर’ मुद्दे का जिक्र तक नहीं किया। व्हाइट हाउस ने बयान में कहा, हम शांति, स्थिरता और आर्थिक समृद्धि के लिए पाकिस्तान के साथ काम करना चाहते हैं।

ऐसा पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने कोई झूठ बोला हो। वह आए दिन अलग-अलग मामलों पर झूठ बोलते रहते हैं। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप रोजाना 23 बार झूठ बोलते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 21 अप्रैल तक ट्रंप ने 828 दिनों में 10,111 बार झूठे दावे किए हैं। इन दावों में ट्रंप की ट्विटर पर की गई पोस्ट को भी शामिल किया गया है। हैरानी की बात को ये है कि महज तीन दिन (25-27 अप्रैल) में ट्रंप ने 171 झूठे और गुमराह करने वाले दावे किए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप के सभी दावों का पांचवां भाग आव्रजन मुद्दे से संबंधित है। इनकी संख्या दिसंबर, 2018 के सरकारी शटडाउन के बाद से बढ़ी है।

इससे पहले वाशिंगटन पोस्ट ने ट्रंप के कार्यभार संभालने के दो साल बाद एक रिपोर्ट जारी की थी। जिसमें कहा गया था कि ट्रंप ने इस दौरान 8,158 झूठे और भटकाने वाले दावे किए हैं। ट्रंप ने आव्रजन पर 1433, विदेश नीति पर 900, व्यापार पर 854, अर्थव्यवस्था पर 790, नौकरियां 755 और अन्य मामलों पर 899 बार झूठ बोला है।

समाचार पत्र ने अपनी रिपोर्ट में ‘फैक्ट चेकर’ के आंकड़ों का हवाला दिया है। यह फैक्ट चेकर राष्ट्रपति द्वारा दिये गए प्रत्येक संदिग्ध बयान का विश्लेषण, वर्गीकरण और पता लगाने का कार्य करता है।

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