देश

भारत में मुसलमानों की जनसंख्या को ले कर भगवा मण्डली का ‘इस्लाम’ के ख़िलाफ़ युद्ध का एलान : वीडियो

Azhar Shameem
============
भारत में मुसलमानों की जनसंख्या को ले कर भगवा संगठन बहुत परेशान रहते हैं और अक्सर व बेश्तर भगवावादी नेता साध्वी प्राची, साक्छि महाराज, गिरिराज सिंह, बाबा रामदेव ज़हर घोलते रहते हैं।

अभी हाल ही में बाबा रामदेव ने बयान दिया कि ऐसा कानून बनाया जाना चाहिए कि तीसरा बच्चा पैदा होते ही सारे अधिकार छीन लिए जाए और कोई सुविधा ना दी जाए। साध्वी प्राची जबरन नसबंदी की बात करती है तो गिरिराज सिंह ने भी मुसलमानो की बढ़ती जनसंख्या को ले कर चिंता जताई है।

हालांकि आंकड़े के मुताबिक मुसलमानों की जनसंख्या वृद्धि दर में कमी आयी है। A.I.M.I.M नेता असदुद्दीन ओवैसी कई बार आंकड़ों के आधार पर जवाब दे चुके हैं, लेकिन B.J.P / Sangh की विभाजनकारी राजनीति में मुसलमानो की जनसंख्या वृद्धि पर सवाल उठाए जाते हैं और तरह, तरह की नफरत फैलाने वाली बातें कही जाती हैं।

जबकि हिंदुओं की जनसंख्या में कोई कमी नही आई है और अगर कुछ राजयों में जैसे हरियाना, पंजाब U.P, Bihar में कमी आयी भी है तो उसकी जिम्मेदारी भी उसी घटिया सोच की है ,जिसमे लड़कियों को बोझ माना जाता है और दान , दहेज की भारी मांग से निपटने का डर भी समाया होता है कि लड़की पैदा होगी तो भारी दहेज के इंतेज़ाम कहां से होगा ? और हरियाणा, पंजाब, दिल्ली में बेतहाशा गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड और girl child होने पर abortion की वजह से लड़का, लड़की का अनुपात बिगड़ रहा है, जिसकी वजह से उनकी जनसंख्या वृद्धि दर पर भी असर हो रहा है।

रहा सवाल मुसलमानों में संघ का 4 बीवी 40 बच्चे का दुष्प्रचार। ये सिर्फ दुर्भवना है और इसका उद्देश्य नफरत फैलाना है। वरना हकीकत यही है की ना तो आम तौर पर मुसलमानो की चार बीवियाँ हैं और ना 40 बच्चे। हाँ गरीब परिवार चाहे हिन्दू हो या मुसलमान उनके यहां बच्चे 2 से ज़ियादा होते हैं,उसकी कई अन्य वजहें होती हैं। मुसलमानों में भी जैसे, जैसे तालीम का प्रचार, प्रसार हुआ है, सोच में बदलाव आया है और शिकछित परिवारों में 2 या 3 बच्चे ही होते हैं। अब लोग खुद समझदार हो गए हैं और उन्हें मालूम है कि ज़ियादा बच्चे पैदा करना फिर उनकी जिम्मेदारी उठाना सिरदर्द है।

 

 

Himanshu Kumar
===========
जब वैश्विकरण और उदारी कारण इस देश में अपने पांव रख रहा था

तब हमने कल्पना भी नहीं की थी कि ये व्यापारी लोग एक दिन इतने ताकतवर हो जायेंगे

कि हमारी आँखों के सामने हमारे देश के आदिवासियों और गांव वालों पर हमला करने की जुर्रत करेंगे

और इन मरने वालों का साथ देने की कोशिश करने वाले सामजिक कार्यकर्ताओं को भी आतंकवादी घोषित कर दिया जाएगा

और इन इलाकों में जनता की मदद करने वालों का काम करना और रहना भी असम्भव हो जायेगा

इसलिये हम इस तरह के हमलों से लड़ने की कोई रणनीती ही नहीं बना पाए

हम सेवा कार्य में लगे रहे

और इस बीच ये व्यपारी लोग हमारी राजनीती, अफसर, पुलिस और हमारे अपने ही बच्चों को अपने चंगुल में लेते रहे

आज हालत ये है कि जनता पर होने वाले हमलों में सरकार, पुलिस और अधिकारी तो शामिल हैं ही

हमारे बच्चे भी उसका विरोध नहीं कर रहे हैं

क्योंकि हमारे बच्चों को नौकरी तो यही व्यापारी दे रहे हैं ना

ये व्यापारी इस देश की सारी दौलत सारी बुद्धि को अपने मुनाफे के लिये इस्तेमाल करेंगे

करोड़ों लोगों की ज़मीने पानी और घर छीन लेंगे

करोड़ो लोग भूख बीमारी और गरीबी में मर जायेंगे !

और तब हम लोग क्या करेंगे ?

मैं भी सोच रहा हूं आप सब भी सोचिये !

 

جنيد الله خان

नया गांधी

अंग्रेजों भारत छोड़ो के बाद मुसलमानों भारत छोड़ो ?????

डिस्क्लेमर : लेख सोशल मीडिया में वॉयरल है, लेखकों के निजी विचार हैं, तीसरी जंग हिंदी का कोई सरोकार नहीं है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *