उत्तर प्रदेश राज्य

मुजफ़्फ़रनगर दंगे : दंगों में 65 लोगों की मौत हुई थी, हत्या के 10 मुकदमों में सभी आरोपी बरी

राज्य उत्तर प्रदेश के मुजफ़्फ़रनगर दंगों के मामले ने अदालत ने 2017 से 2019 के बीच हत्या के 10 मुकदमों में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार हत्या के गवाहों के अपने बयान से मुकर जाने के बाद अदालत ने इन सभी 10 मुकदमों के आरोपियों को रिहा कर दिया। इन गवाहों में अधिकतर मारे गए लोगों के संबंधी थे।

एक्सप्रेस की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पुलिस ने अहम गवाहों के बयान दर्ज नहीं किए। इसके साथ ही हत्या में प्रयोग किए गए हथियार भी पुलिस की ओर से पेश नहीं किए गए।

रिपोर्ट के अनुसार इन 10 मामलों से जुड़े शिकायतकर्ता और गवाहों से बातचीत के साथ ही अदालत के रिकॉर्ड और दस्तावेज़ों की पड़ताल के बाद पता चला कि पांच गवाह अदालत में इस बात से मुकर गए कि अपने संबंधियों की हत्या के वक्त मौके पर मौजूद थे।

छह अन्य गवाहों ने अदालत में कहा कि पुलिस ने जबरन खाली कागजों पर उनके हस्ताक्षर लिए थे।

इस संबंध में जनवरी 2017 से फरवरी 2019 तक चले इन मुकदमों के रिकॉर्ड, गवाहों के बयानों की विस्तृत पड़ताल और मुकदमें में शामिल अधिकारियों से बातचीत के बाद पता चला कि पांच मामलों में हत्या में इस्तेमाल हुए औजार को पुलिस ने अदालत में पेश नहीं किया। इतना ही नहीं अभियोजन पक्ष ने पुलिस की सभी बातों को ज्यों का त्यों स्वीकार कर लिया। इस तरह सभी आरोपी अदालत से छूट गए।

मुजफ़्फ़रनगर दंगों के 41 मामलों में से सिर्फ एक मामले में मुजफ़्फ़रनगर की स्थानीय अदालतों ने सजा सुनाई है. इस मामले में इस साल 8 फरवरी को सजा सुनाई गई थी।

ज्ञात रहे कि 2013 में मुजफ़्फ़रनगर में हुए दंगों में 65 लोगों की मौत हो गई थी।

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