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संसद में फिर पास हुआ तीन तलाक़ बिल : असदु्द्दीन ओवैसी ने कहा मरते दम तक करता रहूंगा विरोध

भारतीय संसद के निचले सदन (लोकसभा) के मानसून सत्र में गुरुवार को ट्रिपल तलाक बिल पेश किया गया। बिल पर दिन भर बहस चली और शाम को यह बिल लोकसभा में पास हो गया। इस बिल के पक्ष में 303 और विपक्ष में 82 वोट पड़े।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, गुरुवार को भारतीय संसद का सत्र मोदी सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। लोकसभा में तीन तलाक़ बिल हंगामे के बावजूद भारी बहुमत से पास हो गया। बिल के पक्ष में 303 वोट पड़े है तो वहीं, विपक्ष में 82 वोट पड़े हैं। टीएमसी, जेडीयू और कांग्रेस सांसदों ने मतदान का बहिष्कार करते हुए सदन से वॉक आउट कर गए थे। तीन तलाक़ बिल लोकसभा में पास होने के बाद इस बिल में संशोधन पर वोटिंग की गई और ओवैसी की ओर से लाए गए संशोधन को सदन ने ध्वनिमत से ख़ारिज कर दिया। मोदी सरकार में केंद्रीय क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक़ के मामले में मुख्य पक्षकार केवल पीड़ित मुस्लिम महिलाएं हैं, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस मामले में पक्षकार नहीं है।

भारत के केंद्रीय क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक पहले से ही दुनिया के ज़्यादातर इस्लामी देशों में प्रतिबंध है। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर तीखा वार करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा ’24 जुलाई तक फ़ैसले के बाद तीन तालक़ के 345 मामले आए हैं। क्या हमें इन महिलाओं को सड़कों पर छोड़ देना चाहिए? मैं नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री हूं राजीव गांधी सरकार में नहीं।’ क़ानून मंत्री ने कहा कि चुनाव में हमें मुस्लिमों का वोट कम ही मिलता है लेकिन जब जीतते हैं तो सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि अपराध करने पर मुआवज़ा देने के प्रावधान पर सवाल उठाए गए, लेकिन जब मुस्लिम पति जेल जाता है, तो यह सवाल क्‍यों नहीं उठता है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हिंदू धर्म में भी ऐसे बदलाव किए गए, अब जिसका असर भी दिख रहा है। उन्होंने कहा कि कुप्रथाएं बंद हो गई हैं। पीड़ित महिलाएं क्या स्टेक होल्डर नहीं हैं, सिर्फ उन्हें ही इसका हक़ है। मुस्लिम महिलाएं इस सदन की ओर बड़ी उम्‍मीद से देख रही हैं।

दूसरी ओर भारतीय संसद में तीन तलाक़ बिल पर हुई चर्चा में एआईएमआईएम के सांसद असदु्द्दीन ओवैसी ने कहा कि यह बिल मुस्लिम महिलाओ के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि यह क़ानून मुस्लिम महिलाओं के ख़िलाफ़ अत्याचार का माध्यम बनेगा। ओवैसी बोले कि इस्‍लाम में 9 तरह के तलाक़ होते हैं। उन्होंने कहा कि इस क़ानून के अनुसार अगर आप तलाक़ देने वाले पति को गिरफ़्तार करेंगे तो पत्नी को गुज़ारा भत्ता कौन देगा? पति जेल में बैठकर मेंटेनेंस कैसे देगा? ओवैसी ने कहा कि इस बिल में तीन तलाक़ को अपराध बना दिया है। उन्होंने कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत ने समलैंगिकता को ग़ैर अपराधिक बना दिया है, ऐसे में आप तीन तलाक़ को अपराध बनाकर नया हिन्दुस्तान बनाने जा रहे हैं। ओवैसी ने कहा कि तीन तलाक़ अगर ग़लती से कहा जाए तो शादी नहीं टूटती और यही सुप्रीम कोर्ट भी कह रहा है। उन्होंने कहा कि इस क़ानून के ज़रिए मोदी सरकार मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार करना चाह रही है।

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