देश

BJP-RSS वालों गौरक्षा की बात मत करना, तुम्हारे लिए गौरक्षा का मतलब सिर्फ़ दलितों और मुसलमानों की लिंचिंग करना है

 

 

Rajeev Yadav

@Rajivrihaimanch
बाटला हाऊस फिल्म नहीं, राजनीतिक षड़यंत्र है।
बटला हाउस मूवी को प्रतिबंधित कराने के लिए आज रात 8 बजे ट्विटर पर विरोध दर्ज करें, अपने सभी साथियों को भी ज्यादा से ज्यादा ट्वीट करने के लिए कहें।
हैशटैग नीचे है,इसको अपने सभी ट्वीट में मेंशन करें।

Nisha yadav

@Nishayadav158
सोनभद्र में दलित आदिवासी किसानों को सुरक्षा देने में नाकाम सरकार मुख्यमंत्री के नाम पर समाजवादी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया। यही सजगता प्रशासन ने हत्यारों को लेकर दिखाई होती तो नरसंहार बच जाता। दिखावे, दमन की ये सरकार हैं!


Rihai Manch

@RihaiManch
#BanBatlaHouseMovie
गांव के लोगों ने बाटला हाउस एनकाउंटर की तरह बाटला हाउस फिल्म को भी फर्जी करार दिया। उनका कहना है कि फिल्म के जरिए आजमगढ़ पर आतंक का गढ़ का ठप्पा लगाने की कोशिश की जा रही है।
#BanBatlaHouseMovie

Priyanka Gandhi Vadra

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@priyankagandhi
उम्भा गाँव के पीड़ितों की आवाज का जब कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं, न्यायपसंद लोगों ने साथ दिया तब उप्र सरकार को भी लगा कोई गम्भीर घटना घटी है।

आज जो घोषणाएँ की गयी हैं उनपर जल्द अमल हो। आदिवासियों को जमीन का मालिकाना मिले और सबसे जरूरी कि गाँव के लोगों को पूरी सुरक्षा हो।

Sunil Singh Yadav

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@sunilyadv_unnao
योगीजी! आख़िर किस काले कारनामे को छुपा रहे हैं, जो अपराधियों के आगे घुटने टेकने वाली आपकी पुलिस ने सपा प्रतिनधिमण्डल को सोनभद्र नहीं जाने दिया? आपके एन्टी भू माफिया अभियान, मंडलीय दौरे, तहसील दिवस, IGRS पोर्टल सब केवल वसूली के तरीक़े बन चुके हैं यह सच जनता के सामने आ चुका है!


केशव जय हिन्द ?? ??‍♂️

@Keshavjaihind
BJP RSS वालों गोरक्षा की बात मत करना क्योंकि तुम्हारे लिए गोरक्षा का मतलब सिर्फ दलितों और मुसलमानों की लिंचिंग करना और उन्हें प्रताणित करना है।भारत दुनिया का सबसे बड़ा बीफ निर्यातक देश है लेकिन बड़ी कंपनियों खिलाफ तुम बोलगो तो तुम्हें चंदा कौन देगा?
देखिए इनके गोप्रेम का नमूना??


Sudhir Sankrityayan

सरकारों फूल बरसाओ..तेरा महबूब आया है।


Abdul H Khan
जब औलादें दगा दे जाती है
तब फिर कमाने निकलना ही पड़ता है…????


Ish Madhu Talwar
प्रगतिशील लेखक संघ के गौरवशाली 83 साल !
#जयपुर में राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी के लिए हुई कोर ग्रुप की बैठक।
देश के लब्ध प्रतिष्ठित कवि,
राजस्थान प्रलेस के अध्यक्ष
#ऋतुराज की अध्यक्षता में हुई बैठक।

#जयपुर के रवींद्र मंच पर चार दशक बाद दोहराया जाएगा इतिहास। यहीं पर 1982 में हुआ था तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन।
#तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, उड़िया, मराठी, गुजराती, असमिया, पंजाबी, राजस्थानी आदि 20 से अधिक भाषाओं के लगभग 500 लेखक लेंगे भाग।

* प्रारम्भ में, प्रलेस के सचिव शमीम फ़ैज़ी के निधन पर बैठक में दो मिनट का मौन रख कर उन्हें श्रद्धान्जलि अर्पित की गई।

Sagar PaRvez
अमन ने छोटे से बादाम पर बनाई शीला दीक्षित की तस्वीर

जंगलराज उ.प्र: दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए चित्रकार अमन गुलाटी ने छोटे से बादाम पर शीला दीक्षित की तस्वीर बनाई है।

लखीमपुर के मूल निवासी चित्रकार अमन गुलाटी ने बताया कि मीडिया के माध्यम से उन्हें पता चला कि शनिवार की दोपहर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। इस बात से उन्हें गहरा दुख हुआ। उन्होंने इसे यादगार बनाने के लिए स्वर्गीय शीला दीक्षित की तस्वीर आधा इंच के बादाम पर बनाकर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि बतौर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने दिल्ली में विकास कार्यों को गति दी। उनका लोगों से लगाव था। अमन गुलाटी इससे पहले भी छोटे से बादाम पर कई बड़ी हस्तियों की तस्वीर बना चुके हैं। उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों से नवाजा गया है।

‎Raj Babbar‎
?॥#दान की #महिमा॥?॥
एक भिखारी सुबह-सुबह भीख मांगने निकला। चलते समय उसने अपनी झोली में जौ के मुट्ठी भर दाने डाल दिए, इस #अंधविश्वास के कारण कि भिक्षाटन के लिए निकलते समय भिखारी अपनी झोली खाली नहीं रखते। थैली देखकर दूसरों को भी लगता है कि इसे पहले से ही किसी ने कुछ दे रखा है।

#पूर्णिमा का दिन था। भिखारी सोच रहा था कि आज अगर ईश्वर की कृपा होगी तो मेरी यह झोली शाम से पहले ही भर जाएगी। अचानक सामने से राजपथ पर उसी देश के राजा की सवारी आती हुई दिखाई दी।

भिखारी खुश हो गया। उसने सोचा कि #राजा के दर्शन और उनसे मिलने वाले दान से आज तो उसकी सारी दरिद्रता दूर हो जाएंगी और उसका जीवन संवर जाएगा।

जैसे-जैसे राजा की सवारी निकट आती गई, #भिखारी की कल्पना और उत्तेजना भी बढ़ती गई। जैसे ही राजा का रथ भिखारी के निकट आया, राजा ने अपना रथ रूकवाया और उतर कर उसके निकट पहुंचे।

भिखारी की तो मानो सांसें ही रूकने लगीं, लेकिन राजा ने उसे कुछ देने के बदले उल्टे अपनी बहुमूल्य चादर उसके सामने फैला दी और उससे भीख की याचना करने लगा। भिखारी को समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें। अभी वह सोच ही रहा था कि राजा ने पुनः याचना की।

भिखारी ने अपनी #झोली में हाथ डाला मगर हमेशा दूसरों से लेने वाला मन देने को राजी नहीं हो रहा था।

जैसे-तैसे करके उसने दो दाने जौ के निकाले और राजा की चादर में डाल दिए। उस दिन हालांकि भिखारी को अधिक भीख मिली, लेकिन अपनी झोली में से दो दाने जौ के देने का मलाल उसे सारा दिन रहा। शाम को जब उसने अपनी झोली पलटी तो उसके आश्चर्य की सीमा न रही।

जो जौ वह अपने साथ झोली में ले गया था, उसके दो दाने #सोने के हो गए थे। अब उसे समझ में आया कि यह दान की महिमा के कारण ही हुआ।

वह पछताया कि – काश.! उस समय उसने राजा को और अधिक जौ दिए होते लेकिन दे नहीं सका, क्योंकि उसकी देने की आदत जो नहीं थी।

शिक्षा-
1. देने से कोई चीज कभी घटती नहीं।

2. लेने वाले से देने वाला बड़ा होता है।

3. अंधेरे में छाया, बुढ़ापे में काया और अन्त समय में माया किसी का साथ नहीं देती
जय श्री #सीताराम जी की
जय श्री वीर #हनुमानजी की
#राजबब्बरअमृतसर9464024301
#rajbabbaramritsar
#Cvs Raj Babbar

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