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कश्मीर के शौरा में जब हम गए तो देखा कि वहां हर गली और हर रास्ते पर बैरिकेड लगा था : रिपोर्ट_वीडियो!

श्रीनगर के सौरा इलाक़े में शुक्रवार को हम फिर उसी दरगाह पर पहुंचे जहां से पिछले सप्ताह स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन और रैली शुरू की थी.

पिछले सप्ताह 9 अगस्त शुक्रवार को सौरा में ही बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे. इसमें हज़ारों लोगों ने भाग लिया था जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. आज हमने शौरा में जाने की कोशिश की.

शौरा में जब हम गए तो देखा कि वहां हर गली और हर रास्ते पर बैरिकेड लगा था. साथ ही बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मौजूद थे. सुरक्षाकर्मियों का मानना था कि अगर वह बैरिकेड हटाते हैं तो बड़े पैमाने पर लोग मुख्य सड़क तक आ जाएंगे.

सुरक्षाकर्मियों का मानना है कि अगर प्रदर्शनकारी मुख्य सड़क तक आ गए तो उन्हें संभालना मुश्किल हो जाएगा और क़ानून-व्यवस्था बिगड़ जाएगी.

सौरा में शांतिपूर्ण प्रदर्शन
पिछले सप्ताह के मुक़ाबले इस सप्ताह की बात करें तो आज जुमे की नमाज़ के बाद सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए. इनमें पुरुष और महिलाएं शामिल थे जिन्होंने शांतिपूर्ण रैली निकाली. यह रैली गलियों-मोहल्लों में घूमते हुए वापस इसी दरगाह तक पहुंची.

रैली समाप्त होने के बाद दरगाह के लाउडस्पीकर से वो गीत सुनाए जा रहे थे जो कश्मीर की आज़ादी की बात कर रहे थे.

इन्हीं लाउडस्पीकर के ज़रिए सुबह से लोगों को घरों से बाहर बुलाया जा रहा था कि वह विरोध प्रदर्शनों में शामिल हों. एक तरह से अगर देखें तो लोगों के अंदर डर ख़त्म हो रहा है और गुस्सा बढ़ता जा रहा है.

‘हमारा हक़ वापस मिले’
प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि उनका हक़ उनसे छीना जा रहा है.

उन्होंने कहा, “हमारा हक़ हमसे क्यों छीना जा रहा है. हम भारत सरकार से कह रहे हैं कि वह हमारा हक़ हमें वापस दे. हमने शांतिपूर्ण जुलूस निकाला है लेकिन तब भी हम पर पैलेट गन्स और आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं. यह ज़्यादती नहीं है तो क्या है.”

एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाकर भारत सरकार ने कश्मीर को एक संघर्ष क्षेत्र में बदल दिया है.

उन्होंने कहा, “हम अनुच्छेद 370 को हटाने के विरोध में यह प्रदर्शन कर रहे हैं. मोदी सरकार ने यह करके कश्मीर को एक संघर्ष और युद्ध क्षेत्र में बदल दिया है. सुरक्षाकर्मी हम पर पैलेट गन्स और आंसू गैस से वार कर रहे हैं. हम अनुच्छेद 370 के लिए मरेंगे.”

“यह मोदी के लिए संदेश है कि हम न ही भारत और न ही पाकिस्तान के साथ रहना चाहते हैं. हम स्वतंत्र कश्मीर चाहते हैं. हर आदमी के पास अधिकार होता है और हमारे पास भी अधिकार है. हम स्वतंत्र कश्मीर चाहते हैं.”

आमिर पीरज़ादा
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर के सौरा इलाक़े से

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