कश्मीर राज्य

कश्मीर से किसी बड़े ख़तरे और साज़िश की आहट, अमरनाथ यात्रियों को जल्द घाटी छोड़ने का आदेश : रिपोर्ट

भारत प्रशासित कश्मीर से किसी बड़े ख़तरे और साज़िश की आहट सुनाई दे रही है। इस बीच अमरनाथ यात्रियों से कहा गया है कि वे सुरक्षा ख़तरे के मद्देनज़र जम्मू-कश्मीर से वापस लौट जाएं।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, भारत प्रशासित कश्मीर से बड़ी ख़बर सामने आ रही है। अमरनाथ यात्रियों से सुरक्षा को लेकर ख़तरे के मद्देनज़र जम्मू-कश्मीर से लौटने के लिए कहा गया है। भारतीय सेना और सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि, इस्लामाबाद कश्मीर घाटी में अशांति फैलाने की लगातार कोशिशें कर रहा है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान सीमा पार से छापामारों की घुसपैठ कराने की कोशिशें हो रहा है। भारत के 15-कोर कमांडर लेफ़्टिनेंट जनरल “केजेएस ढिल्लन” ने कहा कि इस तरह के इंटरनेशनल इनपुट्स मिले हैं कि छापामार अमरनाथ यात्रा पर हमले की साज़िश रच रहे हैं।

अमरनाथ यात्रा को लेकर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्‍लन ने संवाददाताओं से कहा, ‘पिछले तीन-चार दिनों में बहुत ही स्‍पष्‍ट और पुष्‍ट ख़ुफ़िया जानकारी मिली है कि पाकिस्‍तानी सेना द्वारा समर्थित छापामार अमरनाथ यात्रा बाधित करने की कोशिश में हैं और उसके आधार पर यात्रा के दोनों मार्गों, दक्षिण की ओर के पहलगाम वाले रास्‍ते और उत्तर की ओर के बालटाल वाले रास्‍तों पर सेना और सीआरपीएफ की टीमों में संयुक्‍त रूप से गहन तलाशी अभियान चलाया है। भारतीय सेना के अधिकारी का कहना है कि, सेना पवित्र गुफा तक जाने वाले पैदल मार्ग की भी पिछले तीन दिनों से लगातार जांच कर रही है।’

लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्‍लन ने कहा कि इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों ने गहन तलाशी अभियान चला रखा है, जिसमें सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। भारतीय सेना का दावा है कि, सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान में बनी एक लैंडमाइन और टेलीस्कोप के साथ एक M-24 अमेरिकन स्नाइपर राइफल बरामद की है। अमरनाथ यात्रा के रूट की तीन दिनों तक गहन जांच की गई है। उन्होंने कहा, ‘इस पूरे मामले में पाकिस्तानी सेना की गोला-बारूद और हथियारों के साथ सीधी संलिप्तता है।’ बता दें कि अमरनाथ की वार्षिक तीर्थयात्रा को जम्मू से क़रीब चार दिन पहले ही स्थगित कर दिया गया था जबकि बालटाल और पहलगाम के रास्ते से आज श्रद्धालुओं को कथित तौर पर आगे नहीं जाने दिया गया है।

इस बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने राज्य गृह विभाग द्वारा अमरनाथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के नाम जारी एडवाइज़री पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह आदेश अमरनाथ की यात्रा और पर्यटकों पर हमले के डर को ही नहीं बल्कि कश्मीर घाटी में पहले से जारी डर व ख़ौफ के माहौल को भी बढ़ाएगा।

उल्लेखनीय है कि कश्मीर घाटी में बीते एक सप्ताह के दौरान करीब 40 हज़ार अतिरिक्त केंद्रीय अर्धसैनिकबलों के आगमन से वादी में विभिन्न अफवाहों का दौर शुरु हो चुका है। इससे वादी में विभिन्न प्रकार की अटकलें जारी हैं।

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