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किया है प्यार जिसे हम ने ज़िन्दगी की तरह….जनेवा रॉय

कोलकाता।भारत की सर ज़मीन पर हर दौर में एक से एक शानदार अदाकार पैदा होते रहे हैं।जनेवा रॉय उन्हीं अदाकारों और ग़ज़ल गायको की फहरिस्त का एक नया नाम है।जनेवा रॉय एक प्रतिष्ठित, समर्पित, भावनात्मक अभिनेत्री हैं और एक बहुत ही अनोखी प्लेबैक और मनोरंजन जगत की गजल गायक है।कोलकाता की रहने वाली जनेवा रॉय का असली नाम रुम्पा रॉय है।उन्हें बचपन से ही गायन और संगीत की गतिविधियों के बारे में बहुत लगाव रहा है।

जनेवा रॉय को संगीत विरासत में मिला है उन्होंने बचपन ही से अपने माता-पिता शिखा और बापी रॉय के मार्गदर्शन में 8 साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था।जनेवा रॉय ने हाई स्कूल और कॉलेज की शिक्षा पूरी होने के बाद गायन की दुनिया में गंभीरता से खुद को शामिल किया और धीरे धीरे गजल गायन की दुनियां में अपनी पहंचन क़ायम की।उन को अपनी क़ाबलियत के दम पर पहंचना जाने लगा दिनबा-दिन उनकी शोहरत बढ़ती गई।

आज जनेवा रॉय बंगाल के हदों से बहुत दूर आलमी पहंचन बना चुकी हैं।उनकी बे मिसाल गायकी के दीवाने दुनियां भर में मौजूद हैं।वह रूस, सिंगापुर, बैंकाक, ढाका, मॉरीशस, दुबई, हांगकांग और कई अन्य देशों में कई शो का प्रदर्शन कर चुकी हैं।जनेवा रॉय की खूबसूरत मखमली आवाज़ को जो एक बार सुन लेता है मानो खुद को भूल जाता है।

ग़ज़ल गायकी के साथ-साथ जनेवा रॉय फ़िल्मी परदे की शान भी बन चुकी हैं उन्होंने अबतक कई बंगला फिल्मों में अपने अभिनय के जोहर देखाए हैं।जनेवा रॉय ने अबतक कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शो में प्रदर्शन किया गया है और शाहरुख खान, मिथुन चक्रवर्ती, शब्बीर कुमार, कुमार शानू, अभिजीत, सुदेश भोंसले, बाबुल सुप्रियो, रूप कुमार राठौड़ और अन्य प्रसिद्ध गायकों और मशहूर हस्तियों के साथ मंच साझा किया है।

जनेवा रॉय के दिल में नौशाद जैसे महान संगीत निर्देशकों के लिए बहुत सम्मान है।वह एआर रहमान के संगीत निर्देशन में गाने के लिए बहुत उत्सुक है पार्श्व गायन उसका प्यार है लेकिन ग़ज़ल गायकी उनके जीवन का वास्तविक उद्देश्य है।जनेवा रॉय की मधुर आवाज़ में बला की गहराई है।उसकी खूबसूरत आँखें और दृष्टिकोण उसके दोहरे व्यक्तित्व में एक बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

जनेवा रॉय पार्श्व गायक के तौर पर गीता दत्त और कानन देवी के बाद बंगाल में तीसरे अभिनेत्री है।बंगाल की पूरी फिल्म इंडस्ट्री उनको पसंद करती है और एक अभिनेत्री और एक पार्श्व गायक के रूप में उसके प्रदर्शन की सराहना करती है।जनेवा रॉय शीघ्र ही एक भावुक प्रेम कहानी के साथ बॉलीवुड में गायक अभिनेत्री के रूप में खुद को साबित करने के लिए तैयार है।

वह मीना कुमारी, मधु बाला और वहीदा रहमान की बहुत बड़ी प्रशंसक है और एक नई विधि और फिल्मों के दृष्टिकोण का एक आधुनिक शैली के साथ-साथ उनके नक्शेकदम पर चल कर आगे बढ़ना चाहती हैं।जनेवा रॉय राज कुमार संतोषी, प्रियदर्शन, मधुर भंडारकर और मिलान लुथेरिअ जैसे निर्देशकों के साथ काम करने को उत्सुक है।

जनेवा रॉय खुद भी बहुत रचनात्मक है और एक वृत्तचित्र के लिए पटकथा के अलावा फिल्मों और लघु फिल्मों के लिए कई कहानियाँ लिखी है।उन्होंने चिंगुरु लिश, अमर गान (बंगाली) और मेरी ग़ज़ल (हिन्दी फीचर फिल्म) के लिए कहानी लिखी है।अबतक उनके कई ग़ज़लों के एल्बम आ चुके हैं जिनको देश-विदेशों में काफी शोहरत मिली है।वह कहती हैं कि मेरी हमेशा से ही “मैं, मेरे मेहबूब, आरजू, पालकी, काजल, गजल, मैं तुलसी तेरे आँगन की और पाक़ीज़ा जैसी काव्य फिल्मों में गहरी दिलचस्पी रही है ।

 

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