धर्म

तुम सत्य के साथ रहो, अल्लाह तुम्हारे साथ रहेगा और तब तुम्हें कोई भी हरा न पाएगा : Secret Of Victory

1. अल्लाह के सिवा कोई उपास्य नहीं और आस्थावान लोगों को अल्लाह ही पर भरोसा रखना चाहिए। -कुरआन, 64, 13

2. …और जो कोई अल्लाह पर भरोसा रखता है तो अल्लाह उसके लिए काफ़ी है। निःसंदेह अल्लाह अपना काम पूरा करके रहता है। अल्लाह ने हरेक काम का अन्दाज़ा (मापदंड) निश्चित कर रखा है। -कुरआन, 65, 3

3. और उस ज़िंदा रहने वाले पर भरोसा करो जिसे कभी मौत नहीं आएगी। -कुरआन, 25, 58

4. यदि अल्लाह तुम्हारी मदद करेगा तो कोई तुम से जीत नहीं सकता और यदि वह तुम्हारी मदद न करे तो फिर ऐसा कौन है जो उसके बाद तुम्हारी मदद कर सके ? और आस्थावान लोगों को तो अल्लाह पर ही भरोसा करना चाहिए। -कुरआन, 3, 160

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है नफ्स के हाथों तू मजबूर कितना सब सब जान के भी आज लाशऊर कितना

जिस चेहरे को एक दिन मिट्टी में मिल जाना है
उस चेहरे पर है तुझे गरूर कितना

एक सजदे के इनकार ने इब्लिश को शैतान बना दिया
तू खुद जान ले तेरा है कसूर कितना

जिनकी सुन्नत पे चलना तुझे गवारा नही
तेरे वास्ते वो रोते थे हजूर ﷺ कितना

तूने चखी है गुनाहों की लज्जत ए मुसलमान
तू क्या जाने जिक्र ए इलाही में है शरूर कितना,

डॉ अल्लामा इक़बाल

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अंत में भला किन लोगों का होता है ?
Who does good in the end?

Said Moses to his people, “Seek help through Allah and be patient. Indeed, the earth belongs to Allah . He causes to inherit it whom He wills of His servants. And the [best] outcome is for the righteous.”
قَالَ مُوۡسٰی لِقَوۡمِہِ اسۡتَعِیۡنُوۡا بِاللّٰہِ وَ اصۡبِرُوۡا ۚ اِنَّ الۡاَرۡضَ لِلّٰہِ ۟ ۙ یُوۡرِثُہَا مَنۡ یَّشَآءُ مِنۡ عِبَادِہٖ ؕ وَ الۡعَاقِبَۃُ لِلۡمُتَّقِیۡنَ ﴿۱۲۸﴾
मूसा ने अपनी क़ौम से कहा कि अल्लाह से सहायता माँगो और धीरज रखो यह धरती अल्लाह ही की है अपने बंदों में से जिसे चाहे वह उसका मालिक बना दे और अंत में भला उन ही का होता है जो अल्लाह से डरते हैं । –
موسٰی ( علیہ السلام ) نے اپنی قوم سے فرمایا اللہ تعالٰی کا سہارا حاصل کرو اور صبر کرو ، یہ زمین اللہ تعالٰی کی ہے ، اپنے بندوں میں سے جس کو چاہے وہ مالک بنا دے اور آخر کامیابی ان ہی کی ہوتی ہے جو اللہ سے ڈرتے ہیں ۔
Musa ( alh-e-salam ) ney apni qom say farmaya Allah Taalaa ka sahara hasil kero aur sabar kero yeh zamin Allah Taalaa ki hai apney bandon mein say jiss ko chahaye woh maalik bana dey aur akheer kaamyabi unhi ki hoti hai jo Allah say dartay hain.
क़ुरआन, 7, 128

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जीवन का एक मक़सद है, उसे पूरा कीजिए ताकि आपका जन्म सफल हो

1. सो क्या तुम समझते हो कि हमने तुम्हें व्यर्थ ही पैदा किया और तुम हमारे पास पलटकर नहीं आओगे ?
اَفَحَسِبۡتُمۡ اَنَّمَا خَلَقۡنٰکُمۡ عَبَثًا وَّ اَنَّکُمۡ اِلَیۡنَا لَا تُرۡجَعُوۡنَ ﴿۱۱۵﴾
Then did you think that We created you uselessly and that to Us you would not be returned?”

کیا تم یہ گمان کئے ہوئے ہو کہ ہم نے تمہیں یونہی بیکار پیدا کیا ہے اور یہ کہ تم ہماری طرف لوٹائے ہی نہ جاؤ گے ۔

Kiya tum yeh gumaan kiye huye ho kay hum ney tumhen yunhi beykaar peda kiya hai aur yeh kay tum humari taraf lotaye hi na jao gay.
-कुरआन, 23, 115

2. उस (प्रभु) ने ही मृत्यु और जीवन को बनाया है ताकि तुम्हें परखे कि तुम में से कौन अच्छे कर्म करता है और वह ज़बर्दस्त क्षमाशील है।

الَّذِیۡ خَلَقَ الۡمَوۡتَ وَ الۡحَیٰوۃَ لِیَبۡلُوَکُمۡ اَیُّکُمۡ اَحۡسَنُ عَمَلًا ؕ وَ ہُوَ الۡعَزِیۡزُ الۡغَفُوۡرُ ۙ﴿۲﴾
[He] who created death and life to test you [as to] which of you is best in deed – and He is the Exalted in Might, the Forgiving –
جس نے موت اور حیات کو اس لئے پیدا کیا کہ تمہیں آزمائے کہ تم میں اچھے کام کون کرتا ہے ، اور وہ غالب ( اور ) بخشنے والا ہے ۔
Jiss nay mot aur hayat ko iss liye peda kiya kay tumhen aazmaye kay tum mein say achay kaam kon kerta hai aur woh ghalib ( aur ) bakhshnay wala hai.
-कुरआन, 67, 2

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