ब्लॉग

भारत अब किसी भी बड़े जनसंहार के लिए बिल्कुल तैयार है : हिमांशु कुमार का लेख

Himanshu Kumar
==============
भारत अब किसी भी बड़े जनसंहार के लिए बिल्कुल तैयार है

भारत के लोगों को वैसा ही तैयार कर लिया गया है जैसा हिटलर ने किया था

हिटलर ने जब अपने ही देश में एक करोड़ बीस लाख लोगों की हत्या करी

तब उसने जनता को कहा किए जिन्हें हम मार रहे हैं यह हमारी श्रेष्ठता के मुक़ाबले हीन लोग हैं

यह हमारा विरोधी है, यह समलैंगिक है, ये हमारी नौकरी खाने वाले यहूदी है,

ऐसा कह कर उसने एक लंबी सूची जनता के सामने रखी

और जनता उन सब की हत्या करने के लिए सहमत हो गई

अस्पताल में नर्स बच्चों को जहर के इंजेक्शन देती थी

डॉक्टर लोगों को बचाने की बजाय उनकी हत्या कर रहे थे

स्कूल की बसों को सीधा ले जाकर के बच्चों की हत्या कर दी जाती थी

हिटलर ने खुद ही संसद को आग लगाई और कम्युनिस्टों के ऊपर इल्जाम लगा दिया उन्हें बदनाम किया

और इस तरह हिटलर ने अपने ही देश के 1 करोड़ बीस लाख लोगों की हत्या कर दी

भारत में छोटे-छोटे जनसंहार तो राष्ट्रवाद जातीय श्रेष्ठता, धार्मिक श्रेष्ठता और महान राष्ट्र के नाम पर रोज हो रहे हैं

कभी आदिवासियों को मारा जाता है कभी नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को मारा जाता है कभी दलितों को मारा जाता है कभी मुसलमानों को मारा जाता है

लेकिन एक बड़ा जनसंहार जिसे नस्लीय सफाया कहा जाता है अंग्रेजी में एथनिक क्लींजिंग कहा जाता है

वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अंतिम लक्ष्य है

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम सरसंघचालक हेडगेवार के भी गुरु मुंजे जाकर मुसोलिनी से मिलकर आए थे

और वह हिटलर और मुसोलिनी दोनों के महान भक्त थे और उन्होंने उनकी तारीफ में लिखा भी है

इस समय कश्मीर में जो हालत पैदा करी गई है पूरा देश भाजपा के पक्ष में तालियां बजा रहा है

लोग कई दिन से घरों के भीतर बंद है वह भूखे हैं

बच्चों को दूध नहीं मिल रहा लोगों को खाना नहीं मिल रहा

बूढ़ों को दवाएं नहीं मिल रही पूरा देश तालियां बजा रहा है

बिल्कुल वैसे ही माहौल की बदबू आ रही है जैसे कभी हिटलर ने अपने देश में पैदा किया था

फासीवाद आने वाला नहीं है वह आ चुका है

जब फासीवाद जर्मनी में आया था तब वहां के लोगों को भी पता थोड़ी चला था कि फासीवाद आ चुका है

वह तो अगर रूस और एलाइड फोर्सज मिलकर हिटलर और मुसोलिनी को खत्म ना करती

तो वहां की जनता तो आज तक फासीवादी नफरत में पागल ही रहती

डिस्क्लेमर : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. लेख सोशल मीडिया फेसबुक पर वायरल है, इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति तीसरी जंग हिंदी उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार तीसरी जंग हिंदी के नहीं हैं, तथा तीसरी जंग हिंदी उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *