धर्म

#मौजूदा_वक़्त_के_हालात_हदीस_की_रोशनी_में…!

______ #Assalamu_Alaikum ______

नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का इर्शाद है:-

“जब लाेग ऐसे हाे जाएं कि जब वह बुराई देखें मगर उसकाे रोकने की काेशिस न करें, ताे करीब है कि अल्लाह सब काे अपने अजाब में लपेट ले।

अल्लाह की कसम तुम काे लाजिम है कि भलाई का हुक्म दाे अौर बुराई से राेकाे, वरना अल्लाह तुम पर ऐसे लाेग मुसल्लत कर देगा जाे तुम में सब से ज्यादा जलील हाेंगे। अौर वह तुम्हें सख्त तकलीफ देंगे, फिर तुम्हारे नेक लाेग दुअाएं माँगेंगे मगर वह कबूल नहीं हाेंगी।

(तिर्मिजी;२१७८; अबू दाऊद: ४३३८)

हदीसे पाक पर गौर करें रसूले करीम सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम ने अल्लाह की कसम खाकर हुक्म दिया है कि तुम पर लाजिम है, मतलब हर हाल में करना है ये काम वरना नतीजे किस कदर भयावह होंगें उसका भी खुलासा कर दिया है,

भलाई का हुक्म करना है और अल्लाह के नजदीक सबसे बड़ी भलाई तौहीद की दावत है, अगर आप तमाम भलाइय्यों का हुक्म कर रहे हो लेकिन उस में लोगों को सबसे बड़ी भलाई तौहीद पेश नहीं कर रहे तो सब बे मायने है,

ठीक इसी तरह लोगों को बुराइय्यों से रोकना है और अल्लाह के नजदीक सबसे बड़ी बुराई शिर्क है और लोगों को शिर्क करते देख रोकना तो दूर आपकी दिली कैफियत भी न बदले तो सब बेकार है मेरे भाई ।

इस काम के न करने पर हालात कितने तंग हो सकते है दोबारा गौर से हदीस पढ़ ले, कि तुम पर यैसे लोगों को मुसल्लत करूगाँ जो तुम में सब से ज्यादा जलील और जालिम होगें और वो फिर सख्त से सख्त तकलीफे पहुँचायेगें, और वो दौर ऐसा दौर होगा जब तुम्हारे नेक और परहेजगार इंसान दुआयें करेंगें तो अल्लाह उनकी दुआओं को कुबूल भी नहीं करेगा ।

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