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यहूदी क़ौम महज़ 80 लाख की आबादी के साथ दुनिया मे सबसे ताक़तवर क्यों है, जानिये!

साढ़े अट्ठारह सौ बरस तक दुनिया मे धूल की तरह बिखरी और दरबदर भटकती यहूदी क़ौम आज महज़ 80 लाख की आबादी के साथ भी दुनिया मे सबसे ताकतवर क्यो है, अपने दीन से गाफिल हम बेहिस मुसलमान ज़रूर ज़रूर समझे और कुछ अक़्ल लें :–

1- दुनिया का हर यहूदी अपनी ज़िंदगी का मिशन अच्छे से जानता है और इसलिए उसकी ज़हनसाज़ी की तैयारी पेट मे पड़ते ही शुरू हो जाती है..प्रेगनेंसी के दौरान उसे इज़राईली सरकार से महाना फिक्स रकम मिलती है, जिससे वो फल मेवे और सेहतबख्श ग़िज़ा खूब ले सके..उसे रोज़ाना दो तीन घण्टे मैथ्स साइंस जैसे दिमागी मश्क भी कराई जाती है ताकि आने वाला बच्चे का दिमाग दुनिया मे तेज़ से तेज़तर हो..!

2- बचपन से ही बच्चे को फुटबाल निशानेबाजी जैसी जिस्मानी एक्टिविटीज खूब कराई जाती है ताकि वो जिस्मानी और दिमागी ऐतबार से सबसे मजबूत क़ौम बने..!

3- उन्हें 14 साल की उम्र तक फ्री मगर क्रिएटिव तालीम दी जाती है,जिसमे रटने पर नही बल्कि नए- नए बिज़नेस आइडियाज पेश करने के लिए inspire किया जाता है ताकि यहूदी क़ौम पूरी दुनिया की इकॉनमी को अपने कंट्रोल में कर ले..!

4- वहां बच्चो को यहूदियों की मज़हबी किताब “तलमूद” के सबक़ ज़रूर पेवस्त किये जाते है जिसके मुताबिक सिर्फ यहूदी क़ौम ही अल्लाह की पसंदीदा और बेस्ट क़ौम है, बाकी दुनियाभर की क़ौमे यहूदियों की चाकरी और गुलामी के लिए है..!

5- पूरी दुनिया पर अपना बैंकिंग और सूदी निज़ाम लादने वाले यहूदी आपस मे सूद ब्याज नही लेते देते,बल्कि एक यहूदी दूसरे यहूदी की मदद करना अपना अव्वलीन फ़र्ज़ समझता है, चाहे दुनिया के दूसरे छोर का ही यहूदी क्यो न हो..!

6- यहूदी अपना सबसे ज़्यादा वक़्त अपने बच्चों की यहूदी तरबियत पर लगाते है और उन्हें सबक़ देते है कि तुम्हे दुनिया मे ईसाई मुस्लिम जैसी कमतर क़ौमो पर राज करना है, उनको कब्ज़े में रखना है..!

7- यहूदी घरों और स्कूलों में ट्रेनिग दी जाती है कि दुनिया की बाकी क़ौमे जानवर सिफ़त यानी गोयन्स (अर्ध मानव) है,,तो जैसे जानवरो का इस्तेमाल इंसान अपने फायदे के लिए करता है, उसी तरह बाकी कौमो का भी इस्तेमाल यहूदी अपने मनचाहे फायदे के लिए करें,,फिर भले इसके लिए उन्हें झूठ फरेब रेप पोर्नोग्राफी मक्कारी चालबाज़ी मर्डर कत्लोगारत वगैरह कुछ भी गुनाह करना पड़े, यहूदियों के लिए सब जायज़ है..!

8- यहूदी गैर यहूदियों से शादी नही करना चाहते, न अपना राज़ उन्हें बताना चाहते हैं,,वो बड़ी ही खामोशी और राजदारी से अपने नस्लवादी मिशन पर गामज़न रहते हैं..!

9- एक यहूदी हमेशा दूसरे यहूदी की तरक़्क़ी में अपना योगदान देता है, उन्हें आगे बढ़ाता है..मुस्लिमो की तरह आपस मे हसद-भसड़ नही करता, न टँगड़ी मारता है..!

10 -कहा जाता है कि बनी इस्राइल की एक खोई हुई शाख महाराष्ट्र के चितपावन ब्राह्मण है और अब आप समझ सकते है कि ब्राह्मण नसलपरस्त क्यो है, मोसाद से संघियो के इतने गाढ़े रिश्ते क्यो है और सिर्फ साढ़े तीन परसेंट होने के बावजूद हमारे देश के सारे संसाधनों के मालिक वही क्यो हैं..!

अब आप सोच सकते है कि क्यो हर साल 80% नोबेल प्राइज यहूदी ही ले जाते हैं..क्यो हॉलीवुड बॉलीवुड मीडिया समेत सारे संचार के साधन उन्ही कब्ज़े में हैं..क्यो हथियार, जासूसी, जंग और टेक्नोलॉजी के मामले में इज़राइल सुपर पावर है जबकि मुस्लिमो की 200 करोड़ की आबादी के मुकाबले यहूदी महज़ 80 लाख ही हैं..!

Sarah Ansari

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