साहित्य

राजकुमारी के प्रेम में व्यापारी का बेटा : कहानी पार्ट – 4

हमने बताया था कि इब्राहीम नाम का एक लड़का था जो राजा की लड़की के प्रेम में पड़ गया था।

उसके घर वाले जितना भी उसे समझाने का प्रयास करते थे, लेकिन उसकी समझ में कुछ नहीं आता था। उसके मामूंओं ने उसे 100 रूपय दिए ताकि वह कोई कारोबार शुरू कर सके, लेकिन उसने उस राशि से मदारी से ड्रैगन और उसके बाद, एक पिल्ला और एक बिल्ली ख़रीदी। इब्राहीम उन्हें साथ लेकर शहर से चला गया। रास्ते में तीन फ़क़ीर मिले और इब्राहीम ने उस ड्रैगन की सहायता से जो कबूतर और उसके बाद छड़ी में परिवर्तित हो गया था हज़रत सुलेमान की अंगूठी, थैली और खूंटा ले लिया। इनमें से प्रत्येक की एक विशेषता थी। कबूतर के आदेशानुसार, पिल्ले और बिल्ली कि जो परी के वंश से थे अपनी खाल से बाहर आए और इब्राहीम के दो सेवक बन गए। कबूतर ने भी एक सुन्दर लड़की का रूप धारण कर लिया और इब्राहीम को अपनी कहानी सुनाई। उसने जाने से पहले इब्राहीम को ज़रूरत के समय के लिए अपने दो बाल दिए और कहा राजा की लड़की तक पहुंचने के लिए अंगूठी द्वारा हेशाम देव की सहायता प्राप्त करे उसने ऐसा ही किया। राजा को जब पता चला तो उसने इसका समाधान निकालने के लिए एक बूढ़ी महिला को ज़िम्मेदारी सौंपी। बूढ़ी ने लड़की और महल को एक जंगल में खोज लिया और लड़की को सिखाया कि वह किसी तरह लड़के से यह रहस्य जान ले कि किस प्रकार वह महल को यहां तक लाया है।

सूर्यास्त के बाद, इब्राहीम वापस लौटा और जिस हिरन का उसने शिकार किया था उसके कबाब बनाने का आदेश दिया। उसी समय बूढ़ी महिला वहां पहुंच गई। जैसे ही इब्राहीम ने उस अजनबी को देखा तो लड़की से पूछा यह कौन है और यहां क्यों आई है? लड़की ने कहा कि यह एक बूढ़ी महिला है जो रास्ते में भटक रही थी और आज रात उसने उसे यहां शरण दी है। इब्राहीम यद्यपि राज़ी नहीं था लेकिन उसने इस बात की अनुमति दे दी कि बूढ़ी रात में वहीं ठहर जाए। उसे रात को भोजन परोसा गया और उसके बाद सोने के लिए एक कमरे में भेज दिया गया। राजा की लड़की ने रात में किसी तरह इब्राहीम ने यह राज़ उगलवा लिया कि यह समस्त चमत्कार अंगूठी का है। लड़की ने अंगूठी को लिया उसे देखा और कमरे में रखकर वे सो गए। लड़की सोने का बहाना करके प्रतीक्षा करने लगी कि इब्राहीम को गहरी नींद आ जाए। जब उसे यक़ीन हो गया कि इब्राहीम सो गया है तो वह उठी और उसने अंगूठी पहनी और कहा, सुलेमान पैग़म्बर की मोहर के हक़ की क़सम, ज़मीन फटी और पांच देव बाहर निकले।

लड़की ने हेशाम देव की ओर देखकर कहा, अगर तूने इस महल को उसके अपने स्थान पर नहीं पलटाया तो मैं तेरे बाप को जला डालूंगी और तुझे नष्ट कर दूंगी। हेशाम और अन्य देव भयभीत थे, उन्होंने इब्राहीम के हाथ पैर बांध दिए और उसे महल से बाहर फेंक दिया और महल को उठाकर ले गए और उसे उसकी जगह पर रख दिया। इस बार जब दुकानदार अपनी दुकानों को खोलने आए तो उन्होंने देखा कि महल अपनी जगह पर है। वे राजा को इसकी सूचना देने के लिए दौड़े। राजा दौड़ा हुआ आया और उसने जब देखा कि उसकी लड़की बिल्कुल स्वस्थ है तो उसने शहर को सजाने का आदेश दिया। लेकिन वह अभी भी भयभीत था इसलिए उसने ज्योतिषि से कहा कि वह इस बात का पता लगाए कि किस प्रकार उसकी लड़की को महल से लेकर गए और पुनः उसे उसकी जगह पलटा दिया। ज्योतिषि ने अपना हिसाब लगाकर बताया कि यह काम देव और परी का है। अगर 100 बार भी महल को वापस लेकर आया जाएगा तो देव और परी उसे वापस ले जायेंगे।

अब आगे इब्राहीम, देव और परी के बारे में सुनिए। कुत्ते और बिल्ली ने जब देखा कि देवों ने उनके मालिक को बांधकर बाहर फेंक दिया है और उड़कर चले गए हैं तो वे शहर की ओर दौड़े, उन्होंने देखा कि चूहों ने बड़े से टीले में छेद कर दिया है और अपने लिए एक बड़ा शहर बसा लिया है। बिल्ली ने कुत्ते की ओर देखकर कहा, हमारा शहर में जाना ठीक नहीं है, जैसे ही हम शहर में जायेंगे तो बच्चे हमें ईंट पत्थर मारेंगे। आओ उन चूहों से कहते हैं कि यह जायें और अंगूठी लेकर आ जायें। कुत्ते ने बात मान ली और दोनों ने चूहों के बिलों को खोदना शुरू कर दिया और कई कई चूहों को पकड़कर खाना शुरू कर दिया। चूहों ने तुरंत ही अपने राजा को सूचित किया और उससे मदद मांगी। राजा ने कुछ चूहों को कुत्ते और बिल्ली के पास भेजा कि उनसे पूछें कि वे क्या चाहते हैं। बिल्ली और कुत्ते ने चूहों के राजा को पूरी बात बताई। राजा ने चूहों को आदेश दिया कि शहर में जायें और अंगूठी को खोजकर ले आएं। दो चूहों के अलावा समस्त चूहे शहर चले गए, जो चूहे नहीं जा पाए थे उनमें से एक अंधा था और दूसरा लंगड़ा। लंगड़े चूहे ने अंधे चूहे से कहा कि बेहतर है साथ में चलें। वे दोनों एक साथ चल दिये।

अंतत: चलते चलते शहर पहुंच गए।

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