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रूपया 72 पार, बेरोज़गारी उच्चतम स्तर पर, GDP गड्ढे में…भारत माता की जय, वंदे मातरम पाकिस्तान को सबक़ सिखा कर रहेंगे!

कश्मीर भारत के बटवारे के बाद से ही भारत और पाकिस्तान की चक्की में पिसता रहा है, भारत इसे अपना कहता है, पाकिस्तान अपना बताता है रह गए कश्मीरी तो उनके लिए गोलियों, लाठियों, जेलों की कमी नहीं है, भारत ने अपने कब्ज़े वाले कश्मीर से 370 और 35A को हटा दिया है जिसके बाद से ही वहां की कुल आबादी जोकि 80 लाख बतायी जाती है की कोई ख़ैर ख़बर किसी को नहीं है, पूरा कश्मीर खुली जेल बन चुका है, हज़ारों लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, वहां हो क्या रहा है यह दिल्ली का राष्ट्रवादी संघी मीडिया नहीं बताता है, केवल सरकारी बयान और सरकारी वक्तव्य ही समाचार रह गए हैं, विदेशी मीडिया बीबीसी, CNN, अलजजीरा, वाशिंगटन पोस्ट, न्यूयोर्क टाइम्स आदि से ही कुछ ख़बरें मिल पा रही हैं जिन्हें भारतीय अधिकारी रद्द कर देते हैं

दूसरी तरफ सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था पर जीडीपी के आंकड़ों ने मुहर लगा दी है। बैंकों का मर्जर करने में जुटी मोदी सरकार को आस थी कि इससे कुछ हालत ठीक होंगें। मगर वित्त मंत्री की प्रेस कांफ्रेंस ख़त्म होते ही जीडीपी के आंकड़े गए। जिसमें ये बात सामने आई कि अब भारत की आर्थिक विकास दर (GDP) तकरीबन 6 साल के निचले स्‍तर पर पहुँच गई है।

दरअसल चालू वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट गिरकर ​महज 5 फीसदी रह गई है।

देश की GDP 6 साल के सबसे निचले स्तर पर, पंखुड़ी बोलीं- इसी ‘अच्छे दिन’ का इंतज़ार था ?
इससे पहले ​मार्च तिमाही में जीडीपी 5.80 फीसदी रही थी। जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही विकास दर 8 फीसदी दर्ज की गई थी। मौजूदा जीडीपी बीते 25 तिमाहियों मतलब कि पिछले 6 साल से अधिक वक़्त में ये सबसे कम जीडीपी ग्राथ रेट है।

वहीं अगर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट और एग्रीकल्चर सेक्टर में सुस्ती ने देश की जीडीपी ग्रोथ को जोरदार झटका दिया है। इससे पहले, 2012-13 की अप्रैल-जून तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 4.9 फीसदी के निचले स्तर दर्ज की गई थी।

5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की खुली पोल! भारत की GDP ग्रोथ रेट 5.8% से घटकर 5% हुई
मगर मीडिया अभी मंदिर-मस्जिद और हिंदुस्तान-पाकिस्तान के मुद्दों से ही वक़्त नहीं निकाल पा रहा है। इस मामले पर पत्रकार विनोद कापड़ी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा,

Vinod Kapri

@vinodkapri
समस्या :

रूपया 72 पार
जीडीपी 5%
सोना 40000 पार
बेरोज़गारी सबसे उच्चतम स्तर पर
रिएल एस्टेट सबसे ख़राब दौर में
उद्योग बंद हो रहे हैं
नौकरियाँ लगातार जा रही है

समाधान :

पाकिस्तान को सबक़ सीखा कर रहेंगे
भारत माता की जय
वंदे मातरम
जय श्री राम

समस्या : रूपया 72 पार, जीडीपी 5%, सोना 40000 पार, बेरोज़गारी सबसे उच्चतम स्तर पर, रिएल एस्टेट सबसे ख़राब दौर में, उद्योग बंद हो रहे हैं, नौकरियाँ लगातार जा रही है।

Taxidriver
@Taxidri45445769

अचछा
गोदी मीडिया के
पत्रकार ये कह रहे कि

“मोदी को देखो
मंदी ना देखो”
मतलब मंदी नही है?

तब
मोदी सरकार ने
RBI के रिजर्व कोटे मे सेंध क्यो लगाई?

और तो और
वित्तमंत्री सीतारमण को ही नही पता कि पैसा खर्च कहां होगा??

हे भगवान
देश की ईज्जत ना लुट जाये कहीं ?

@BhootSantosh @RiituS

Ashraf Hussain
@AshrafFem

नोटबन्दी याद है?
रातो रात लोग लाइन में खड़े हो गए,
महीनों ये चलता रहा, सैकड़ों जाने गयी,
आज असम के लोग फिर वही दौर
देखने को मजबूर होंगे,
कभी इस दर कभी उस दर,
कभी इस डॉक्यूमेंट के लिये,
कभी उस पेपर के लिए,
अपील करने तक हर दम डर के साये में।
धर्म मत देखिए, सब हैं इसमें।
#BoycottNRC

पिंकू शुक्ला
@shuklapinku
सोने का भाव छ: महीने पहले 32000 प्रति दस ग्राम था वो अब 40 हजार प्रति दस ग्राम हो गया है अगर मंदी है है तो ये भाव कैसे बढ़ रहे है ?

सोने की मांग में इजाफा क्यों हो रहा है और जब पूरा विश्व आर्थिक मंदी से जूझ रहा है तो इंडिया इससे कैसे अछूता रह सकता है।

Subramanian Swamy
@Swamy39
I have now a solid hint that if India agrees to to defend Afghanistan against terrorists like Taliban, and thus allow US to withdraw its troops, then US will side with India in taking back PoK

आचार्य ?????
@__GuruJi
आपका नाम नहीं जानता

आपने देश में रहने वालों की सूची में नाम नहीं आने के डर से आत्महत्या कर ली

देश कितना डरावना बनता जा रहा है

उसे तो माँ की सूरत जैसा होना चाहिए था

कौन है जो देश की ऐसी सूरत बना रहा है जिसे देखकर जीवन का सारा रस सूख जाता है?

#BoycottNRC

समाधान : पाकिस्तान को सबक़ सीखा कर रहेंगे। भारत माता की जय, वंदे मातरम, जय श्री राम।

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